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Indian Polity
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान सभा के गठन के समय रियासतों (Princely States) को उनकी जनसंख्या के आधार पर सीटें आवंटित की गई थीं और रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा किया जाना था, न कि रियासतों के शासकों द्वारा।
  2. 2. संविधान सभा की संचालन समिति (Steering Committee) और नियम समिति (Rules of Procedure Committee) के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, जबकि सदन समिति (House Committee) के अध्यक्ष बी. पट्टाभि सीतारमैया थे।
  3. 3. प्रारूप समिति (Drafting Committee), जिसे 29 अगस्त 1947 को नियुक्त किया गया था, में अध्यक्ष सहित कुल सात सदस्य शामिल थे, और इस समिति ने संविधान के प्रारूप का पहला संस्करण फरवरी 1948 में प्रकाशित किया था जिस पर देशवासियों को आलोचना और सुझाव देने के लिए आठ महीने का समय दिया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि संविधान सभा में देशी रियासतों (Princely States) के प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के प्रमुखों (शासकों) द्वारा नामित (Nominated) करके किया जाना था, न कि प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा। प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा केवल ब्रिटिश प्रांतों के प्रतिनिधियों का चयन आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के माध्यम से किया गया था। कथन 2 सत्य है; डॉ. राजेंद्र प्रसाद संचालन समिति, नियम समिति और वित्त एवं कर्मचारी उप-समिति के अध्यक्ष थे, जबकि बी. पट्टाभि सीतारमैया सदन समिति के अध्यक्ष थे। कथन 3 भी सत्य है; प्रारूप समिति का गठन 29 अगस्त 1947 को हुआ था जिसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित कुल 7 सदस्य थे। इस समिति ने फरवरी 1948 में संविधान का पहला प्रारूप प्रकाशित किया, जिस पर विचार-विमर्श और सुझावों के लिए 8 महीने का समय दिया गया था। विस्तृत अध्ययन के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर विजिट कर सकते हैं।
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