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BPSC TRE 4.0
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न कालों, उनकी सामाजिक-आर्थिक संरचना तथा प्रमुख पुरातात्विक साक्ष्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. हड़प्पा सभ्यता (सिंधु घाटी सभ्यता) की परिपक्व अवस्था के नगर नियोजन में ग्रिड प्रणाली (Grid System) का अनुसरण किया जाता था, जहाँ सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं, तथा अधिकांश नगरों के विपरीत 'चान्हुदरो' एक ऐसा पुरास्थल था जिसके पास कोई दुर्ग (Citadel) नहीं था और यहाँ से मनके बनाने के कारखाने के साक्ष्य मिलते हैं।
- 2. उत्तर वैदिक काल में लोहे की खोज (लगभग 1000 ईसा पूर्व) के साथ ही कृषि अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन आया, जिसके कारण इस काल में 'शतपथ ब्राह्मण' में चावल (व्रीहि) और गेहूँ (गोधूम) के साथ-साथ कृषि से जुड़ी विभिन्न क्रियाओं (जुताई, बुआई, कटाई और मड़ाई) का विस्तृत उल्लेख मिलता है।
- 3. मौर्योत्तर काल (शंग और सातवाहन काल) में व्यापारिक गतिविधियों और मुद्रा अर्थव्यवस्था के अभूतपूर्व विकास के दौरान सातवाहन शासकों ने सबसे अधिक मात्रा में शुद्ध सोने के सिक्कों का प्रचलन किया, जिन्हें 'सुवर्ण' कहा जाता था, जबकि सबसे अधिक शीशे (Lead) के सिक्के भी इसी राजवंश द्वारा जारी किए गए थे।
- 4. गुप्त काल के दौरान भूमि अनुदान (Land Grants) की प्रथा में अत्यधिक वृद्धि हुई, जिससे सामंतवाद के बीज पड़े, तथा इस काल में फाह्यान (चीनी यात्री) के विवरण के अनुसार चांडालों को नगर के बाहर रहना पड़ता था और जब वे नगर में प्रवेश करते थे तो उन्हें लकड़ी बजाकर चलना पड़ता था ताकि लोग उन्हें देख न सकें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि हड़प्पा सभ्यता में नगर ग्रिड पद्धति पर बसे थे और चान्हुदरो एकमात्र ऐसा प्रमुख हड़प्पा स्थल है जिसका कोई दुर्ग नहीं था। कथन 2 सत्य है क्योंकि उत्तर वैदिक काल में लोहे के प्रयोग से कृषि सुदृढ़ हुई और शतपथ ब्राह्मण में कृषि कर्मों का उल्लेख है। कथन 3 असत्य है क्योंकि सातवाहन शासकों ने सोने के सिक्के बहुत कम मात्रा में जारी किए, उन्होंने मुख्य रूप से सीसे (Lead), तांबे और चांदी (कार्षापण) के सिक्के चलाए थे, जबकि भारत में सबसे पहले बड़े पैमाने पर शुद्ध सोने के सिक्के कुषाण शासकों ने जारी किए थे। कथन 4 सत्य है क्योंकि गुप्त काल में भू-दान की प्रथा बढ़ी और फाह्यान के यात्रा वृत्तांत में चांडालों की सामाजिक स्थिति का ऐसा ही वर्णन मिलता है। ऐसी उच्च स्तरीय परीक्षाओं की संपूर्ण और सटीक तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पोर्टल पर विजिट करें।
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भारत के सामान्य परिचय एवं भौगोलिक अवस्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत का मुख्य भूभाग 8°4' उत्तरी अक्षांश से 37°6' उत्तरी अक्षांश तथा 68°7' पूर्वी देशांतर से 97°25' पूर्वी देशांतर के मध्य फैला हुआ है और यह पूरी तरह से उत्तरी एवं पूर्वी गोलार्द्ध में स्थित है।
2. भारतीय मानक समय (IST) की रेखा (82°30' पूर्वी देशांतर) कुल 5 राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश) से होकर गुजरती है, और यह रेखा छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के सबसे समीप से निकलती है।
3. भारत की कुल स्थलीय सीमा लगभग 15,106.7 किलोमीटर है, जो 7 देशों के साथ लगती है, जिसमें सबसे लंबी सीमा बांग्लादेश के साथ और सबसे छोटी सीमा अफगानिस्तान के साथ साझा होती है।
4. भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु (इंदिरा पॉइंट) ग्रेट निकोबार द्वीप पर 6°45' उत्तरी अक्षांश पर स्थित है, जबकि मुख्य भूमि का सबसे दक्षिणी छोर तमिलनाडु में कन्याकुमारी (केप कमोरिन) है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मद्रास महाजन सभा की स्थापना कब की गई थी?
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कौन सा पदार्थ हर जगह समान रहता है?
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‘भारत वन स्थिति रिपोर्ट, 2023’ के अनुसार, बिहार के किस प्रमंडल में वनावरण के अंतर्गत कुल क्षेत्रफल सर्वाधिक है?
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पृथ्वी के आंतरिक भागों में उत्पन्न होने वाली भूगर्भिक हलचलों, ज्वालामुखी उद्गार के प्रकारों और भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंप के उद्गम केंद्र को 'अतिकेंद्र' (Epicentre) कहा जाता है, जो ठीक धरातल के नीचे वह बिंदु होता है जहाँ से सबसे पहले भूकंपीय तरंगें उत्पन्न होती हैं, जबकि इसके ठीक ऊपर धरातल पर स्थित बिंदु को 'फोकस' (Focus) कहा जाता है।
2. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं, जो ध्वनि तरंगों की भाँति ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, और ये किसी भी भूकंपीय अधिकेंद्र पर सबसे पहले पहुँचती हैं।
3. 'हवाइयन तुल्य' (Hawaiian type) ज्वालामुखी उद्गार अत्यधिक विस्फोटक होते हैं, जिनमें सिलिका की मात्रा बहुत अधिक और गाढ़ा लावा निकलता है, जो प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' में बहुतायत से पाए जाते हैं।
4. द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ तरंगें होती हैं, जो केवल ठोस माध्यम से ही गमन कर सकती हैं और तरल क्रोड (Outer Core) से गुजरने के दौरान विलुप्त हो जाती हैं, जिससे 'छाया क्षेत्र' (Shadow Zone) का निर्माण होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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