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Indian Polity
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भारतीय संविधान के निर्माण के क्रम में संविधान सभा की विभिन्न समितियों और उसकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान सभा की संघ शक्ति समिति (Union Powers Committee) के अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू थे, जबकि प्रांतीय संविधान समिति (Provincial Constitution Committee) के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे, और इन दोनों प्रमुख समितियों द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों पर विचार करने के लिए ही 29 अगस्त 1947 को प्रसिद्ध 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) का गठन किया गया था।
- 2. संविधान सभा द्वारा कुल 22 मुख्य समितियों का गठन किया गया था, जिनमें से प्रक्रिया नियम समिति (Rules of Procedure Committee) और संचालन समिति (Steering Committee) के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, जबकि मौलिक अधिकारों और अल्पसंख्यकों से संबंधित सलाहकार समिति के मुख्य अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे।
- 3. संविधान सभा के निर्वाचन के संदर्भ में, इसके सदस्यों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा किया गया था, तथा इसमें देशी रियासतें (Princely States) आरम्भ से ही शामिल थीं और उनके प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के शासकों द्वारा मनोनीत करके सीधे संविधान सभा में भेजा गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि संघ शक्ति समिति के अध्यक्ष जवाहरलाल नेहरू और प्रांतीय संविधान समिति के अध्यक्ष सरदार पटेल थे। कथन 2 गलत है क्योंकि मौलिक अधिकारों और अल्पसंख्यकों से संबंधित सलाहकार समिति के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे, न कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर (अंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे)। कथन 3 गलत है क्योंकि देशी रियासतें शुरुआत में संविधान सभा से दूर रहीं और उनके प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के शासकों द्वारा किया जाना था, जो बाद में प्रक्रिया के तहत शामिल हुए। इस विषय से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के पोर्टल पर जा सकते हैं।
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भारतीय संविधान के भाग-IVक के अंतर्गत समाविष्ट 'मूल कर्तव्यों' (Fundamental Duties) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल कर्तव्यों को स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, जिसमें समिति ने नागरिकों द्वारा करों का भुगतान (Payment of Taxes) करने को भी एक मूल कर्तव्य के रूप में शामिल करने की संस्तुति की थी, जिसे संसद द्वारा स्वीकार नहीं किया गया था।
2. अनुच्छेद 51क के तहत उल्लिखित मूल कर्तव्य केवल भारतीय नागरिकों पर ही लागू होते हैं, विदेशी नागरिकों पर नहीं, और इनकी प्रकृति न्यायोचित (Justiciable) है, जिसका अर्थ यह है कि इनके उल्लंघन पर सीधे उच्चतम न्यायालय द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
3. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के माध्यम से संविधान में 11वाँ मूल कर्तव्य जोड़ा गया, जिसके तहत छह से चौदह वर्ष की आयु के बीच के अपने बच्चे या प्रतिपाल्य (ward) को शिक्षा के अवसर प्रदान करने का दायित्व संबंधित माता-पिता या संरक्षक का होगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति किस अनुच्छेद में वर्णित है?
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भारतीय संविधान के भाग I के अंतर्गत 'संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र' (अनुच्छेद 1-4) और राज्यों के पुनर्गठन से संबंधित विधायी प्रक्रियाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 3 के अंतर्गत संसद को किसी राज्य का क्षेत्र बढ़ाने, घटाने, उसके नाम या सीमा में परिवर्तन करने की शक्ति प्राप्त है, और इस प्रयोजन के लिए राष्ट्रपति द्वारा संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास विधेयक भेजे जाने पर यदि राज्य विधानमंडल एक निश्चित समय-सीमा के भीतर अपनी अस्वीकृति की रिपोर्ट दे देता है, तो संसद उस राज्य की सहमति के बिना आगे की विधाई प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ा सकती है।
2. अनुच्छेद 4 के स्पष्ट प्रावधानों के अनुसार, अनुच्छेद 2 या अनुच्छेद 3 के अधीन नए राज्यों के प्रवेश, स्थापना या मौजूदा राज्यों के पुनर्गठन के लिए बनाई गई किसी भी विधि को संविधान के अनुच्छेद 368 के प्रयोजनों के लिए 'संशोधन' नहीं माना जाएगा, जिसका अर्थ है कि ऐसी विधियों को संसद द्वारा साधारण बहुमत (Simple Majority) से पारित किया जा सकता है।
3. भारत के भू-भाग को किसी अन्य विदेशी देश को सौंपने (Cede) के लिए सर्वोच्च न्यायालय के 'बेरुबारी यूनियन वाद (1960)' में दिए गए परामर्श के अनुसार, केवल अनुच्छेद 3 के अंतर्गत साधारण बहुमत से विधाई कानून बनाकर किसी भारतीय क्षेत्र को विदेशी राज्य को नहीं दिया जा सकता, बल्कि इसके लिए संविधान में संशोधन (अनुच्छेद 368 के तहत) करना अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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