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Indian Polity
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राज्य विधानमंडल के अंतर्गत 'विधानसभा' (Legislative Assembly) और 'विधान परिषद' (Legislative Council) की संरचना, विघटन और विधाई शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 170 के अनुसार किसी राज्य की विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या उस राज्य की कुल जनसंख्या के आधार पर निर्धारित होती है, जिसमें अधिकतम संख्या 500 और न्यूनतम संख्या 60 हो सकती है, हालांकि सिक्किम, मिजोरम और गोवा जैसे राज्यों के लिए न्यूनतम संख्या के संबंध में अपवादस्वरूप विशेष प्रावधान किए गए हैं।
- 2. संविधान के अनुच्छेद 169 के तहत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उसके उत्सादन (Abolition) के लिए विधि बना सकती है, बशर्ते संबंधित राज्य की विधानसभा उस राज्य के कुल सदस्यों के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से इस आशय का संकल्प पारित कर दे।
- 3. राज्य की विधान परिषद एक स्थायी सदन है और इसके सभी सदस्यों का कार्यकाल राज्यसभा की भांति 6 वर्ष का होता है, तथा इसके कुल सदस्यों में से एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष की समाप्ति पर सेवानिवृत्त हो जाते हैं, जिन्हें विधान सभा के सदस्यों द्वारा ही विशेष रूप से चुना जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: संविधान के अनुच्छेद 170 के अनुसार राज्य की विधानसभा की संरचना के तहत सदस्यों की अधिकतम संख्या 500 और न्यूनतम संख्या 60 निर्धारित की गई है, परंतु सिक्किम (32), मिजोरम (40) और गोवा (40) जैसे कुछ राज्यों के लिए अपवादस्वरूप कम संख्या का प्रावधान भी किया गया है। कथन 2 सही है: अनुच्छेद 169 के अंतर्गत संसद किसी राज्य में विधान परिषद का सृजन या उत्सादन कर सकती है यदि संबंधित राज्य की विधानसभा अपने कुल सदस्यों के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत (Special Majority) से ऐसा प्रस्ताव पारित करती है। कथन 3 गलत है: विधान परिषद के सभी सदस्यों का चुनाव विधानसभा सदस्यों द्वारा नहीं किया जाता है; इसके निर्वाचन का निर्वाचन-मंडल (Electorate) विभिन्न स्रोतों से मिलकर बनता है—जैसे स्थानीय निकायों द्वारा, स्नातकों द्वारा, शिक्षकों द्वारा, और विधानसभा सदस्यों द्वारा, तथा राज्यपाल द्वारा मनोनीत सदस्य। इसके अलावा, विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है और एक-तिहाई सदस्य प्रति दो वर्ष पर सेवानिवृत्त होते हैं, लेकिन कथन का दूसरा भाग कि 'सभी सदस्यों को विधानसभा सदस्यों द्वारा चुना जाता है' गलत है। अधिक विस्तृत जानकारी के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था का अध्ययन कर सकते हैं।
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धन विधेयक (Money Bill) केवल किस सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों (अनुच्छेद 5-11) और संसद की विधाई शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 9 के स्पष्ट प्रावधान के अनुसार, यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है, किंतु यह नियम उन मामलों पर लागू नहीं होता जहाँ भारत सरकार द्वारा युद्ध काल की घोषणा की गई हो।
2. अनुच्छेद 11 संसद को नागरिकता के अर्जन और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में विधि बनाने की संपूर्ण और अनन्य शक्ति प्रदान करता है, और इस संवैधानिक शक्ति के तहत संसद द्वारा बनाए गए किसी भी कानून को इस आधार पर अवैध घोषित नहीं किया जा सकता कि वह भारत के राज्यक्षेत्र के बाहर के भू-भाग पर भी लागू होता है (एक्स्ट्रा-टेरिटोरियल ऑपरेशन)।
3. नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के अंतर्गत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के प्रवासियों को अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा और उनके लिए देशीयकरण (Naturalisation) द्वारा नागरिकता प्राप्त करने की आवश्यक निवास अवधि को 11 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष कर दिया गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास के क्रम में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित विभिन्न अधिनियमों (रेगुलेटिंग एक्ट्स एवं चार्टर अधिनियमों) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रेगुलेटिंग एक्ट, 1773 के माध्यम से बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' पदनाम दिया गया और उसकी सहायता के लिए चार सदस्यीय कार्यकारी परिषद का गठन किया गया, तथा इसी अधिनियम के तहत कलकत्ता में एक सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना की गई जिसमें मुख्य न्यायाधीश सहित कुल चार न्यायाधीश थे।
2. पिट्स इंडिया एक्ट, 1784 द्वारा कंपनी के राजनीतिक और वाणिज्यिक कार्यों को पृथक कर दिया गया, जिसके तहत 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' (Board of Control) की स्थापना की गई जो कंपनी के नागरिक, सैन्य और राजस्व संबंधी मामलों की देखरेख करता था, और इस प्रकार द्वैध शासन प्रणाली (Double Government) की शुरुआत हुई।
3. चार्टर अधिनियम, 1833 द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को 'भारत का गवर्नर-जनरल' बना दिया गया और देश की शासन प्रणाली में पहली बार 'खुली प्रतियोगिता प्रणाली' (Open Competition System) के आधार पर सिविल सेवकों के चयन का विधिवत प्रयास किया गया, जिसे निदेशक कोर्ट (Court of Directors) के कड़े विरोध के कारण तुरंत निष्प्रभावी कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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राज्य की कार्यपालिका और मुख्यमंत्री की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 167 के अनुसार राज्य के मुख्यमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह राज्य के प्रशासन से संबंधित और विधान विषयक प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय राज्यपाल को संसूचित करे तथा राज्यपाल द्वारा माँगी गई सभी सूचनाएँ उन्हें प्रदान करे।
2. यदि मुख्यमंत्री विधानसभा में विश्वास मत खो देता है या उसका त्यागपत्र हो जाता है, तो मंत्रिपरिषद स्वतः विघटित हो जाती है और राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह के बिना अपने स्वविवेक से नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति कर सकता है, बशर्ते सदन में किसी अन्य नेता के पास बहुमत का स्पष्ट दावा हो।
3. राज्य के महाधिवक्ता (Advocate General) की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और वह अपने पद पर राज्यपाल के प्रसादपर्यंत (During the pleasure of the Governor) धारण करता है, किंतु महाधिवक्ता को राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में बोलने और भाग लेने का अधिकार तो है, परंतु उसे मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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अनुच्छेद 370 किस राज्य से संबंधित था?
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