त्वरित लिंक्स
BPSC TRE 4.0
1 views
मुद्रा, बैंकिंग प्रणाली और केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अधिनियम, 1934 की धारा 45ZA के अंतर्गत केंद्र सरकार को भारतीय रिजर्व बैंक के परामर्श से देश में मध्यम अवधि के लिए मुद्रास्फीति लक्ष्य (Inflation Target) निर्धारित करने की वैधानिक शक्ति प्राप्त है।
- 2. वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद का गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 279A के तहत किया गया है, जिसके अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री होते हैं और इसके निर्णयों में केंद्र के पास कुल मतों का एक-तिहाई तथा राज्यों के पास दो-तिहाई मतों का भारांश होता है।
- 3. भारत के वित्त आयोग (Finance Commission) की सिफारिशें केवल केंद्र सरकार के लिए बाध्यकारी होती हैं, और केंद्र सरकार के लिए यह आवश्यक नहीं है कि वह उन सिफारिशों के आधार पर राज्यों को करों के हस्तांतरण से संबंधित नियमों को संसद में प्रस्तुत करे।
- 4. बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 22 के अनुसार, भारत में किसी भी नए वाणिज्यिक बैंक की स्थापना के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है, तथा इसके साथ ही यह अधिनियम सहकारी बैंकों पर भी पूर्ण रूप से लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि RBI अधिनियम, 1934 की धारा 45ZA के तहत केंद्र सरकार, RBI के परामर्श से मुद्रास्फीति लक्ष्य तय करती है। कथन 2 सत्य है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 279A के तहत गठित GST परिषद में केंद्र का मत भार 1/3 और राज्यों का 2/3 होता है। कथन 3 असत्य है क्योंकि वित्त आयोग की सिफारिशें प्रकृति में 'सलाहकार' होती हैं और वे केंद्र या राज्य किसी के लिए भी संवैधानिक रूप से पूर्णतः बाध्यकारी नहीं होती हैं (यद्यपि परंपरा के अनुसार इन्हें स्वीकार किया जाता है)। कथन 4 असत्य है क्योंकि बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के कुछ प्रावधान सहकारी बैंकों पर आंशिक रूप से लागू होते हैं, न कि पूर्ण रूप से (यद्यपि हाल के संशोधनों से RBI के अधिकार बढ़े हैं)। इस प्रकार केवल कथन 1 और 2 सही हैं। अधिक अभ्यास और तैयारी के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई थी?
→
बिहार की खेलकूद, खेल प्रतिभाओं और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के खिलाड़ियों की उपलब्धियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. टोक्यो पैरालम्पिक 2020 में बैडमिंटन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रमोद भगत का संबंध बिहार के वैशाली जिले से है, जिन्होंने विकलांग श्रेणी SL3 में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की थी।
2. ईशान किशन, जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं, उनका मूल निवास बिहार के पटना जिले से है, और उन्होंने अपने घरेलू क्रिकेट की शुरुआत झारखंड की ओर से की थी।
3. बिहार सरकार द्वारा खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए 'बिहार राज्य खेल प्राधिकरण' के माध्यम से 'पद्मश्री मेधावी छात्र एवं खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना' और 'मेडल लाओ, नौकरी पाओ' नीति का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
4. रग्बी खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली बिहार की महिला खिलाड़ियों (विशेषकर पश्चिमी चंपारण और पटना क्षेत्र की बालिकाओं) ने सब-जूनियर और जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारतीय संविधान के संदर्भ में 'संघ और इसके राज्यक्षेत्र' (भाग-I, अनुच्छेद 1-4) के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 1 में भारत को 'राज्यों का संघ' (Union of States) कहा गया है, जिसका अर्थ है कि भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है और न ही किसी राज्य को संघ से अलग होने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
