त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
18 views
मानव प्रजातियों (Human Races) के वर्गीकरण और उनके शारीरिक तथा भौगोलिक लक्षणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ग्रिफ़िथ टेलर (Griffith Taylor) द्वारा प्रतिपादित 'प्रवास कटिबंध सिद्धांत' (Migration Zone Theory) के अनुसार, मानव जातियों की उत्पत्ति एशिया के मध्य भाग में हुई थी और सबसे पहले विकसित होने वाली 'प्रिमिटिव' (प्राचीन) प्रजातियाँ प्रवास के कारण सबसे बाहरी परिधीय क्षेत्रों (जैसे ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी) में पहुँच गईं, जबकि सबसे बाद में विकसित होने वाली नवीन प्रजातियाँ केंद्रीय क्षेत्रों में ही रहीं।
- 2. शारीरिक लक्षणों के आधार पर नॉर्डिक (Nordic) प्रजाति के लोगों की मुख्य विशेषता लंबी खोपड़ी (Dolichocephalic), नीली आँखें, हल्के रंग के बाल और लंबा कद होती है, और यह प्रजाति मुख्य रूप से उत्तर और उत्तर-पश्चिम यूरोप के क्षेत्रों में पाई जाती है।
- 3. मंगोलियाई (Mongoloid) प्रजाति के लोगों में एपिकैंथिक फोल्ड (Epicanthic fold) आँखें, चपटा चेहरा, सीधी व काले रंग की बाल और मध्यम कद जैसी विशेषताएँ पाई जाती हैं, जिनका मूल निवास क्षेत्र एशिया का मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भाग है।
- 4. ऑस्ट्रोलाइड (Australoid) प्रजाति के लोगों में घुंघराले बाल, चौड़ी नाक (Platyrrhine), और गहरी त्वचा का रंग पाया जाता है, और यह प्रजाति केवल अफ्रीकी महाद्वीप तक ही सीमित है, एशिया के भारतीय उपमहाद्वीप की जनजातियों में इसका कोई अवशेष नहीं मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
मानव भूगोल में ग्रिफ़िथ टेलर का 'प्रवास कटिबंध सिद्धांत' (Migration Zone Theory) यह बताता है कि किस प्रकार जलवायु परिवर्तनों के कारण विभिन्न प्रजातियों का मध्य एशिया से प्रवासन हुआ। इसके अनुसार सबसे प्राचीन प्रजातियाँ (जैसे नेग्रिटो और ऑस्ट्रोलाइड) परिधीय क्षेत्रों में विस्थापित हुईं। ऑस्ट्रोलाइड प्रजाति केवल अफ्रीका तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय उपमहाद्वीप की कई आदिवासी और जनजातीय आबादी (जैसे मध्य और दक्षिण भारत की जनजातियाँ) में भी ऑस्ट्रोलाइड तत्व पाए जाते हैं, अतः कथन 4 असत्य है। अन्य सभी कथन (1, 2 और 3) मानव प्रजातियों के भौगोलिक वितरण और उनकी शारीरिक विशेषताओं के संबंध में पूर्णतः सत्य हैं। इस प्रकार के महत्वपूर्ण और विश्लेषणात्मक भूगोल के प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
Related Questions
→
भारत में अंग्रेजी शासनकाल का सबसे भयंकर अकाल किस दौरान पड़ा?
→
किसी वस्तु का संवेग दोगुना करने पर उसकी गतिज ऊर्जा कितनी हो जाएगी?
→
भारत में प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन, आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) तथा संस्थागत संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के अंतर्गत गठित 'राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण' (NDMA) के पदेन अध्यक्ष देश के प्रधानमंत्री होते हैं, और यह संस्था आपदा प्रबंधन के प्रति 'प्रतिक्रियात्मक' (Reactive) दृष्टिकोण के स्थान पर 'निवारक, पूर्ववर्ती एवं जोखिम-सूचित' (Proactive and Prevention-oriented) दृष्टिकोण को बढ़ावा देती है।
2. 'सेंडाई फ्रेमवर्क फॉर डिजास्टर रिस्क रिडक्शन' (2015-2030) के वैश्विक लक्ष्यों के तहत वर्ष 2030 तक वैश्विक मानव मृत्यु दर को कम करने के साथ-साथ आपदाओं के कारण बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान और आर्थिक क्षति में भारी कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
3. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) द्वारा आपदा जोखिम को कम करने के लिए ग्रामीण स्तर पर 'आपदा मित्र' और 'आपदा सखी' जैसी सामुदायिक प्रशिक्षण योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका उद्देश्य बाढ़ और वज्रपात जैसी आपदाओं से निपटने के लिए स्थानीय स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित करना है।
4. भारत में किसी भी आपदा के पश्चात राहत कार्यों के लिए उपयोग की जाने वाली 'राज्य आपदा मोचन निधि' (SDRF) का शत-प्रतिशत वित्त पोषण पूरी तरह से राज्य सरकारों द्वारा अपने आंतरिक कर राजस्व से किया जाता है, तथा इसमें केंद्र सरकार की कोई वित्तीय भागीदारी नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 के संबंध में कौन से कथन सही हैं?
→
भारतीय संविधान की उद्देशिका (प्रस्तावना) तथा संघ एवं राज्य क्षेत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारतीय संविधान की उद्देशिका को अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संशोधित किया गया है, जिसके तहत इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे, और उद्देशिका न्यायालय में गैर-न्यायोज्य (Non-justiciable) है।
2. भारतीय संघ के नए राज्यों के निर्माण या वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन से संबंधित विधेयक (अनुच्छेद 3 के तहत) को संसद में प्रस्तुत करने से पूर्व राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है, और इस प्रकार के विधेयक को पारित करने के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत (Two-thirds majority) का होना अनिवार्य है।
3. संविधान के अनुच्छेद 2 के अंतर्गत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा 'संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना' कर सकती है, जो कि उन बाहरी क्षेत्रों से संबंधित है जो भारतीय संघ का हिस्सा नहीं थे।
4. बेरूबारी यूनियन मामले (1960) में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि भारतीय भू-भाग के किसी हिस्से को विदेशी राज्य को सौंपने (Cession of territory) के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता नहीं होती है, इसे केवल कार्यपालिका के सामान्य आदेश द्वारा ही संपन्न किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.