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Indian Polity
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भारत के निर्वाचन आयोग और चुनाव सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 (Representation of the People Act, 1951) के अंतर्गत अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद (अर्थात मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय से समाप्त होने वाले 48 घंटों के दौरान) किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या सार्वजनिक सभाओं में ओपिनियन पोल (Opinion Poll) या एग्जिट पोल (Exit Poll) के परिणामों के प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
  2. 2. दिनेश गोस्वामी समिति (1990) ने राज्य द्वारा चुनाव खर्च के वित्तपोषण (State Funding of Elections) के सिद्धांत का समर्थन किया था, लेकिन इसने आंशिक वित्तपोषण का प्रस्ताव दिया था जिसमें राजनीतिक दलों को नकद धनराशि देने के बजाय केवल वस्तु रूप (Kind) में जैसे कि मतदाता सूचियाँ, लाउडस्पीकर और पेट्रोल आदि की सुविधाएँ प्रदान करने की संस्तुति की थी।
  3. 3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'पीयूसीएल बनाम भारत संघ (2013)' वाद में दिए गए ऐतिहासिक निर्णय के पश्चात, भारत के प्रत्येक मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के साथ 'वीवीपैट' (VVPAT - Voter Verifiable Paper Audit Trail) प्रणाली को चरणबद्ध रूप से लागू किया गया, जिससे मतदाता यह सत्यापित कर सके कि उसका मत उसी उम्मीदवार को गया है जिसे उसने चुना है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126A के अनुसार, 'एग्जिट पोल' (Exit Poll) के परिणामों के प्रसारण पर मतदान प्रक्रिया शुरू होने से लेकर मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय तक प्रतिबंध रहता है; किंतु 'ओपिनियन पोल' (Opinion Poll) पर यह पूर्ण प्रतिबंध केवल चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद के 48 घंटों के लिए होता है, न कि संपूर्ण समयावधि के लिए। कथन 2 बिल्कुल सही है; दिनेश गोस्वामी समिति (1990) ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के चुनाव खर्च के लिए राज्य द्वारा आंशिक वित्तपोषण (Partial State Funding) की वकालत की थी, जिसमें नकद सहायता देने के स्थान पर वस्तु के रूप में सुविधाएँ (इन-काइंड सब्सिडी) देने की बात कही गई थी। कथन 3 भी सही है; पीयूसीएल बनाम भारत संघ (2013) मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद चुनाव आयोग ने चुनावों की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए वीवीपैट (VVPAT) प्रणाली को अपनाया। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के विस्तृत नोट्स पढ़ें।
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