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BPSC TRE 4.0
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा (Constituent Assembly) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना (1946) के प्रस्तावों के आधार पर किया गया था, जिसमें कुल 389 सदस्यों का प्रावधान था, और इसमें ब्रिटिश प्रांतों के 292 प्रतिनिधि, रियासतें (Princely States) के 93 प्रतिनिधि तथा मुख्य कमिश्नरी क्षेत्रों के 4 प्रतिनिधि शामिल थे।
- 2. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग लिया था और डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सभा का अस्थायी अध्यक्ष (Provisional President) चुना गया था, जबकि बाद में 11 दिसंबर 1946 को डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को इसका स्थायी अध्यक्ष निर्वाचित किया गया था।
- 3. संविधान सभा के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया था, जिसमें सरदार वल्लभभाई पटेल प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष थे, जबकि डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष थे जिसमें उनके अलावा छह अन्य सदस्य शामिल थे।
- 4. संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को पूरी तरह से तैयार करने में कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था, तथा 26 नवंबर 1949 को इसे अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया था, जिसमें उस समय कुल 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और 22 भाग थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 2 असत्य है क्योंकि 9 दिसंबर 1946 की प्रथम बैठक में डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष (Provisional President) बनाया गया था और मुस्लिम लीग ने इसका बहिष्कार किया था, जबकि डॉ. राजेंद्र प्रसाद को 11 दिसंबर 1946 को स्थायी अध्यक्ष चुना गया था। ऐसी ही अन्य महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्रियों के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
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जीव जगत के पाँच जगत वर्गीकरण (Five-Kingdom Classification) के संदर्भ में मोनेरा जगत (Kingdom Monera) की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मोनेरा जगत के अंतर्गत सभी प्रोकैरियोटिक जीव (Prokaryotes) शामिल किए जाते हैं, जिनमें वास्तविक केंद्रक (True nucleus) और झिल्ली-बद्ध कोशिकांग (Membrane-bound organelles) का अभाव होता है तथा इनकी कोशिका भित्ति मुख्य रूप से पेप्टिडoglycan (पेप्टिडोग्लाइकोन) की बनी होती है।
2. इस जगत के जीवों में आनुवंशिक पदार्थ कुण्डलित डीएनए के रूप में कोशिकाद्रव्य में स्वतंत्र रूप से बिखरा रहता है जिसे 'न्यूक्लिऑइड' (Nucleoid) कहा जाता है, तथा इनमें स्टोन प्रोटीन (Histone proteins) अनुपस्थित होते हैं।
3. मोनेरा जगत के अंतर्गत आने वाले सायनोबैक्टीरिया (नीले-हरे शैवाल) प्रकाशसंश्लेषी प्रोकैरियोट्स होते हैं, जिनमें क्लोरोफिल-ए पाया जाता है और ये वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण (Nitrogen fixation) करने में सक्षम होते हैं।
4. माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma) इसी जगत के अंतर्गत आने वाले सबसे छोटे जीव हैं, जिन्हें 'PPLO' भी कहा जाता है, और इनमें कठोर कोशिका भित्ति पूर्णतः अनुपस्थित होने के कारण ये अपना आकार बदलने में सक्षम होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार आर्थिक सर्वेक्षण एवं राज्य के नवीनतम बजट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हालिया बिहार आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था में प्राथमिक क्षेत्र (कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां) का हिस्सा द्वितीयक क्षेत्र की तुलना में अभी भी सबसे अधिक है और राज्य की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से कम दर्ज की गई है।
2. राज्य के बजट में जीविका (Jeevika) कार्यक्रम और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 'सतत जीविकोपार्जन योजना' के तहत वित्तीय आवंटਨ में वृद्धि की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य अत्यधिक गरीब परिवारों को आजीविका के स्थायी साधन प्रदान करना है।
3. बिहार सरकार के हालिया बजट प्रावधानों के अनुसार, कुल बजट व्यय का सबसे बड़ा हिस्सा 'सामान्य सेवाओं' (General Services) पर खर्च किया जाता है, जबकि 'सामाजिक सेवाओं' (Social Services) जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य पर होने वाला व्यय इसके बाद दूसरे स्थान पर आता है।
