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Indian Polity
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या अन्य सदस्य अपने पद ग्रहण करने की तारीख से छह वर्ष की अवधि तक या पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक, इनमें से जो भी पहले हो, अपने पद पर बने रहते हैं, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के लिए यह आयु सीमा बासठ वर्ष निर्धारित की गई है।
- 2. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य का कार्यकाल समाप्त होने के पश्चात वे भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी अन्य नियोजन (Employment) के लिए पूर्ण रूप से पात्र होते हैं, बशर्ते कि वे संसद या राज्य विधानमंडल के सदस्य न हों।
- 3. किसी राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष अपने कार्यकाल की समाप्ति के पश्चात संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में अथवा किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति का पात्र होता है, किंतु वह भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य रोजगार के लिए पात्र नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 316 के तहत UPSC के अध्यक्ष और सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक होता है, जबकि SPSC के अध्यक्ष और सदस्यों के लिए आयु सीमा 62 वर्ष निर्धारित की गई है। कथन 2 गलत है क्योंकि UPSC का अध्यक्ष या सदस्य अपने पद से मुक्त होने के पश्चात भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी भी अन्य रोजगार के लिए पूर्णतः अपात्र (Ineligible) होता है। कथन 3 सही है; SPSC का अध्यक्ष अपनी पदावधि समाप्त होने पर UPSC के अध्यक्ष/सदस्य या किसी अन्य SPSC के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त होने के योग्य होता है, लेकिन अन्य सरकारी नियोजन के लिए पात्र नहीं होता है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के विस्तृत अध्यायों का अध्ययन करें।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) और जल विवादों के न्यायनिर्णयन से संबंधित प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना का अधिकार केवल संसद को प्राप्त है, न कि राष्ट्रपति को, क्योंकि यह केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के विभाजन को नियंत्रित करती है।
2. अंतर-राज्यीय परिषद् एक विधिक (Statutory) निकाय है, न कि संवैधानिक निकाय, क्योंकि मूल संविधान में इसका कोई उल्लेख नहीं था और इसे संसद द्वारा बनाए गए किसी अधिनियम के तहत वर्ष 1990 में पहली बार स्थापित किया गया था।
3. अनुच्छेद 262 के अंतर्गत संसद को यह शक्ति दी गई है कि वह विधि द्वारा किसी अंतर-राज्यीय नदी या नदी घाटी के जल के प्रयोग, वितरण या नियंत्रण के संबंध में किसी विवाद या परिवाद के न्यायनिर्णयन के लिए उपबंध कर सकेगी और यह भी उपबंध कर सकती है कि ऐसे किसी भी विवाद में सर्वोच्च न्यायालय या किसी अन्य न्यायालय की अधिकारिता का प्रयोग नहीं होगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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