त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
1 views
बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों, उनकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर परिसर, जिसे यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है, वह पवित्र स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध को बोधि वृक्ष (पीपल) के नीचे ज्ञान की प्राप्ति हुई थी, और इस मंदिर की वास्तुकला नागर शैली का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
- 2. राजगीर में स्थित 'विश्व शांति स्तूप' (World Peace Pagoda) रत्नागिरि पहाड़ी की चोटी पर स्थित है, जिसका निर्माण जापानी बौद्ध भिक्षु फुजी गुरु द्वारा करवाया गया था, और यह बौद्ध धर्म के शांति और अहिंसा के संदेश का प्रतीक है।
- 3. वैशाली का अशोक स्तंभ (लौरिया नंदनगढ़) और राजा विशाल का गढ़ प्राचीन वज्जी महाजनपद की राजधानी के रूप में ऐतिहासिक महत्व रखते हैं, जहाँ भगवान बुद्ध ने अपने जीवन का अंतिम उपदेश दिया था और यहीं प्रथम बौद्ध संगीति आयोजित की गई थी।
- 4. भागलपुर जिले में स्थित विक्रमशिला विश्वविद्यालय के खंडहर पाल वंश के प्रतापी राजा धर्मपाल द्वारा स्थापित प्राचीन बौद्ध शिक्षा केंद्र के अवशेष हैं, जो तांत्रिक बौद्ध धर्म (वज्रयान) के अध्ययन का एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय केंद्र हुआ करता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के कथन 1, 2 और 4 पूर्णतः सत्य हैं। महाबोधि मंदिर बोधगया में स्थित है और यह बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र स्थल है, जहाँ बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। राजगीर का विश्व शांति स्तूप रत्नागिरि पहाड़ी पर स्थित है तथा विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना पाल राजा धर्मपाल ने की थी। किंतु कथन 3 असत्य है क्योंकि वैशाली में प्रथम बौद्ध संगीति नहीं बल्कि द्वितीय बौद्ध संगीति आयोजित की गई थी (प्रथम बौद्ध संगीति राजगृह में हुई थी), और बुद्ध ने अपना अंतिम उपदेश वैशाली में नहीं बल्कि कुशीनगर के पास पावा में दिया था या अंतिम वर्षा ऋतु वैशाली में बिताई थी। ऐसे ही महत्वपूर्ण प्रश्नों के अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
बंगाल विभाजन (1905) और इसके विरोध में प्रारंभ किए गए स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन का निर्णय लॉर्ड कर्ज़न द्वारा 20 जुलाई 1905 को घोषित किया गया था, तथा 16 अक्टूबर 1905 को इसे लागू किए जाने के दिन पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, 'बंदे मातरम' गाया और birbirat (आपसी भाईचारे) के प्रतीक के रूप में एक-दूसरे की कलाई पर राखियाँ बांधीं।
2. स्वदेशी आंदोलन के दौरान बंगाल के राष्ट्रीय शिक्षा परिषद (National Council of Education) की स्थापना 15 अगस्त 1906 को की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य साहित्यिक, वैज्ञानिक और तकनीकी शिक्षा को स्वदेशी नियंत्रण के तहत देना था, तथा सतीश चंद्र मुखर्जी का 'डॉन सोसाइटी' (Dawn Society) इसमें विशेष रूप से सक्रिय था।
3. कांग्रेस के 1905 के बनारस अधिवेशन में, जिसकी अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी, पहली बार औपचारिक रूप से पूरे ब्रिटिश भारत में स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन का विस्तार करने का प्रस्ताव पारित किया गया था, हालांकि नरमपंथियों और चरमपंथियों के बीच वैचारिक मतभेद इस बात पर था कि यह आंदोलन केवल बंगाल तक सीमित रहना चाहिए या पूरे देश में फैलना चाहिए।
4. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों (Atmashakti) पर भी बल दिया गया, जिसके तहत आचार्य प्रफुल्ल चंद्र राय ने 'बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल वक्र्स' जैसी स्वदेशी उद्योगों की नींव रखी, और अश्विनी कुमार दत्त ने बंगाल के बरिशाल में 'स्वदेश बांधव समिति' के माध्यम से जन-जागरण का कार्य किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
निम्नलिखित में से किस राज्य ने वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को हरित सकल घरेलू उत्पाद (Green GDP) से जोड़ने वाली योजना शुरू की है?
→
बिहार के औद्योगिक परिदृश्य और 'बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण' (BIADA) के कार्यक्षेत्र तथा राज्य की औद्योगिक नीतियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. BIADA का गठन बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1974 के अंतर्गत किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में सुनियोजित तरीके से औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करना और उद्यमियों को दीर्घकालिक पट्टे पर भूमि उपलब्ध कराना है।
2. 'बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति' (Bihar Industrial Investment Promotion Policy) के तहत राज्य में खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र (टेक्सटाइल) और आईटी क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है, तथा इसके लिए पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) का प्रावधान किया गया है।
3. राज्य में भूमि आवंटन की प्रक्रिया को पारदर्शी और निवेशकों के अनुकूल बनाने के लिए BIADA ने केवल हस्तचालित आवेदन प्रणाली को अनिवार्य कर रखा है, जिसमें डिजिटल पोर्टल की कोई भूमिका नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
पंगसौ दर्रा, जो हाल ही में चर्चा में रहा, किस राज्य में स्थित है?
→
अभिकथन (A): भूमध्य रेखा के निकट उष्णकटिबंधीय चक्रवात विकसित नहीं होते। कारण (R): उष्णकटिबंधीय चक्रवात की ऊर्जा गुप्त ऊष्मा द्वारा संचालित होती है।
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.