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भारतीय संविधान के आपात उपबंधों और संविधान संशोधन प्रक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने के एक माह के भीतर विशेष बहुमत द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है, तथा इसे अनिश्चित काल तक जारी रखने के लिए प्रत्येक छह माह पर संसद की स्वीकृति लेनी पड़ती है।
  2. 2. राष्ट्रपति शासन (अनुच्छेद 356) की अधिकतम अवधि तीन वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है, किंतु इसके एक वर्ष से आगे विस्तार के लिए यह आवश्यक है कि पूरे देश में या संबंधित राज्य के पूरे क्षेत्र में राष्ट्रीय आपातकाल लागू हो तथा निर्वाचन आयोग यह प्रमाणित करे कि उस राज्य में विधानसभा के चुनाव कराना इस समय संभव नहीं है।
  3. 3. संविधान के भाग XX के अंतर्गत अनुच्छेद 368 में संविधान संशोधन की दो प्रकार की पद्धतियों का उल्लेख किया गया है, किंतु संघीय व्यवस्था से जुड़े मामलों में आधे से अधिक राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से अनुसमर्थन (Ratification) की आवश्यकता होती है।
  4. 4. वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) के दौरान राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों सहित सभी संघ और राज्य के कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में कटौती का आदेश दे सकते हैं, और इस उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा दो महीने के भीतर अनुमोदित करना होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि 44वें संविधान संशोधन (1978) के बाद राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा जारी होने के एक माह के भीतर नहीं, बल्कि एक महीने (30 दिन) के भीतर विशेष बहुमत द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य किया गया है (मूल रूप से यह अवधि 2 माह थी)। कथन 2 सत्य है; राष्ट्रपति शासन को अधिकतम 3 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है और 1 वर्ष से आगे बढ़ाने के लिए दो शर्तें (अनुच्छेद 356(5)) पूरी होनी आवश्यक हैं: राष्ट्रीय आपातकाल का प्रभाव होना और चुनाव आयोग का यह प्रमाण पत्र कि चुनाव कराना असंभव है। कथन 3 असत्य है क्योंकि अनुच्छेद 368 के तहत राज्यों के अनुसमर्थन के लिए राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत नहीं, बल्कि साधारण बहुमत की आवश्यकता नहीं होती बल्कि आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत (Simple Majority) से अनुसमर्थन चाहिए होता है, किंतु कथन में त्रुटि यह है कि प्रक्रिया संशोधन के लिए संसद का विशेष बहुमत और आधे राज्यों का अनुसमर्थन आवश्यक है। कथन 4 सत्य है, वित्तीय आपातकाल (अनुच्छेद 360) के तहत वेतन कटौती की जा सकती है और इसे 2 महीने में अनुमोदित करना होता है। अधिक विस्तृत अध्ययन और बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा की संपूर्ण तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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