BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
16 views

भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संवैधानिक पदों और उनकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार भारत के महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और वह पद धारण करता है जो राष्ट्रपति को प्रसादपर्यंत (during the pleasure of the President) प्राप्त होता है, तथा महान्यायवादी को भारत के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार है और उसे संसद के दोनों सदनों की बैठकों में बोलने या भाग लेने का अधिकार तो है, किंतु उसे किसी भी मामले में मतदान करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
  2. 2. अनुच्छेद 148 के तहत भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा की जाती है, और उसे उसके पद से केवल उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, तथा CAG अपने पद पर छह वर्ष की अवधि या पैंसठ वर्ष की आयु तक (इनमें से जो भी पहले हो) बने रह सकता है।
  3. 3. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) भारत सरकार के सभी प्राप्तियों और व्ययों की लेखापरीक्षा करता है और केंद्र सरकार के लेखों से संबंधित अपनी रिपोर्ट सीधे राष्ट्रपति को सौंपता है, जो उसे संसद के प्रत्येक सदन के पटल पर रखवाते हैं, किंतु CAG को यह शक्ति प्राप्त नहीं है कि वह किसी भी निजी कंपनी या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) के खातों की लेखापरीक्षा अपनी इच्छा से करे जब तक कि संसद द्वारा विधि बनाकर या विशेष अनुरोध न किया गया हो।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 76 के अंतर्गत महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होती है, वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है, उसे संसद के दोनों सदनों में बोलने तथा उसकी कार्यवाहियों में भाग लेने का अधिकार है (अनुच्छेद 88), किंतु उसे मतदान का अधिकार नहीं है। कथन 2 भी सही है क्योंकि अनुच्छेद 148 के तहत नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और उसे उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की तरह साबित कदाचार या असमर्थता के आधार पर संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से पारित प्रस्ताव के माध्यम से ही हटाया जा सकता है, तथा इसका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) है। कथन 3 गलत है क्योंकि CAG सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और सरकारी कंपनियों की लेखापरीक्षा कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कर सकता है और इसके लिए संसद की विशेष अनुमति की हर बार आवश्यकता नहीं होती है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर जाएं।
Share:

Related Questions

→ भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्य विधानमंडल (विधानसभा और विधान परिषद) के गठन, संरचना और विधायी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 169 के अनुसार संसद किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्सादन के लिए विधि बना सकती है, यदि उस राज्य की विधानसभा ने इस आशय का प्रस्ताव उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा पारित कर दिया हो, तथा इस प्रकार के संशोधन को अनुच्छेद 368 के प्रयोजनों के लिए संविधान संशोधन माना जाएगा। 2. विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या उस राज्य की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती है, और किसी भी स्थिति में विधान परिषद में सदस्यों की न्यूनतम संख्या 40 से कम नहीं होनी चाहिए (अपवादस्वरूप जम्मू-कश्मीर का ऐतिहासिक संदर्भ अलग था)। 3. विधान परिषद के कुल सदस्यों में से एक-तिहाई सदस्यों का निर्वाचन ऐसे स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा किया जाता है जो संसद या राज्य विधानसभा के सदस्य नहीं होते हैं, तथा एक-तिहाई सदस्यों का निर्वाचन राज्य की विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों द्वारा किया जाता है, किंतु राज्यपाल द्वारा मनोनीत किए जाने वाले सदस्यों का भाग एक-छठवां हिस्सा (1/6) होता है जो साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन और समाज सेवा से जुड़े होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → भारतीय संविधान की अनुसूचियों, राजभाषा और राजनैतिक दलों से संबंधित प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संविधान संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें संशोधन) के माध्यम से जोड़कर वर्तमान में कुल 22 राजभाषाएँ किया गया है, और अंग्रेजी भाषा को इस अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है। 2. संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 343 से 351 तक संघ की राजभाषा का विस्तृत उपबंध किया गया है, जिसके तहत अनुच्छेद 351 में यह निर्देश दिया गया है कि संघ का यह कर्तव्य होगा कि वह हिंदी भाषा का प्रसार बढ़ाए, उसका विकास करे ताकि वह भारत की सामासिक संस्कृति के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके। 3. ददल बदल विरोधी कानून (Anti-defection law), जिसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा संविधान की दसवीं अनुसूची में जोड़ा गया था, के अंतर्गत किसी राजनैतिक दल के विधायकों के 'विलय' (Merger) के लिए यह अनिवार्य शर्त रखी गई है कि मूल दल के कम से कम दो-तिहाई (2/3) सदस्यों का अन्य दल में विलय होना आवश्यक है, और ऐसे विलय की स्थिति में उन सदस्यों की सदस्यता समाप्त नहीं होगी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? → बलवंत राय मेहता समिति किससे संबंधित थी? → कैबिनेट मिशन भारत कब आया था? → भारतीय संविधान के भाग III (मूल अधिकार - अनुच्छेद 12-35) के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों और उनके न्यायिक निर्णयों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 13 के अंतर्गत 'विधि' (Law) शब्द के व्यापक दायरे में संसद या राज्य विधानमंडलों द्वारा बनाए गए अधिनियमों के अलावा अध्यादेश, आदेश, उप-विधि, नियम, विनियम तथा रूढ़ि या प्रथा (Custom or Usage) को भी शामिल किया गया है, यदि वे भाग III के प्रावधानों का उल्लंघन करती हैं तो उन्हें शून्य घोषित किया जा सकता है। 2. सर्वोच्च न्यायालय ने 'ऐडीएम जबलपुर बनाम शिवकांत शुक्ला' (1976) के ऐतिहासिक निर्णय में यह प्रतिपादित किया था कि राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान भी अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को निलंबित नहीं किया जा सकता है, जिसे बाद में 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा संवैधानिक रूप से स्पष्ट कर दिया गया। 3. अनुच्छेद 32 के अंतर्गत संवैधानिक उपचारों के अधिकार को डॉ. भीमराव अंबेडकर ने 'संविधान का हृदय और आत्मा' कहा था, तथा सर्वोच्च न्यायालय ने 'चंद्र कुमार मामले' (1997) में यह निर्णय दिया कि न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) की शक्ति संविधान की मूल संरचना (Basic Structure) का एक अनिवार्य हिस्सा है, जिसे संसद द्वारा भी किसी सांविधिक न्यायाधिकरण (Tribunal) को प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.