त्वरित लिंक्स
Indian Polity
1 views
भारतीय संविधान के भाग XVII (राजभाषा) और संविधान की विभिन्न अनुसूचियों तथा भागों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 344 के अंतर्गत राष्ट्रपति को यह शक्ति प्रदान की गई है कि वह संविधान के प्रारंभ से पाँच वर्ष की अवधि समाप्त होने पर और उसके ठीक दस वर्ष पश्चात एक राजभाषा आयोग (Official Language Commission) का गठन करेगा, तथा इस आयोग की संस्तुतियों की जाँच के लिए संसद के दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति के गठन का भी प्रावधान है।
- 2. आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ शामिल थीं, जिन्हें समय-समय पर विभिन्न संविधान संशोधनों द्वारा जोड़ा गया; जैसे—सिंधी भाषा को 21वें संविधान संशोधन द्वारा, कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली को 71वें संविधान संशोधन द्वारा, तथा बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को 92वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया।
- 3. भारतीय संविधान के भाग XV के अंतर्गत निर्वाचन आयोग का प्रावधान है, भाग XVI के अंतर्गत कुछ वर्गों से संबंधित विशेष उपबंध (जैसे SC, ST, Anglo-Indian) दिए गए हैं, और भाग XVIII पूरी तरह से आपातकालीन उपबंधों से संबंधित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 344 के तहत राष्ट्रपति राजभाषा आयोग का गठन करता है और संसद की संयुक्त समिति इसकी रिपोर्ट की समीक्षा करती है। कथन 2 भी सही है क्योंकि आठवीं अनुसूची में मूलतः 14 भाषाएँ थीं और बाद में 21वें, 71वें तथा 92वें संविधान संशोधनों द्वारा अन्य भाषाओं को जोड़ा गया जिससे इनकी कुल संख्या 22 हो गई है। कथन 3 पूरी तरह सही है क्योंकि भाग XV (अनुच्छेद 324-329) निर्वाचन से, भाग XVI (अनुच्छेद 330-342) कुछ वर्गों के लिए विशेष उपबंधों से और भाग XVIII (अनुच्छेद 352-360) आपातकालीन उपबंधों से संबंधित है। संविधान के विस्तृत अध्ययन के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर जा सकते हैं।
Related Questions
→
भारतीय संविधान के अंतर्गत आपातकालीन उपबंधों (भाग XVIII) और उनसे संबंधित प्रमुख संवैधानिक संशोधनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा अनुच्छेद 352 में संशोधन करके यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा संपूर्ण भारत या उसके किसी विशिष्ट भाग तक सीमित की जा सकती है, तथा राष्ट्रपति को पूरे देश में एक साथ या अलग-अलग हिस्सों में भिन्न-भिन्न आधारों पर आपातकाल लागू करने की शक्ति दी गई।
2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा के प्रस्ताव को संसद के दोनों सदनों द्वारा अपनी कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत (विशेष बहुमत) द्वारा एक महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना आवश्यक है।
3. 44वें संविधान संशोधन के पश्चात ही यह स्पष्ट वैधानिक प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल के प्रवर्तन के दौरान अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की प्रस्तावना में 'स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व' के आदर्शों को फ्रांसीसी क्रांति (1789) से लिया गया है, जबकि 'सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय' के आदर्श को रूसी क्रांति (1917) से प्रेरित होकर शामिल किया गया है।
2. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'केशवानंद भारती वाद' (1973) में यह स्पष्ट किया गया कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है और इसमें संसद द्वारा अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन किया जा सकता है, बशर्ते यह संशोधन संविधान की 'मूल संरचना' (Basic Structure) को क्षति न पहुँचाए।
3. बेरूबारी यूनियन बाद (1960) में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि प्रस्तावना संविधान का भाग नहीं है, इसलिए विधायिका इसमें संशोधन करने की शक्ति नहीं रखती है, और इस स्थिति को आज भी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पूर्णतः अपरिवर्तित रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
प्रथम आम चुनाव कब हुए?
→
राज्य की कार्यपालिका के संदर्भ में राज्यपाल और मुख्यमंत्री की शक्तियों, संवैधानिक स्थिति तथा उनके पारस्परिक संबंधों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 163 के अनुसार राज्यपाल को अपनी कृतियों के निर्वहन में सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रधान मुख्यमंत्री होगा, किंतु यदि कोई प्रश्न यह उठता है कि क्या कोई विषय ऐसा है जिसके संबंध में संविधान द्वारा या उसके अधीन राज्यपाल को अपने विवेक से कार्य करना अपेक्षित है, तो राज्यपाल द्वारा अपने विवेक से किया गया निर्णय अंतिम होगा और उसके इस निर्णय की विधिुधता को किसी भी न्यायालय में इस आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती है कि उसे अपने विवेक से कार्य करना चाहिए था या नहीं।
2. संविधान के अनुच्छेद 164 के अंतर्गत मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की सलाह पर की जाती है, तथा मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य की विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, और राज्यपाल मंत्रिपरिषद के किसी सदस्य को व्यक्तिगत रूप से भी पदच्युत (Dismiss) कर सकता है, भले ही मुख्यमंत्री उसकी संस्तुति न करे।
3. राज्य के महाधिवक्ता (Advocate-General) की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 165 के तहत राज्यपाल द्वारा की जाती है, और वह राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है, तथा उसे राज्य के किसी भी न्यायालय में सुनवाई का अधिकार प्राप्त होता है, और राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों (यदि द्विसदनीय व्यवस्था हो) या उनकी समितियों में बोलने तथा भाग लेने का अधिकार तो होता है, किंतु उसे मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
अनुच्छेद 324 किससे संबंधित है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.