त्वरित लिंक्स
Indian Polity
18 views
भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की अभिलेख न्यायालय (Court of Record) के रूप में स्थिति और न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) की शक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 129 के अनुसार उच्चतम न्यायालय एक अभिलेख न्यायालय है, जिसका अर्थ है कि उसके सभी निर्णयों, अभिलेखों और कार्रवाइयों को साक्ष्य के रूप में स्थायी मान्यता प्राप्त होती है और देश के किसी भी न्यायालय में उनके विधिक मूल्य पर प्रश्न नहीं उठाया जा सकता है।
- 2. उच्चतम न्यायालय को संविधान के तहत न केवल अपनी अवमानना के लिए, बल्कि देश के उच्च न्यायालयों और अधीनस्थ न्यायालयों की अवमानना के लिए भी दंडित करने की व्यापक और पूर्ण शक्ति प्राप्त है।
- 3. 'न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971' के प्रावधानों के तहत सिविल अवमानना (Civil Contempt) का तात्पर्य उच्चतम न्यायालय के किसी निर्णय, डिक्री, आदेश या रिट का जानबूझकर उल्लंघन करना है, जबकि आपराधिक अवमानना (Criminal Contempt) के अंतर्गत ऐसा कोई प्रकाशन या कार्य शामिल है जो उच्चतम न्यायालय के प्राधिकार को कम करता है या न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 129 के अनुसार उच्चतम न्यायालय एक अभिलेख न्यायालय है, जिसके सभी निर्णयों और अभिलेखों को साक्ष्यात्मक मूल्य प्राप्त होता है और उन पर किसी भी न्यायालय में प्रश्न नहीं उठाया जा सकता। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 129 के तहत उच्चतम न्यायालय को केवल अपनी अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति है, देश के उच्च न्यायालयों की अवमानना के लिए दंडित करने की शक्ति उच्च न्यायालयों (अनुच्छेद 215) के पास होती है, न कि सीधे उच्चतम न्यायालय के पास। कथन 3 सही है; 'न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971' के तहत सिविल अवमानना न्यायालय के आदेशों के जानबूझकर उल्लंघन से संबंधित है, जबकि आपराधिक अवमानना न्यायिक प्राधिकार को कम करने वाले कृत्यों या प्रकाशनों से जुड़ी है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत शहरी स्थानीय शासन (नगरपालिकाओं) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के माध्यम से संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया, जिसमें अनुच्छेद 243-P से 243-ZG तक के प्रावधान शामिल हैं, तथा इसके तहत नगरपालिकाओं के तीन प्रकार—नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम—के गठन का प्रावधान किया गया है।
2. अनुच्छेद 243-S के अनुसार प्रत्येक नगरपालिका में वार्ड कमेटियों (Ward Committees) का गठन किया जाना अनिवार्य है, और यह प्रावधान उन सभी नगरपालिकाओं पर लागू होता है जिनकी कुल जनसंख्या दस लाख या उससे अधिक है।
3. अनुच्छेद 243-Y के प्रावधानों के तहत पंचायतों के लिए गठित राज्य वित्त आयोग ही नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की भी समीक्षा करता है और राज्यपाल को उनकी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए संस्तुतियां प्रस्तुत करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय संविधान के भाग-IVक के अंतर्गत उल्लिखित 'मूल कर्तव्यों' (Fundamental Duties) के प्रावधानों और उनके ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल कर्तव्यों को सरदार स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, जिसमें समिति ने नागरिकों द्वारा करों का भुगतान (Payment of Taxes) करने को भी एक मूल कर्तव्य के रूप में शामिल करने की संस्तुति की थी, जिसे इंदिरा गांधी सरकार ने स्वीकार नहीं किया था।
2. अनुच्छेद 51क के तहत प्रदत्त मूल कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैं, विदेशी नागरिकों पर नहीं, और इनकी प्रकृति न्यायोचित (Justiciable) है, जिसका अर्थ यह है कि यदि कोई नागरिक किसी मूल कर्तव्य का उल्लंघन करता है, तो उसे सीधे उच्चतम न्यायालय द्वारा दंडित किया जा सकता है।
3. न्यायमूर्ति जे.एस. वर्मा समिति (1999) ने मूल कर्तव्यों के शिक्षण और उनके प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित संस्तुतियाँ दी थीं, और इस समिति ने यह स्पष्ट किया था कि संविधान के कई मूल कर्तव्यों का सार भारतीय सांस्कृतिक और पारंपरिक मूल्यों जैसे पर्यावरण संरक्षण और भाईचारे में पहले से ही निहित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय संविधान में 'संसद की जननी' किसे कहा जाता है?
→
भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के तहत भारत के महान्यायवादी को संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उसे संसद में मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है।
2. भारत का नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं होता है और न ही वह संसद में मतदान कर सकता है, किंतु महान्यायवादी के विपरीत CAG अपनी रिपोर्ट सीधे संसद में प्रस्तुत नहीं करता है, बल्कि वह अपनी लेखा परीक्षा रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपता है, जिसे राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाते हैं।
3. संविधान के अनुच्छेद 148 के अनुसार नियंत्रक-महालेखापरीक्षक को उसके पद से उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि महान्यायवादी राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (During the Pleasure of the President) पद धारण करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, तथा यदि अध्यक्ष का पद रिक्त हो जाता है या वह अनुपस्थिति के कारण अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ है, तो राष्ट्रपति आयोग के अन्य सदस्यों में से किसी एक को कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में नियुक्त कर सकता है, भले ही वह सदस्य यूपीएससी का सदस्य न हो।
2. राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को केवल राष्ट्रपति के आदेश द्वारा ही उसके पद से हटाया जा सकता है, भले ही उनकी नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, और हटाने के आधार वही होते हैं जो संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों के लिए संविधान के अनुच्छेद 317 में निर्धारित किए गए हैं।
3. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार के अधीन किसी अन्य रोजगार के पात्र नहीं होते हैं, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष अपने कार्यकाल की समाप्ति के पश्चात संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में अथवा किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति का पात्र होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.