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Indian Polity
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान सभा के कुल सदस्यों में से ब्रिटिश प्रांतों के प्रतिनिधियों का चयन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति (अपरिवर्तनीय एकल संक्रमणीय मत) के माध्यम से किया जाना था, जबकि देशी रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के प्रमुखों द्वारा नामित किया जाना था।
- 2. संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को आयोजित की गई थी, जिसमें संविधान सभा के सदस्यों द्वारा भारतीय संविधान पर हस्ताक्षर किए गए और इसी दिन संविधान सभा का अस्तित्व समाप्त हो गया, हालांकि यह सभा प्रथम आम चुनावों के पश्चात नई संसद के गठन तक अंतरिम संसद के रूप में कार्य करती रही।
- 3. संविधान सभा द्वारा कुल 22 मुख्य समितियों (Committees) का गठन किया गया था, जिसमें संघ शक्ति समिति के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू थे, प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे, और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की कार्यप्रणाली से जुड़े तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना (1946) के प्रावधानों के तहत किया गया था, जिसमें ब्रिटिश प्रांतों के लिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल संक्रमणीय मत प्रणाली अपनाई गई थी, जबकि रियासतों के प्रतिनिधि मनोनीत थे। 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की अंतिम बैठक में संविधान पर हस्ताक्षर किए गए और यह अंतरिम संसद में परिवर्तित हो गई। संविधान सभा ने सुचारू संचालन के लिए कई समितियों का गठन किया था, जिनमें संघ शक्ति और प्रांतीय संविधान समितियाँ प्रमुख थीं। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था.
Related Questions
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भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा शहरी स्थानीय शासन के संदर्भ में जोड़े गए प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम द्वारा संविधान में भाग IX-क जोड़ा गया तथा अनुच्छेद 243-Q के तहत प्रत्येक राज्य में संक्रमणकालीन क्षेत्र के लिए नगर पंचायत, लघु शहरी क्षेत्र के लिए नगरपालिका परिषद और वृहत्तर शहरी क्षेत्र के लिए नगर निगम का गठन किया जाना अनिवार्य किया गया है।
2. इस संशोधन के माध्यम से संविधान में बारहवीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें नगरपालिकाओं की विधायी शक्तियों और उत्तरदायित्वों से संबंधित कुल 18 कार्यात्मक मदों (Functional Items) का उल्लेख किया गया है।
3. इस अधिनियम के तहत प्रत्येक नगरपालिका में वार्ड समितियों (Wards Committees) के गठन का प्रावधान किया गया है, और यह अनिवार्य किया गया है कि दस लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले महानगर क्षेत्र में जिला योजना समिति (District Planning Committee) का गठन किया जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संवैधानिक पदों और उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार भारत के महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और वह पद धारण करता है जो राष्ट्रपति को प्रसादपर्यंत (during the pleasure of the President) प्राप्त होता है, तथा महान्यायवादी को भारत के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार है और उसे संसद के दोनों सदनों की बैठकों में बोलने या भाग लेने का अधिकार तो है, किंतु उसे किसी भी मामले में मतदान करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
2. अनुच्छेद 148 के तहत भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा की जाती है, और उसे उसके पद से केवल उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, तथा CAG अपने पद पर छह वर्ष की अवधि या पैंसठ वर्ष की आयु तक (इनमें से जो भी पहले हो) बने रह सकता है।
3. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) भारत सरकार के सभी प्राप्तियों और व्ययों की लेखापरीक्षा करता है और केंद्र सरकार के लेखों से संबंधित अपनी रिपोर्ट सीधे राष्ट्रपति को सौंपता है, जो उसे संसद के प्रत्येक सदन के पटल पर रखवाते हैं, किंतु CAG को यह शक्ति प्राप्त नहीं है कि वह किसी भी निजी कंपनी या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) के खातों की लेखापरीक्षा अपनी इच्छा से करे जब तक कि संसद द्वारा विधि बनाकर या विशेष अनुरोध न किया गया हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 और शहरी स्थानीय शासन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 243-ZD के अंतर्गत प्रत्येक जिले में जिले के लिए एक जिला योजना समिति (District Planning Committee) का गठन किया जाना अनिवार्य है, जो जिले में पंचायतों और नगरपालिकाओं द्वारा तैयार की गई योजनाओं को समेकित करेगी और संपूर्ण जिले के लिए विकास योजना का प्रारूप तैयार करेगी, और इस समिति के कुल सदस्यों में से कम से कम चार-पंचमांश (80%) सदस्य उस जिले की पंचायतों और नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा उनके अपने बीच से ही चुने जाने चाहिए।
2. अनुच्छेद 243-ZE के अधीन प्रत्येक महानगर क्षेत्र के लिए एक महानगर योजना समिति (Metropolitan Planning Committee) का गठन किया जाता है, और इस समिति के गठन के संबंध में यह संवैधानिक प्रावधान है कि इसके कुल सदस्यों में से दो-तिहाई सदस्य अनिवार्य रूप से केंद्र सरकार या राज्य सरकार के मनोनीत अधिकारी होने चाहिए ताकि शहरी बुनियादी ढांचे का केंद्रीयकृत नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
3. अनुच्छेद 243-T के अनुसार नगरपालिकाओं के सभी स्तरों पर महिलाओं के लिए कुल आरक्षित सीटों का कम से कम एक-तिहाई (यानि 33 प्रतिशत) हिस्सा प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित महिलाओं के लिए आरक्षित होना अनिवार्य है, और यह आरक्षण केवल वार्ड सदस्यों के पदों पर लागू होता है, नगर निगमों के महापौर (Mayor) या नगरपालिकाओं के अध्यक्ष के पदों पर नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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नीति आयोग का अध्यक्ष?
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मौलिक कर्तव्यों को किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?
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