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BPSC TRE 4.0
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न कालों और उनकी प्रमुख ऐतिहासिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ऋग्वैदिक काल में राजनीतिक संगठन का आधार कबीलाई था, जहाँ राजा को 'जनस्य गोपा' कहा जाता था, तथा इस काल में सभा और समिति नामक संस्थाएँ राजा की निरंकुशता पर नियंत्रण रखती थीं और महिलाओं की इन संस्थाओं में भागीदारी होती थी।
- 2. मौर्य साम्राज्य के प्रशासनिक तंत्र में 'अध्यक्ष' विभिन्न विभागों के अधीक्षक होते थे, जैसे कि सीताध्यक्ष कृषि विभाग का प्रमुख और लूलाव्यक्ष पशुधन या घोड़ों का प्रमुख अधिकारी होता था, तथा अर्थशास्त्र में कौटिल्य द्वारा राज्य के सप्तांग सिद्धांत का प्रतिपादन किया गया था।
- 3. गुप्त काल के दौरान कला, साहित्य और विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई, जिसके कारण इस काल को 'भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग' कहा जाता है, और इस काल में वाराणमिहिर द्वारा 'बृहत्संहिता' तथा कालिदास द्वारा 'अभिज्ञानशाकुन्तलम' की रचना की गई थी।
- 4. संगम काल (दक्षिण भारत का प्राचीन इतिहास) के दौरान तीन प्रमुख राजवंशों- चोल, चेर और पाण्ड्य का उदय हुआ, जिनकी राजधानी क्रमशः उरैयूर (या पुहार), वंजी और मदुरै थीं, तथा इस काल में 'तोल्काप्पियम' तमिल व्याकरण का सबसे प्राचीन ग्रंथ माना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए कथनों में से कथन 1, 3 और 4 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 2 आंशिक रूप से असत्य है क्योंकि अर्थशास्त्र के अनुसार 'लूलाव्यक्ष' नहीं बल्कि 'अश्वाध्यक्ष' घोड़ों का प्रमुख होता था (लूलाव्यक्ष भैंसों से संबंधित था)। प्राचीन भारतीय इतिहास से जुड़े ऐसे ही महत्वपूर्ण और विश्लेषणात्मक प्रश्नों के अभ्यास के लिए आप बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
Related Questions
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अभिकथन (A): अल नीनो के कारण उत्तरी अमेरिका के पश्चिमी तट पर तापमान में वृद्धि होती है। कारण (R): व्यापारिक पवनों के कमजोर पड़ने और अपवेलिंग के बाधित होने से।
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आधुनिक एवं परमाणु भौतिकी (Modern and Nuclear Physics) के अंतर्गत प्रकाश विद्युत प्रभाव, ड्यूटेरियम-ट्रिटियम संलयन और रेडियोसक्रिय क्षय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आइंस्टीन के प्रकाश विद्युत समीकरण ($K_{max} = h\nu - \phi$) के अनुसार, उत्सर्जित photoelectron की अधिकतम गतिज ऊर्जा आपतित प्रकाश की आवृत्ति के समानुपाती होती है, और यह तीव्रता पर निर्भर नहीं करती है।
2. हाइड्रोजन बम (Hydrogen Bomb) का मूल सिद्धांत अनियंत्रित नाभिकीय संलयन (Uncontrolled Nuclear Fusion) है, जिसमें ड्यूटेरियम और ट्रिटियम के नाभिक अति उच्च तापमान और दाब पर मिलकर हीलियम का नाभिक बनाते हैं तथा एक न्यूट्रॉन और भारी मात्रा में ऊर्जा मुक्त करते हैं।
3. रेडियोसक्रिय समस्थानिक कार्बन-14 ($^{14}C$) की अर्ध-आयु (Half-life) का उपयोग प्राचीन जीवाश्मों और पुरातात्विक अवशेषों की आयु ज्ञात करने की 'कार्बन डेटिंग' विधि में किया जाता है, जिसमें विघटन की दर समय के साथ घातीय रूप (exponential decay) से घटती है।
4. द्रव्यमान क्षति (Mass Defect) वह अंतर है जो किसी नाभिक के वास्तविक कुल द्रव्यमान और उसके व्यक्तिगत न्यूट्रॉनों तथा प्रोटॉनों के कुल द्रव्यमान के योग के बीच होता है, और यही द्रव्यमान क्षति अल्बर्ट आइंस्टीन के प्रसिद्ध समीकरण $E = \mc^2$ के अनुसार नाभिकीय बंधन ऊर्जा (Nuclear Binding Energy) में परिवर्तित हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सोनार तकनीक का प्रयोग होता है–
