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Indian Polity
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भारतीय संविधान सभा के गठन और इसकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के माध्यम से एकल संक्रमणीय मत प्रणाली द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था, जिसमें ब्रिटिश प्रांतों और रियाسतों दोनों के प्रतिनिधियों को चुनाव के माध्यम से ही चुना गया था।
- 2. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग लिया था, तथा डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया था।
- 3. संविधान सभा द्वारा अपने कार्यों के संचालन के लिए कुल 22 से अधिक समितियों का गठन किया गया था, जिनमें से प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. बी. आर. अंबेडकर थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि संविधान सभा के सदस्य ब्रिटिश प्रांतों से तो अप्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने गए थे, किंतु रियाسतों (Princely States) के प्रतिनिधियों का चुनाव नहीं बल्कि उनका मनोनयन संबंधित रियासतों के शासकों द्वारा किया जाना था। कथन 2 असत्य है क्योंकि 9 दिसंबर 1946 को हुई संविधान सभा की प्रथम बैठक का मुस्लिम लीग ने बहिष्कार किया था, और डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का **अस्थाई** (Temporary) अध्यक्ष चुना गया था, न कि स्थायी अध्यक्ष (स्थायी अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद को बनाया गया था)। कथन 3 सत्य है क्योंकि संविधान सभा ने अपने विभिन्न कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई बड़ी और छोटी समितियों का गठन किया था (कुल समितियां 22 से अधिक थीं), जिनमें डॉ. बी. आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में गठित प्रारूप समिति सबसे महत्वपूर्ण थी। अधिक विस्तृत अध्ययन के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर जा सकते हैं।
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या अन्य किसी सदस्य को राष्ट्रपति द्वारा उसके पद से केवल साबित कदाचार या असमर्थता के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय की संस्तुति के पश्चात ही हटाया जा सकता है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को हटाने की शक्ति भी केवल राष्ट्रपति के पास ही होती है, राज्यपाल के पास नहीं।
2. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल 6 वर्ष की अवधि या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक होता है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल 6 वर्ष की अवधि या 62 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक निर्धारित किया गया है।
3. राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष अपने कार्यकाल की समाप्ति के पश्चात संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में अथवा किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त होने के लिए पात्र होता है, किंतु वह भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य रोजगार का पात्र नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान की अनुसूचियों, राजभाषा और राजनैतिक दलों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संवैधानिक संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें संशोधन) के माध्यम से बढ़ाकर वर्तमान में 22 कर दिया गया है, किंतु इस अनुसूची में 'अंग्रेज़ी' और 'राजस्थानी' भाषाओं को अभी तक आधिकारिक रूप से शामिल नहीं किया गया है।
2. संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 343 से 351 तक संघ की राजभाषा से संबंधित उपबंध किए गए हैं, जिसके तहत अनुच्छेद 351 में यह निर्देश दिया गया है कि संघ का यह कर्तव्य होगा कि वह हिंदी भाषा का प्रसार बढ़ाए, उसका विकास करे ताकि वह भारत की सामासिक संस्कृति के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके और उसके रूप में मुख्य रूप से संस्कृत के साथ-साथ देश की अन्य भाषाओं की शब्दावली को भी आत्मसात करे।
3. वर्ष 1985 के 52वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान में दसवीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसके तहत दलबदल के आधार पर संसद और राज्य विधानमंडलों के सदस्यों की निर्हता (Disqualification) से संबंधित उपबंध किए गए हैं, और इस अनुसूची के अंतर्गत दलबदल से जुड़े किसी विवाद पर अंतिम निर्णय लेने की शक्ति संबंधित सदन के पीठासीन अधिकारी (सभापति या अध्यक्ष) के पास होती है, जिसका न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) किसी भी परिस्थिति में नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्च न्यायालयों (High Courts) और अधीनस्थ न्यायालयों (Subordinate Courts) की शक्तियों, अधिकारक्षेत्र और उनकी संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत किसी उच्च न्यायालय की रिट (Writ) अधिकारिता, उच्चतम न्यायालय की अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्राप्त रिट अधिकारिता की तुलना में अधिक विस्तृत है, क्योंकि उच्चतम न्यायालय केवल मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए रिट जारी कर सकता है, जबकि उच्च न्यायालय मूल अधिकारों के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार (Legal Right) के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी कर सकते हैं।
2. संविधान के अनुच्छेद 233 के प्रावधानों के अनुसार, किसी राज्य में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके की जाती है, और जिला न्यायाधीश के अलावा अन्य न्यायिक सेवा के व्यक्तियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात नियमों के अनुसार की जाती है।
3. अनुच्छेद 235 के अंतर्गत राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण (जिसमें जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों की पोस्टिंग, प्रमोशन और छुट्टी से संबंधित नियंत्रण शामिल है) पूरी तरह से संबंधित राज्य सरकार के गृह विभाग में निहित होता है, और इसमें उच्च न्यायालय की कोई भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं के गठन, सीटों के आरक्षण और उनकी वित्तीय शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 243-D के अनुसार प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरे जाने वाले कुल स्थानों की संख्या का कम से कम एक-तिहाई भाग महिलाओं के लिए आरक्षित होगा (जिसमें अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की महिलाओं के लिए आरक्षित स्थान भी शामिल हैं), तथा यह आरक्षण प्रत्येक पंचायत में चक्रानुक्रम (Rotation) से विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों को आवंटित किया जाएगा।
2. अनुच्छेद 243-H के प्रावधानों के तहत प्रत्येक राज्य का राज्यपाल, प्रत्येक पांच वर्ष की समाप्ति पर एक वित्त आयोग का गठन करेगा, जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा और राज्यपाल को उन सिद्धांतों की संस्तुति करेगा जिनके आधार पर राज्य द्वारा संचित निधि से पंचायतों को सहायता-अनुदान दिया जाना चाहिए।
3. अनुच्छेद 243-G के अंतर्गत राज्य का विधानमंडल, विधि द्वारा पंचायतों को ऐसी शक्तियां और प्राधिकार प्रदान कर सकता है जो उन्हें आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध 29 विषयों के संबंध में योजनाएं तैयार करने और उनके क्रियान्वयन के लिए उत्तरदायी बनाने हेतु आवश्यक हों।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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लोकसभा अधिकतम सीटें?
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