त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
1 views
उन्नीसवीं और बीसवीं शताब्दी के दौरान बिहार में हुए किसान आंदोलनों एवं सभाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1919-20 में मधुबनी और दरभंगा क्षेत्र में स्वामी विद्यानंद के नेतृत्व में किसानों ने 'रामायण' की चौपाइयों का पाठ कर जमींदारों के अवैध उत्पीड़न, बेगार प्रथा और गो-चर भूमि पर कब्ज़े के खिलाफ एक शक्तिशाली आंदोलन चलाया था।
- 2. वर्ष 1929 में स्वामी सहजानंद सरस्वती द्वारा 'बिहार प्रांतीय किसान सभा' की स्थापना की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जमींदारों द्वारा कृषकों पर किए जा रहे अन्यायों के विरुद्ध कानूनी लड़ाई लड़ना और बेदखली के अधिकारों का विरोध करना था।
- 3. वर्ष 1936 में लखनऊ में आयोजित अखिल भारतीय किसान सभा के पहले सम्मेलन में स्वामी सहजानंद सरस्वती को इसका अध्यक्ष चुना गया था, जबकि एन.जी. रंगा को इसका महासचिव बनाया गया था।
- 4. बकाश्त भूमि (ऐसी भूमि जिसे जमींदारों ने किसानों द्वारा लगान न चुका पाने के कारण छीन लिया था लेकिन जो जोत-कोड़ के अधिकार के अंतर्गत किसानों के पास ही थी) की वापसी के लिए बिहार में 'बकाश्त संघर्ष' चलाया गया, जिसका नेतृत्व मुख्य रूप से प्रांतीय किसान सभा और कार्यानंद शर्मा ने किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। बिहार में किसान आंदोलनों का इतिहास बहुत समृद्ध रहा है। स्वामी विद्यानंद ने उत्तर बिहार (विशेषकर दरभंगा राज) में किसानों को संगठित किया। स्वामी सहजानंद सरस्वती ने 1929 में बिहार प्रांतीय किसान सभा की स्थापना की और 1936 में लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा के प्रथम अध्यक्ष बने। बकाश्त भूमि आंदोलन का नेतृत्व कार्यानंद शर्मा ने किया था। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
परम रूद्र (PARAM Rudra) के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से गलत हैं?
→
‘गुनेरी’ के अंतर्देशीय मैंग्रोव, जिन्हें हाल ही में जैव विविधता विरासत स्थल के रूप में अधिसूचित किया गया है, कहाँ स्थित हैं?
→
प्रकाश के परावर्तन, अपवर्तन तथा पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रकाश सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करता है और आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक हो जाता है, तो प्रकाश का अपवर्तन होने के बजाय वह उसी माध्यम में पूर्णतः परावर्तित हो जाता है, जिसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं, और इसी सिद्धांत पर ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fibre) कार्य करते हैं।
2. किसी लेंस की क्षमता (Power) उसकी फोकस दूरी (Focal Length) के व्युत्क्रमानुपाती होती है, और यदि फोकस दूरी को मीटर में मापा जाए तो लेंस की क्षमता का मात्रक 'डायोप्टर' (Diopter) होता है, जहाँ उत्तल लेंस की क्षमता धनात्मक तथा अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है।
3. जब श्वेत प्रकाश प्रिज्म से होकर गुजरता है, तो विभिन्न रंगों का विचलन (Deviation) अलग-अलग होता है, जिसमें लाल रंग का विचलन सबसे अधिक और बैंगनी रंग का विचलन सबसे कम होता है, क्योंकि लाल रंग की तरंगदैर्ध्य बैंगनी रंग की तुलना में न्यूनतम होती है।
4. तारों का टिमटिमाना (Twinkling of stars) वायुमंडल के विभिन्न परतों के अपवर्तनांक में निरंतर होने वाले उतार-चढ़ाव के कारण प्रकाश के वायुमंडलीय अपवर्तन (Atmospheric Refraction) का एक प्रत्यक्ष परिणाम है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार में कुषाणकालीन खोजों के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
→
बिहार की राजनीति, पंचायत राज संस्थाओं और प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के तहत राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद) को लागू किया गया, तथा बिहार देश का ऐसा पहला राज्य बना जिसने स्थानीय निकायों के चुनावों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण का प्रावधान किया।
2. बिहार के प्रशासनिक परिदृश्य में मुख्यमंत्री सचिवालय के अंतर्गत संचालित 'लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015' एक अभिनव पहल है, जिसके माध्यम से नागरिकों को एक निश्चित समय-सीमा के भीतर सरकारी सेवाओं और विभागों से संबंधित शिकायतों के निवारण का वैधानिक अधिकार प्रदान किया गया है।
3. राज्य में विधानमंडल के उच्च सदन यानी बिहार विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या 75 है, और इसके सदस्यों का निर्वाचन केवल स्नातकों, शिक्षकों, स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों तथा विधानसभा सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के आधार पर होता है, जिसमें राज्यपाल द्वारा कोई मनोनयन नहीं किया जाता है।
4. बिहार में प्रशासनिक नियंत्रण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कुल 9 प्रमंडलों (Divisions) और 38 जिलों का गठन किया गया है, जिसमें सबसे नवीनतम जिला अरवल है, जिसे जहानाबाद जिले को विभाजित करके वर्ष 2001 में बनाया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.