त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
1 views
सुभाषचंद्र बोस और भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. सिंगापुर में 'आज़ाद हिंद सरकार' (अरगै हुकूमत-ए-आद हिंद) की स्थापना अक्टूबर 1943 में की गई थी, और इसी सरकार को सबसे पहले जापान, जर्मनी तथा इटली सहित कुल नौ धुरी राष्ट्रों ने आधिकारिक मान्यता दी थी।
- 2. सुभाषचंद्र बोस ने मार्च 1944 में आई.एन.ए. के सैनिकों के साथ मिलकर भारतीय मुख्य भूमि पर आक्रमण किया और मणिपुर के मोइरंग में आज़ाद हिंद फौज का तिरंगा झंडा फहराया, जहाँ INA का मुख्यालय अस्थायी रूप से स्थापित किया गया था।
- 3. वर्ष 1945 के अंत और 1946 के आरंभ में लाल किले (Red Fort) में आज़ाद हिंद फौज के अधिकारियों—जनरल शाहनवाज खान, प्रेम सहगल और गुरुदयाल सिंह ढिल्लों—के ऊपर चले ऐतिहासिक मुकदमे में बचाव पक्ष के प्रमुख वकीलों की टीम का नेतृत्व भूलाभाई देसाई ने किया था, जिसमें तेज बहादुर सप्रू, जवाहरलाल नेहरू और कटाजू भी शामिल थे।
- 4. आई.एन.ए. के भीतर गठित 'झाँसी की रानी रेजिमेंट' का नेतृत्व कैप्टन लक्ष्मी सहगल द्वारा किया गया था, जो कि आज़ाद हिंद फौज की एक पूर्ण महिला लड़ाकू इकाई थी और इसे विशेष रूप से बर्मी मोर्चे पर तैनात किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के सभी कथनों का विश्लेषण इस प्रकार है: कथन 1 सत्य है क्योंकि 21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में सुभाषचंद्र बोस ने 'आज़ाद हिंद सरकार' की घोषणा की थी जिसे धुरी राष्ट्रों ने मान्यता दी थी। कथन 2 असत्य है क्योंकि मोइरंग में झंडा फहराया गया था और यह INA का प्रतीक स्थल बना, किंतु मुख्य मुख्यालय रंगून (बर्मा) में था, न कि मोइरंग में अस्थायी मुख्यालय के रूप में संचालित। कथन 3 सत्य है, लाल किले के मुकदमों में बचाव पक्ष के वकीलों के दल के मुख्य नेता भूलाभाई देसाई थे। कथन 4 सत्य है, कैप्टन लक्ष्मी सहगल ने 'झाँसी की रानी रेजिमेंट' का नेतृत्व किया था जो महिला इकाई थी। ऐसी उच्च स्तरीय तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के अध्ययन सामग्री का उपयोग करें।
Related Questions
→
शीत ऋतु में तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में वर्षा होने का कारण है
→
असहयोग आंदोलन (1920-22) और उसके स्थगन के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नागपुर अधिवेशन (दिसंबर 1920) में असहयोग आंदोलन के प्रस्ताव की पुष्टि की गई तथा इसी अधिवेशन में कांग्रेस के संविधान में परिवर्तन कर 'शांतिपूर्ण और वैध साधनों' द्वारा 'स्वराज्य' प्राप्ति के लक्ष्य को स्वीकार किया गया।
2. आंदोलन के दौरान बिहार में स्वामी विद्यानंद ने किसानों के आंदोलन का नेतृत्व किया, जबकि चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने न्यायालयों का बहिष्कार करते हुए अपनी वकालत छोड़ दी थी।
3. 5 फरवरी 1922 को गोरखपुर जिले के चौरी-चोरा नामक स्थान पर हुई हिंसक घटना के कारण महात्मा गांधी ने बारदौली में कांग्रेस की बैठक बुलाकर असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की घोषणा कर दी थी।
4. आंदोलन के स्थगन के निर्णय से क्षुब्ध होकर चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस से अलग होकर वर्ष 1923 में 'स्वराज पार्टी' की स्थापना की, जिसके प्रथम अध्यक्ष चित्तरंजन दास और प्रथम सचिव मोतीलाल नेहरू बने थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारत के किस राज्य में सबसे पहले सूर्योदय होता है?
→
भारतीय संविधान की उद्देशिका (Preamble) तथा संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र (Union and its Territory) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की उद्देशिका को 'संविधान की कुंजी' कहा जाता है, जिसे पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत 'उद्देश्य प्रस्ताव' (Objectives Resolution) के आधार पर तैयार किया गया था, और इसमें अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 के 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए हैं।
2. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 1 के अनुसार भारत अर्थात 'इंडिया' राज्यों का एक संघ (Union of States) होगा, न कि राज्यों का फेडरेशन, क्योंकि यह संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है और किसी भी राज्य को संघ से अलग होने का अधिकार नहीं है।
3. नए राज्यों के निर्माण या वर्तमान राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन से संबंधित विधेयक (Article 3) को संसद में पेश करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति (Prior Recommendation) अनिवार्य है, तथा ऐसा विधेयक संसद के दोनों सदनों द्वारा केवल विशेष बहुमत (Special Majority) से ही पारित किया जाना आवश्यक है।
4. अनुच्छेद 2 के तहत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकती है, जो विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर लागू होता है जो भारतीय संघ का हिस्सा नहीं हैं, जबकि अनुच्छेद 3 आंतरिक राज्यों के पुनर्गठन से संबंधित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था में 'विविध' प्रावधानों और विभिन्न संवैधानिक तथा गैर-संवैधानिक निकायों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) की स्थापना राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और यह एक स्थायी संवैधानिक निकाय है जिसका मुख्य कार्य राज्यों के बीच उत्पन्न विवादों की जाँच करना और उनके सामान्य हितों से संबंधित विषयों पर सलाह देना है, तथा इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं।
2. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) एक सांविधिक (Statutory) निकाय है जिसका गठन मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत किया गया था, और इसके अध्यक्ष के रूप में केवल भारत के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश या सर्वोच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश ही नियुक्त हो सकते हैं।
3. केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की स्थापना संथानम समिति (1962-64) की सिफारिशों पर की गई थी, जिसे वर्ष 2003 में संसद द्वारा पारित एक अधिनियम के द्वारा वैधानिक दर्जा प्रदान किया गया था, और इसके सतर्कता आयुक्त का कार्यकाल 4 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक होता है।
4. महानिर्वाचन आयोग (Election Commission of India) एक बहु-सदस्यीय निकाय के रूप में वर्ष 1950 से ही निरंतर कार्य कर रहा है, और संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत इसके मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही महाभियोग जैसी विशेष प्रक्रिया द्वारा होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.