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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अंतर्गत अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) और केंद्र-राज्य वित्तीय व प्रशासनिक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति को लोक हित में एक अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, और यह एक स्थायी संवैधानिक निकाय (Permanent Constitutional Body) है जिसका उल्लेख मूल संविधान में 1950 से ही विद्यमान था।
- 2. सरकारी आयोग (Sarkaria Commission) की संस्तुतियों के आधार पर वर्ष 1990 में राष्ट्रपति के आदेश द्वारा अंतर-राज्यीय परिषद् का गठन किया गया, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और विधानमंडल वाले केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री इसके सदस्य होते हैं।
- 3. अनुच्छेद 263 के तहत गठित अंतर-राज्यीय परिषद् की प्रकृति मुख्य रूप से एक विमर्शकारी (Deliberative) और संस्तुति करने वाली निकाय की है, अर्थात् इसके द्वारा दिए गए निर्णय या संस्तुतियाँ केंद्र और राज्यों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी (Legally Binding) होती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि हालांकि अनुच्छेद 263 के तहत अंतर-राज्यीय परिषद् का प्रावधान मूल संविधान में अवश्य था, किंतु यह एक 'स्थाई' निकाय नहीं है बल्कि राष्ट्रपति जब चाहें लोक हित में इसकी स्थापना कर सकते हैं (यह एक तदर्थ या आवश्यकतानुसार सृजित होने वाली व्यवस्था की तरह परिकल्पित था, जिसे बाद में 1990 में गठित किया गया)। कथन 2 सत्य है; सरकारी आयोग की सिफारिश पर राष्ट्रपति के आदेश से 1990 में पहली बार अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना की गई थी, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं और सभी राज्यों के मुख्यमंत्री इसके सदस्य होते हैं। कथन 3 असत्य है क्योंकि अंतर-राज्यीय परिषद् के निर्णय या संस्तुतियाँ केवल परामर्शदात्री (Advisory/Deliberative) प्रकृति की होती हैं, वे केंद्र या राज्य सरकारों पर किसी भी प्रकार से कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होती हैं। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट कर सकते हैं।
Related Questions
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भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत पंचायती राज संस्थाओं के गठन, वित्तीय शक्तियों और संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस संशोधन के माध्यम से संविधान में नया भाग IX जोड़ा गया, जिसका शीर्षक 'पंचायत' है और इसके अंतर्गत अनुच्छेद 243 से 243-O तक के प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिसमें ग्रामीण स्तर पर ग्राम पंचायत, मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत समिति और जिला स्तर पर जिला पंचायत के त्रि-स्तरीय ढांचे का उपबंध है।
2. प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने जाने वाले सभी स्थानों की कुल संख्या का कम से कम एक-तिहाई (अर्थात 33 प्रतिशत) स्थान महिलाओं के लिए आरक्षित होना अनिवार्य है, तथा यह आरक्षण महिलाओं के लिए अध्यक्ष के पदों पर भी लागू होता है।
3. राज्य का राज्यपाल प्रत्येक पाँच वर्ष की समाप्ति पर पंचायतों की वित्तीय स्थिति का पुनरावलोकन करने के लिए एक 'राज्य वित्त आयोग' (State Finance Commission) का गठन करता है, जो राज्यपाल को यह संस्तुति करता है कि करों और शुल्कों के आगमों को राज्य और पंचायतों के बीच किस प्रकार विभाजित किया जाए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संशोधन किया गया है, जिसके माध्यम से इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे, और इन शब्दों को जोड़ने से प्रस्तावना के मूल ढांचे (Basic Structure) में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।
2. सर्वोच्च न्यायालय के 'बेरुबारी यूनियन वाद (1960)' में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट रूप से अभिनिर्धारित किया था कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है, और संसद को अनुच्छेद 368 के तहत प्रस्तावना में संशोधन करने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है, बशर्ते वह संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन न करे।
3. 'केशवानंद भारती वाद (1973)' के ऐतिहासिक निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने अपने पूर्व के मत को बदलते हुए यह स्वीकार किया कि प्रस्तावना संविधान का भाग है तथा इसमें संशोधन किया जा सकता है, किंतु प्रस्तावना में उल्लेखित 'प्रभुत्व संपन्न', 'लोकतांत्रिक' और 'गणराज्य' जैसे शब्द इसके मूल ढांचे का हिस्सा हैं जिन्हें सामान्य संवैधानिक संशोधनों द्वारा भी समाप्त नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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किस राज्य में द्विसदनीय विधानमंडल नहीं है?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत नागरिकता के उपबंधों (अनुच्छेद 5-11) और संसद की विधाई शक्ति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 11 के तहत संसद को यह स्पष्ट अधिकार दिया गया है कि वह नागरिकता के अर्जन और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में कोई भी उपबंध कर सकती है, और इसी शक्ति का प्रयोग करते हुए संसद ने नागरिकता अधिनियम, 1955 को अधिनियमित किया था।
2. संविधान के अनुच्छेद 10 के अनुसार भारत का कोई भी नागरिक, जिसे भाग II के प्रावधानों के तहत नागरिक माना गया है, संसद द्वारा बनाए गए किसी भी कानून के उपबंधों के अधीन रहते हुए भी अपनी नागरिकता से वंचित नहीं किया जा सकता, अर्थात् संसद नागरिकता छीनने के लिए कोई भूतलक्षी (Retrospective) कानून नहीं बना सकती है।
3. अनुच्छेद 9 के अंतर्गत यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी विदेशी राज्य की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता अनुच्छेद 5, 6 या 8 के अंतर्गत स्वतः समाप्त नहीं मानी जाएगी जब तक कि केंद्र सरकार विधिवत रूप से उसे वंचित (Deprivation) करने का आदेश जारी न करे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति की निर्वाचन पद्धति, पद की शक्तियों और प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद के संवैधानिक उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों (निर्वाचित और मनोनीत दोनों सदस्यों) के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचक गण के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है, जिसमें राज्य विधानसभाओं के सदस्यों को कोई भूमिका नहीं होती है।
2. संविधान के अनुच्छेद 75(1A) के अनुसार प्रधानमंत्री सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों की कुल संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के पंद्रह प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, और यह प्रतिबंध केवल केंद्र सरकार पर लागू होता है, राज्य सरकारों के मंत्रिपरिषद की संख्या पर इसका कोई संवैधानिक प्रभाव नहीं है।
3. केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सामूहिक उत्तरदायित्व के सिद्धांत (Collective Responsibility) के तहत यदि लोकसभा द्वारा किसी एक कैबिनेट मंत्री के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया जाता है, तो पूरी मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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