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BPSC TRE 4.0
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भारत में ब्रिटिश शासन के दौरान क्रांतिकारी गतिविधियों और गुप्त समितियों (Secret Societies) के गठन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1899 में विनायक दामोदर सावरकर (VD Savarkar) और उनके भाई गणेश दामोदर सावरकर द्वारा नासिक में 'मित्र मेला' की स्थापना की गई थी, जिसे वर्ष 1904 में 'अभिनव भारत सोसाइटी' के रूप में पुनर्गठित किया गया था, और यह संस्था मैजिनी के 'यंग इटली' के तर्ज पर कार्य करती थी।
- 2. वर्ष 1902 में बंगाल में अनुशीलन समिति की स्थापना प्रमथनाथ मित्र द्वारा की गई थी, जिसके सक्रिय सदस्यों में बारिन्द्र कुमार घोष और भूपेन्द्रनाथ दत्त शामिल थे, तथा इस समिति ने क्रांतिकारी विचारों के प्रचार के लिए 'युगांतर' नामक साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रकाशन किया था।
- 3. वर्ष 1908 में मुजफ्फरपुर बम कांड के दौरान किंग्सफोर्ड की हत्या के प्रयास में प्रफुल्ल चाकी और खुदीराम बोस शामिल थे, जहाँ खुदीराम बोस को सबसे कम उम्र में फांसी दी गई थी, जबकि प्रफुल्ल चाकी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस घिरराव के दौरान स्वयं को गोली मार ली थी।
- 4. गदर पार्टी की स्थापना वर्ष 1913 में सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भकना द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य सशस्त्र क्रांति के माध्यम से भारत से ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकना था, और इसका मुख्य पत्र 'गदर' उर्दू और गुरुमुखी के साथ-साथ गुजराती और पश्तो भाषा में भी प्रकाशित होता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
इस प्रश्न के सभी शुरुआती तीन कथन पूर्णतः सत्य हैं। कथन 1, 2 और 3 क्रांतिकारी आंदोलनों, गुप्त समितियों (मित्र मेला, अभिनव भारत, अनुशीलन समिति) और मुजफ्फरपुर बम कांड (1908) के ऐतिहासिक तथ्यों से पूर्णतः मेल खाते हैं। किंतु कथन 4 आंशिक रूप से असत्य है क्योंकि 'गदर' अखबार मुख्य रूप से उर्दू, गुरुमुखी, गुजराती, हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित होता था, न कि पश्तो में। अधिक अभ्यास और अध्ययन सामग्री के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।
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सत्रहवीं शताब्दी में भारत आने वाली यूरोपीय वाणिज्यिक कंपनियों और उनके प्रारंभिक व्यापारिक केंद्रों (कारखानों) की स्थापना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत में सर्वप्रथम पुर्तगालियों ने अपनी पहली फैक्ट्री वर्ष 1503 में कोच्चि में स्थापित की थी, जबकि अंग्रेजों ने अपनी पहली अस्थायी फैक्ट्री वर्ष 1608 में मसूलीपट्टनम में और पहली स्थायी फैक्ट्री वर्ष 1613 में सूरत में स्थापित की थी।
2. डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) ने वर्ष 1605 में मसूलीपट्टनम में अपनी पहली फैक्ट्री खोली थी, तथा उन्होंने बंगाल में हुगली के निकट चिनसुरह (Chinsura) को अपना मुख्य व्यापारिक केंद्र बनाया था।
3. फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना फ्रांसीसी मंत्री कोल्बर्ट के प्रयासों से वर्ष 1664 में हुई थी, और फ्रांसीसियों ने भारत में अपनी पहली फैक्ट्री वर्ष 1668 में फ्रेंको कैरो के नेतृत्व में सूरत में स्थापित की थी।
4. डेनिश (डेनमार्क के लोग) ईस्ट इंडिया कंपनी ने वर्ष 1620 में तंजावुर के तट पर त्राणबार (Tranquebar) में अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की थी, और बाद में उन्होंने बंगाल के सेरामपुर (Serampore) को अपना मुख्य मुख्यालय बनाया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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1857 के विद्रोह के समय दिल्ली का प्रभारी अंग्रेज अधिकारी कौन था?
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रॉलेट एक्ट (1919), खिलाफत आंदोलन तथा असहयोग आंदोलन के कालक्रम, घटनाओं और उनके वैचारिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1919 में पारित 'रॉलेट एक्ट' (अराजक और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम) के तहत ब्रिटिश सरकार को बिना वारंट के किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार करने और बिना मुकदमा चलाए जेल में रखने का असीमित अधिकार मिल गया था, जिसके विरोध में महात्मा गांधी ने 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत अखिल भारतीय स्तर पर 'सत्याग्रह सभा' की स्थापना की और 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया।
2. वर्ष 1919-20 के दौरान तुर्की के खलीफा के अधिकारों और सुन्नी इस्लामिक धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए भारत में शुरू किए गए 'खिलाफत आंदोलन' की केंद्रीय खिलाफत समिति के अखिल भारतीय सम्मेलन (दिल्ली, नवंबर 1919) के अध्यक्ष के रूप में महात्मा गांधी को चुना गया था, जिन्होंने इसे हिंदू-मुस्लिम एकता के एक अद्वितीय अवसर के रूप में देखा।
3. सितंबर 1920 में कलकत्ता में हुए कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में असहयोग आंदोलन के प्रस्ताव का जमकर विरोध किया गया था, तथा चित्तरंजन दास (C.R. Das), मदन मोहन मालवीय और एनी टेंट ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था, जबकि लाला लाजपत राय ने इस अधिवेशन की अध्यक्षता की थी।
4. फरवरी 1922 में चौरी-चौरा (गोरखपुर जिला) में हुई हिंसक घटना के कारण महात्मा गांधी ने बारदोली में कांग्रेस की बैठक बुलाकर तत्काल प्रभाव से असहयोग आंदोलन को वापस लेने की घोषणा कर दी, जिसके बाद मोतीलाल नेहरू और चित्तरंजन दास ने गांधीजी के इस निर्णय से असंतुष्ट होकर कांग्रेस के भीतर ही 'स्वराज पार्टी' की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सूची-I (GI उत्पाद) को सूची-II (राज्य) से सुमेलित कीजिए?
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