त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
17 views
मोनेरा जगत (Kingdom Monera) के जीवों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मोनेरा जगत के अंतर्गत आने वाले सभी जीव प्रोकैरियोटिक (Prokaryotic) होते हैं, जिनमें सुस्पष्ट केंद्रक (Well-defined nucleus) तथा झिल्लीयुक्त कोशिकांग (Membrane-bound organelles) का अभाव होता है।
- 2. अधिकांश बैक्टीरिया में कोशिका भित्ति (Cell wall) पाई जाती है जो मुख्य रूप से पेप्टिडोग्लाइकान (Peptidoglycan) से बनी होती है, जबकि माइकोप्लाज्मा (Mycoplasma) में कोशिका भित्ति पूरी तरह अनुपस्थित होती है।
- 3. सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) प्रकाशसंश्लेषी प्रोकैरियोट हैं जिनमें क्लोरोफिल-ए पाया जाता है, और कुछ विशिष्ट सायनोबैक्टीरिया जैसे नॉस्टॉक (Nostoc) वायुमंडलीय नाइट्रोजन के स्थिरीकरण के लिए 'हेटरोसिस्ट' (Heterocyst) नामक विशिष्ट कोशिकाओं का उपयोग करते हैं।
- 4. आर्कीबैक्टीरिया (Archaebacteria) अत्यंत प्रतिकूल आवासों जैसे अत्यधिक लवणयुक्त क्षेत्रों (हैलोफाइल्स), गर्म झरनों (थर्मोएसिडोफाइल्स) और दलदली क्षेत्रों (मेथैनोजेन) में जीवित रह सकते हैं, क्योंकि इनकी कोशिका झिल्ली की शाखित लिपिड संरचना इन्हें उच्च तापमान और अम्लीयता से बचाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। जीव जगत के पांच-जगह वर्गीकरण (Five Kingdom Classification) में आर.एच. व्हिटेकर द्वारा मोनेरा जगत को प्रोकैरियोटिक जीवों का एकमात्र समूह माना गया है। मोनेरा में बैक्टीरिया, सायनोबैक्टीरिया और आर्कीबैक्टीरिया शामिल हैं। इनकी कोशिका भित्ति, श्वसन तंत्र और आनुवंशिक सामग्री की अपनी विशिष्ट विशेषताएं होती हैं। अधिक तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के अध्ययन पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
ब्रिटिश भारत में आधुनिक शिक्षा प्रणाली के विकास के क्रम में, वर्ष 1917 में गठित 'सैडलर विश्वविद्यालय आयोग' (Sadler University Commission) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस आयोग का मुख्य उद्देश्य कलकत्ता विश्वविद्यालय की समस्याओं की जाँच करना था, लेकिन इसकी संस्तुतियाँ देश के अन्य विश्वविद्यालयों पर भी लागू की गईं।
2. आयोग ने यह सिफारिश की थी कि विश्वविद्यालय के स्तर को सुधारने के लिए माध्यमिक शिक्षा (Secondary Education) और स्कूली शिक्षा में सुधार करना आवश्यक है, जिसके परिणामस्वरूप अंततः प्रांतीय सरकारों को शिक्षा का नियंत्रण हस्तांतरित कर दिया गया।
3. इसी आयोग की अनुशंसा के आधार पर देश में पहली बार 'अंतर्विश्वविद्यालय बोर्ड' (Inter-University Board) की स्थापना की गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार की नदियाँ, जलवायु एवं कृषि पद्धतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की जलवायु मुख्य रूप से मानसूनी प्रकार की है, जहाँ उत्तर-पश्चिम में स्थित सोमेश्वर और दून की पहाड़ियों के आसपास सर्वाधिक वर्षा होती है, जबकि दक्षिण-मध्य बिहार का क्षेत्र (जैसे गया, औरंगाबाद) वर्षा छाया क्षेत्र और अत्यधिक तापीय तापांतर के कारण शुष्क रहता है।
2. उत्तर बिहार की प्रमुख नदियाँ (जैसे कोसी, गंडक, बागमती) हिमालयी नदियाँ होने के कारण सदाबहार हैं और अपने मार्ग परिवर्तन तथा अत्यधिक गाद (Silt) जमा करने के लिए कुख्यात हैं, जबकि दक्षिण बिहार की नदियाँ (जैसे सोन, पुनपुन, किउल) प्रायद्वीपीय पठार से निकलती हैं और मानसूनी वर्षा पर निर्भर होने के कारण ग्रीष्मकाल में प्रायः सूख जाती हैं।
3. बिहार की कृषि पद्धतियों में 'धान-गेहूं-मक्का' फसल चक्र प्रमुख है, किंतु कृषि रोड मैप (Agriculture Roadmap) के अंतर्गत राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों (जैसे पूर्णिया, कटिहार) में मखाने की वैज्ञानिक खेती और दक्षिण-पश्चिम पठारी क्षेत्रों (रोहतास, कैमूर) में 'परंपरागत शून्य जुताई' (Zero Tillage) तकनीक को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है।
4. बिहार में बाढ़ और सूखे की दोहरी समस्या से निपटने के लिए दक्षिण बिहार की सोन और पुनपुन नदियों को जोड़ने वाली 'सोन-गंगा जल संभरण लिंक नहर परियोजना' सबसे बड़ी सिंचाई योजना है, जिसके तहत उत्तर बिहार की अतिरिक्त बाढ़ के पानी को दक्षिण बिहार के सूखाग्रस्त खेतों तक पहुँचाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
निम्नलिखित में से किस मुगल शासक ने सबसे अधिक समय तक शासन किया?
→
यांत्रिकी (Mechanics) के अंतर्गत बल, गति, और ऊर्जा के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब कोई वस्तु वृत्ताकार मार्ग पर एकसमान चाल से गति करती है, तो उस पर कार्य करने वाला अभिकेंद्र बल (Centripetal Force) वस्तु द्वारा तय किए गए वृत्त के केंद्र की ओर निर्देशित होता है, किंतु यह बल वस्तु द्वारा किया गया कार्य शून्य (Zero Work) होता है क्योंकि विस्थापन की दिशा हमेशा अभिकेंद्र बल के लंबवत होती है।
2. प्रत्यास्थ टक्कर (Elastic Collision) के मामले में न केवल रैखिक संवेग (Linear Momentum) संरक्षित रहता है, बल्कि कुल गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) भी पूर्ण रूप से संरक्षित रहती है, और इसमें प्रयुक्त प्रत्यास्थता गुणांक (Coefficient of Restitution, e) का मान ठीक शून्य होता है।
3. किसी वस्तु का जड़त्व आघूर्ण (Moment of Inertia) केवल उसके द्रव्यमान पर निर्भर करता है, तथा घूर्णन अक्ष (Axis of Rotation) की स्थिति बदलने पर भी वस्तु के जड़त्व आघूर्ण के मान में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
4. सरल आवर्त गति (Simple Harmonic Motion) करने वाले किसी कण की कुल ऊर्जा उसके विस्थापन के साथ लगातार बदलती रहती है, तथा जब कण अपने माध्य स्थिति (Mean Position) पर होता है, तब उसकी स्थितिज ऊर्जा अधिकतम और गतिज ऊर्जा न्यूनतम होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
‘KaWaChaM’ आपदा जोखिम चेतावनी प्रणाली किस राज्य में शुरू की गई है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.