4. बिहार सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए राजकोषीय घाटे के अनुमान के अनुसार, राज्य का राजकोषीय घाटा निर्धारित राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम की सीमाओं (सामान्यतः GSDP का 3 प्रतिशत या उससे अनुमत अतिरिक्त सीमा) के भीतर नियंत्रित रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के विभिन्न प्रावधानों और उनके ऐतिहासिक या भौगोलिक स्रोतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान में निहित 'राज्य के नीति निर्देशक तत्व' (Directive Principles of State Policy - DPSP) का विचार मुख्य रूप से आयरलैंड के संविधान से लिया गया है, जिसने स्वयं इसे स्पेन के संविधान से प्रेरणा लेकर अपनाया था, और संविधान के भाग IV में अनुच्छेद 36 से 51 तक इनका विस्तार है।
2. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ शामिल थीं, जिन्हें समय-समय पर विभिन्न संविधान संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें संशोधन) द्वारा बढ़ाया गया, और वर्तमान में इस अनुसूची में कुल 22 मान्यता प्राप्त भाषाएँ दर्ज हैं।
3. भारत में स्थानीय स्वशासन और नगरीकरण (Urbanization) को संवैधानिक दर्जा प्रदान करने के लिए 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के द्वारा संविधान में 'भाग IX-क' जोड़ा गया, जिसके तहत संविधान में एक नई 'बारहवीं अनुसूची' जोड़ी गई जिसमें नगरपालिकाओं की प्रशासनिक शक्तियों और उत्तरदायित्वों से संबंधित कुल 18 कार्यात्मक विषय (Functional Items) सूचीबद्ध किए गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव शरीर में हॉर्मोन्स, अंतःस्रावी ग्रंथियों (Endocrine Glands) और उनके द्वारा स्रावित रासायनिक संदेशवाहकों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पीयूष ग्रंथि (Pituitary Gland) को 'मास्टर ग्रंथि' कहा जाता है क्योंकि यह अन्य अंतःस्रावी ग्रंथियों के कार्यों को नियंत्रित करती है, तथा इसका हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) के साथ सीधा तंत्रिका एवं हॉर्मोनल संबंध होता है।
2. थायराइड ग्रंथि द्वारा स्रावित 'थायरोक्सिन' हॉर्मोन के संश्लेषण के लिए आयोडीन अनिवार्य होता है, जिसकी कमी से वयस्कों में 'मिक्सोएडिमा' या गॉइटर (घेंघा) तथा बच्चों में 'क्रीटिनिज़्म' (Cretinism) नामक विकार उत्पन्न हो जाता है।
3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal Gland) के मेडुला भाग से 'एपिनेफ्रीन' या 'नॉरएपिनेफ्रीन' हॉर्मोन स्रावित होता है, जिसे 'लड़ो या डरो' (Fight or Flight) हॉर्मोन कहा जाता है, क्योंकि यह आपातकालीन परिस्थितियों में शरीर को त्वरित ऊर्जा प्रदान करता है।
4. अग्न्याशय (Pancreas) की लैंगरहैंस की द्वीपिकाओं (Islets of Langerhans) की अल्फा कोशिकाएँ 'इंसुलिन' हॉर्मोन का स्रावण करती हैं, जो रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करता है और इसकी कमी से 'डाइबीटीज़ मेलिटस' रोग हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मौर्य कालीन प्रशासन और अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्य प्रशासन में 'अध्यक्ष' विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी होते थे, जिनका मुख्य कार्य आर्थिक गतिविधियों का नियमन करना और राज्य के लिए राजस्व एकत्र करना था, जैसे 'शूल्काध्यक्ष' व्यापारिक करों की वसूली करता था और 'सीताध्यक्ष' कृषि विभाग की देखरेख करता था।
2. मेगस्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार, मौर्य साम्राज्य में भूमि का स्वामित्व सम्राट के पास होता था, और राजा कुल उपज का एक-चौथाई से एक-तिहाई भाग कर (भाग) के रूप में वसूलता था, तथा सिंचाई की सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य द्वारा 'सेतुबंध' का निर्माण कराया जाता था।
3. मौर्योत्तर काल (विशेषकर सातवाहन और कुषाण काल) में स्वर्ण सिक्कों का बड़े पैमाने पर प्रचलन शुरू हुआ, जिसमें कुषाणों के 'दीनार' शुद्ध सोने के सिक्के थे, जबकि सातवाहनों ने मुख्य रूप से 'सीस' (Lead) और 'प्राकृत' मिश्रित धातुओं के सिक्के चलाए।
4. मौर्य काल में व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा और आवागमन को सुगम बनाने के लिए 'ार्थशास्त्र' में 'पथ' और 'यानपथ' का उल्लेख मिलता है, तथा विदेशों के साथ व्यापार मुख्य रूप से भरूच (भृगुकच्छ) और ताम्रलिप्ति बंदरगाहों के माध्यम से होता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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