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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों (High Courts) और अधीनस्थ न्यायालयों (Subordinate Courts) की संरचना, अधिकारक्षेत्र तथा स्वतंत्रता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 217 के अनुसार उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायमूर्ति और संबंधित राज्य के राज्यपाल के परामर्श के पश्चात की जाती है, तथा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के लिए संसद के प्रत्येक सदन द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव के आधार पर राष्ट्रपति द्वारा आदेश जारी किया जाता है, जिसकी प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान होती है।
  2. 2. संविधान के अनुच्छेद 226 के अंतर्गत प्रदत्त उच्च न्यायालय की रिट अधिकारक्षेत्र (Writ Jurisdiction) की शक्ति सर्वोच्च न्यायालय के अनुच्छेद 32 के अंतर्गत प्रदत्त रिट अधिकारक्षेत्र की तुलना में अधिक व्यापक है, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय केवल मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के मामले में रिट जारी कर सकता है, जबकि उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के साथ-साथ किसी अन्य विधिक अधिकार (Legal Rights) के प्रवर्तन के लिए भी रिट जारी कर सकता है।
  3. 3. जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति से संबंधित मामलों में संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करना अनिवार्य होता है, किंतु जिला न्यायालयों से नीचे के अन्य न्यायिक सेवा के सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श के बिना सीधे अपने कार्यकारी विवेक से की जाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 217 के तहत उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश, संबंधित राज्य के राज्यपाल तथा (उच्च न्यायालय के मामले में) राज्य के मुख्य न्यायमूर्ति के परामर्श से की जाती है। इन्हें हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही संसद के विशेष बहुमत द्वारा होती है। कथन 2 सही है: उच्च न्यायालय की रिट अधिकारक्षेत्र की शक्ति अनुच्छेद 226 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय के अनुच्छेद 32 से अधिक विस्तृत है क्योंकि उच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों के अतिरिक्त सामान्य विधिक अधिकारों के उल्लंघन पर भी रिट जारी कर सकता है। कथन 3 गलत है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 234 के अनुसार जिला न्यायालयों से भिन्न अन्य न्यायिक सेवा के सदस्यों की नियुक्ति भी राज्यपाल द्वारा संबंधित राज्य लोक सेवा आयोग और उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करके ही की जाती है, न कि सीधे कार्यकारी विवेक से। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पढ़ें।
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