2. अनुच्छेद 3 के अंतर्गत संसद को नए राज्यों के प्रवेश या उनकी स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, तथा इसी अनुच्छेद के तहत संसद किसी भी राज्य का क्षेत्र घटा सकती है, बढ़ा सकती है या उसके नाम और सीमा में परिवर्तन कर सकती है।
3. अनुच्छेद 3 के अधीन बनाए जाने वाले किसी भी नए राज्य के निर्माण या सीमा परिवर्तन से संबंधित विधेयक को राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है, और ऐसा विधेयक भेजने से पूर्व राष्ट्रपति के लिए संबंधित राज्य विधानमंडल के विचारों को जानना अनिवार्य होता है, यद्यपि राज्य का विचार राष्ट्रपति या संसद पर बाध्यकारी नहीं होता है।
4. सर्वोच्च न्यायालय के 'बेरुबारी यूनियन वाद (1960)' में दिए गए निर्णय के अनुसार, संसद अनुच्छेद 3 के अंतर्गत प्रदत्त अपनी सामान्य विधाई शक्ति का प्रयोग करके देश का कोई भी भू-भाग किसी विदेशी देश को नहीं सौंप सकती है, बल्कि इसके लिए अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन करना अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
बिहार आर्थिक सर्वेक्षण और राज्य के बजट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हालिया बिहार आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था में प्राथमिक क्षेत्र (कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र) का हिस्सा लगातार बढ़ रहा है और यह द्वितीयक क्षेत्र से अधिक योगदान दे रहा है।
2. राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में कुल व्यय का सबसे बड़ा हिस्सा सामान्य सेवाओं और सामाजिक क्षेत्र (शिक्षा, स्वास्थ्य आदि) पर आवंटित किया जाता है, जो मानव विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
3. बिहार सरकार की 'सात निश्चय' योजना का दूसरा चरण (सात निश्चय-2) मुख्य रूप से युवाओं के कौशल विकास, महिलाओं को सशक्त बनाने, और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ जल एवं संपर्कता प्रदान करने पर केंद्रित है।
4. राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की वृद्धि दर में कृषि क्षेत्र का योगदान सबसे अधिक है, जबकि औद्योगिक विकास दर पिछले कुछ वर्षों में ऋणात्मक दर्ज की गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
भारतीय मानसून की उत्पत्ति, उसकी क्रियाविधि तथा बिहार में होने वाली मानसूनी वर्षा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की 'बंगाल की खाड़ी की शाखा' जब उत्तर-पूर्वी भारत से आगे बढ़ती है, तो हिमालयी बाधा और पूर्वी हवाओं के प्रभाव के कारण यह पश्चिम की ओर मुड़कर बिहार के मैदानी भागों में भारी वर्षा करती है, जिससे राज्य में पूर्व से पश्चिम की ओर जाने पर वर्षा की मात्रा में सामान्यतः कमी आती है।
2. अल-निनो (El Nino) घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी तट (पेरू के पास) पर सतही जल का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप पर वायुदाब की स्थिति कमजोर हो जाती है और सामान्यतः भारत तथा बिहार में मानसून की वर्षा में नकारात्मक प्रभाव (अवृष्टि या सूखा) देखने को मिलता है।
3. बिहार में मानसून का आगमन सामान्यतः जून के दूसरे सप्ताह (लगभग 10 से 15 जून के मध्य) में पूर्णिया और भागलपुर के रास्ते होता है, और राज्य में होने वाली कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 80% से 85% भाग दक्षिण-पश्चिम मानसून की अवधि (जून से सितंबर) के दौरान ही प्राप्त होता है।
4. 'मैथ्यू-हर्बर्ट' या 'मैडन-जूलियन दोलन' (MJO) जैसी उष्णकटिबंधीय घटनाएँ भारतीय मानसून को प्रभावित नहीं करती हैं, क्योंकि मानसूनी वर्षा पूरी तरह से केवल स्थानीय तापीय चक्रवातों और तिब्बत के पठार के गर्म होने पर ही निर्भर करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.