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BPSC TRE 4.0
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उन्नीसवीं शताब्दी के उत्तरार्ध और बीसवीं शताब्दी के आरंभ में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान ब्रिटिश आर्थिक नीतियों के प्रभावों के संबंध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. दादाभाई नौरोजी ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'पावर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया' में 'धन की निकासी' (Drain of Wealth) के सिद्धांत का प्रतिपादन किया था, जिसके तहत उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत की राष्ट्रीय आय का एक बड़ा हिस्सा बिना किसी आर्थिक प्रतिफल के ब्रिटेन जा रहा है, जिसका उपयोग प्रशासनिक और सैन्य खर्चों के साथ-साथ होम चार्जेस (Home Charges) की पूर्ति के लिए किया जा रहा था।
- 2. वर्ष 1905 के स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा मिला, जिसके तहत ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार के साथ-साथ देश में स्देशी उद्योगों, बैंकों, बीमा कंपनियों और वस्त्र मिलों की स्थापना पर जोर दिया गया, और इसी क्रम में पी.सी. रे द्वारा बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल वक्र्स की स्थापना की गई।
- 3. ब्रिटिश भारत में रेलवे के तीव्र विकास का मुख्य उद्देश्य भारतीय कृषि और आंतरिक व्यापार का आधुनिकीकरण करना था, ताकि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके और अकाल के समय खाद्य सामग्री का त्वरित वितरण किया जा सके।
- 4. आर.सी. दत्त (Romesh Chunder Dutt) ने अपनी पुस्तक 'इकोनॉमिक हिस्ट्री ऑफ इंडिया' में ब्रिटिश भू-राजस्व नीतियों (विशेषकर स्थायी बंदोबस्त और रैयतवाड़ी व्यवस्था) की तीव्र आलोचना करते हुए यह दर्शाया कि इन नीतियों के कारण भारतीय कृषि का वाणिज्यीकरण तो हुआ, किंतु किसानों की क्रय शक्ति घटने के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह हो गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। दादाभाई नौरोजी ने 'धन की निकासी' सिद्धांत के माध्यम से ब्रिटिश लूट का पर्दाफाश किया। आर.सी. दत्त ने अपनी पुस्तक में ब्रिटिश भू-राजस्व नीतियों के दुष्प्रभावों का सजीव चित्रण किया। स्वदेशी आंदोलन के दौरान पी.सी. रे ने बंगाल केमिकल की स्थापना की थी। वहीं, कथन 3 असत्य है क्योंकि भारत में रेलवे का तीव्र विकास मुख्य रूप से ब्रिटिश पूंजीपतियों के हितों, कच्चे माल को बंदरगाहों तक पहुँचाने और ब्रिटिश औपनिवेशिक वस्तुओं को भारतीय बाजारों में खपाने के सामरिक एवं वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए किया गया था, न कि भारतीय किसानों के कल्याण के लिए। ऐसे महत्वपूर्ण और परीक्षा-उपयोगी ऐतिहासिक प्रश्नों का निरंतर अभ्यास करने के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर जा सकते हैं।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना कब हुई थी?
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बिहार के कृषि उद्योग, व्यापार और आधारभूत संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन (वस्त्र एवं चर्म नीति)-2022 के तहत वस्त्र (Textiles) और चमड़ा (Leather) क्षेत्रों को 'सर्वोच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र' (Priority Sectors) के रूप में घोषित किया गया है, तथा निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी और रोजगार सृजन अनुदान प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
2. राज्य में कृषि-आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए 'बिहार राज्य खाद्य प्रसंस्करण नीति' के तहत संयंत्र और मशीनरी के क्रय पर पूंजी निवेश अनुदान देने की व्यवस्था की गई है।
3. आधारभूत संरचना के विकास के लिए 'बिहार लॉजिस्टिक्स नीति' के तहत पटना, बेगूसराय और गया में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्कों की स्थापना को मंजूरी दी गई है, ताकि राज्य से कृषि उत्पादों और औद्योगिक वस्तुओं के परिवहन को सुगम बनाया जा सके।
4. भागलपुर को पारंपरिक रूप से 'सिल्क सिटी' के रूप में जाना जाता है, जहाँ उत्पादित होने वाले टस्सर सिल्क को भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्रदान किया गया है, और यह शहर राज्य से रेशम उत्पादों के निर्यात का एक प्रमुख केंद्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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