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बिहार के आर्थिक परिदृश्य के अंतर्गत कृषि उद्योग, व्यापार और आधारभूत संरचना (Infrastructure) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (BiIPPP) के तहत खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing), कृषि-आधारित उद्योगों और डेयरी सेक्टर को 'प्राथमिकता प्राप्त उद्योगों' (Priority Sectors) की श्रेणी में रखा गया है, जिससे निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी और विभिन्न कर रियायतें मिलती हैं।
2. राज्य में कृषि विपणन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने वर्ष 2006 में कृषि उपज बाजार समिति (APMC) अधिनियम को निरस्त कर दिया था, और वर्तमान में किसानों को उनकी उपज के बेहतर मूल्य के लिए ई-नाम (e-NAM) पोर्टल तथा पैक्स (PACS) आधारित प्राथमिक संग्रहण केंद्रों से जोड़ा जा रहा है।
3. बिहार में आधारभूत संरचना के विकास के लिए 'मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना' और 'राज्य सड़क संपर्क योजना' का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण कृषि क्षेत्रों को मुख्य बाजारों, मंडियों और औद्योगिक केंद्रों से जोड़कर परिवहन लागत को न्यूनतम करना है।
4. लैंडमार्क लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए बिहार के बेगूसराय और पटना जिलों में प्रस्तावित 'मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क' (MMLP) का निर्माण पूरी तरह से केवल केंद्र सरकार के शत-प्रतिशत वित्त पोषण से किया जा रहा है, और इसमें राज्य सरकार की कोई भी वित्तीय या प्रशासनिक भागीदारी नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) के दौरान उद्भूत परिस्थितियों तथा स्वतंत्रता एवं विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 8 अगस्त 1942 को बॉम्बे के ग्वालिया टैंक मैदान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किए जाने के तुरंत बाद, ब्रिटिश शासन द्वारा 'ऑपरेशन जीरो आवर' के तहत कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह आंदोलन पूरी तरह से एक 'नेतृत्वहीन' (Leaderless) जन-विद्रोह के रूप में उभरा और देश के कई हिस्सों (जैसे बलिया, ताम्रलिंक और सतारा) में समानांतर सरकारों की स्थापना हुई।
2. वर्ष 1942 के इस आंदोलन के दौरान उषा मेहता ने गुप्त रूप से 'कांग्रेस रेडियो' (Congress Radio) का संचालन किया, जिसके माध्यम से वे ब्रिटिश सेंसरशिप को धत्ता बताते हुए देशवासियों तक आंदोलन की खबरें और महात्मा गांधी के संदेश प्रसारित करती थीं।
3. मार्च 1946 में भारत आए 'कैबिनेट मिशन' ने मुस्लिम लीग की 'पाकिस्तान' की मांग को स्पष्ट रूप से और पूर्णतः अस्वीकार कर दिया, किंतु उसने भारत के एक ऐसे संघीय ढांचे का सुझाव दिया जिसमें प्रांतों को तीन समूहों (A, B, C) में विभाजित किया गया था, जिसे कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने दीर्घकालिक रूप से स्वीकार कर लिया था।
4. लॉर्ड माउंटबेटन द्वारा 3 जून 1947 को प्रस्तुत विभाजन योजना (Mountbatten Plan) के तहत ब्रिटिश भारत को भारत और पाकिस्तान में विभाजित करने का निर्णय लिया गया, जिसे भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के माध्यम से कानूनी रूप दिया गया और 14-15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को सत्ता का हस्तांतरण संपन्न हुआ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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