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Indian Polity
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भारतीय संविधान सभा के गठन और उसकी निर्माण प्रक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा किया गया था, और इसमें देशी रियासतें (Princely States) पूरी तरह से अपवर्जित थीं क्योंकि उनके प्रतिनिधियों को रियासतों के शासकों द्वारा मनोनीत किया जाना था, जिन्हें संविधान सभा की बैठकों में भाग लेने की अनुमति नहीं थी।
- 2. संविधान सभा द्वारा संविधान निर्माण के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई समितियों का गठन किया गया था, जिनमें डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में गठित 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) सबसे महत्वपूर्ण थी, जिसमें अध्यक्ष सहित कुल सात सदस्य शामिल थे।
- 3. संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को आयोजित की गई थी, जिस दिन संविधान सभा ने भारत के राष्ट्रीय ध्वज को अंगीकृत किया था, तथा इसी बैठक में डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि यद्यपि देशी रियासतों के प्रतिनिधियों को रियासतों के शासकों द्वारा नामित (मनोनीत) किया जाना था, किंतु जब संविधान सभा की कार्यवाही आगे बढ़ी, तो देशी रियासतों के प्रतिनिधि भी संविधान सभा में शामिल हुए और उन्होंने संविधान निर्माण की प्रक्रिया में भाग लिया। वे पूरी तरह से अपवर्जित नहीं थे। कथन 2 सही है; 29 अगस्त 1946 को गठित 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे और इसमें कुल 7 सदस्य (अध्यक्ष सहित) थे। कथन 3 सही है; संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई थी, इसी दिन संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत को अपनाया गया था, तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत के प्रथम राष्ट्रपति के रूप में चुना गया था। भारतीय राजव्यवस्था के ऐसे ही अन्य महत्वपूर्ण विषयों का अध्ययन करने के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर जा सकते हैं।
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भारतीय संविधान के भाग II (अनुच्छेद 5-11) के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों और नागरिकता अधिनियम, 1955 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 10 के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति जो इस भाग के पूर्वगामी उपबंधों में से किसी के अधीन भारत का नागरिक है या समझा जाता है, वह ऐसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए भारत का नागरिक बना रहेगा जो संसद द्वारा बनाई जाए, जिसका तात्पर्य यह है कि संसद को नागरिकता के अधिकार के नियमन और निरंतरता से संबंधित कानून बनाने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है।
2. नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6 के तहत 'देशीकरण' (Naturalization) द्वारा भारत की नागरिकता प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य शर्त है कि आवेदक को आवेदन देने से ठीक पहले कम से कम बारह वर्षों तक भारत में निवास करना आवश्यक होता है, जिसमें से पिछले बारह महीनों की निरंतर अवधि भी शामिल है।
3. संविधान के अनुच्छेद 11 के आधार पर संसद को नागरिकता के अर्जन और समाप्ति तथा नागरिकता से संबंधित अन्य सभी विषयों के संबंध में उपबंध करने की अनन्य शक्ति प्रदान की गई है, और इस शक्ति के अंतर्गत संसद द्वारा बनाए गए किसी भी कानून को इस आधार पर असंवैधानिक घोषित नहीं किया जा सकता कि वह अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) या अनुच्छेद 21 के प्रावधानों का उल्लंघन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 और शहरी स्थानीय शासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस संशोधन अधिनियम के माध्यम से संविधान में भाग IX-A जोड़ा गया तथा अनुच्छेद 243-Q के तहत प्रत्येक राज्य में तीन प्रकार की नगरपालिकाओं के गठन का प्रावधान किया गया—ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में परिवर्तित होने वाले क्षेत्रों के लिए नगर पंचायत, छोटे शहरी क्षेत्र के लिए नगरपालिका परिषद, और बड़े शहरी क्षेत्र के लिए नगर निगम।
2. संविधान की 12वीं अनुसूची में नगरपालिकाओं की विधाई शक्तियों और उत्तरदायित्वों से संबंधित कुल 18 विषय सूचियों का उल्लेख किया गया है, और इन विषयों पर कानून बनाने की शक्ति राज्य विधानमंडल में निहित है, न कि अनिवार्य रूप से नगरपालिकाओं को सौंपे जाने की संवैधानिक बाध्यता है।
3. 74वें संविधान संशोधन के तहत प्रत्येक नगरपालिका में वार्ड समितियों (Wards Committees) का गठन अनिवार्य किया गया है, किंतु यह प्रावधान केवल उन नगरपालिकाओं पर लागू होता है जिनकी कुल जनसंख्या 3 लाख या उससे अधिक है।
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प्रकृति में सबसे सशक्त बल है?
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विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान किस देश का है?
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भारतीय संसद की विधाई प्रक्रिया और सदनों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 107 के अनुसार लोकसभा में लंबित कोई विधेयक लोकसभा के विघटन होने पर व्यपगत (Lapse) हो जाता है, किंतु यदि कोई विधेयक राज्यसभा में लंबित है और लोकसभा द्वारा उसे पारित नहीं किया गया है, तो वह लोकसभा के विघटन पर व्यपगत नहीं होता है।
2. अनुच्छेद 108 के अंतर्गत दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) बुलाने की शक्ति राष्ट्रपति को प्राप्त है, जिसकी अध्यक्षता केवल लोकसभा के अध्यक्ष (Speaker) द्वारा की जाती है, और यदि अध्यक्ष अनुपस्थित है, तो उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) तथा उसकी भी अनुपस्थिति में राज्यसभा के सभापति द्वारा इस बैठक की अध्यक्षता की जाती है।
3. धन विधेयक (Money Bill) के संबंध में लोकसभा की स्थिति अत्यंत सर्वोच्च होती है, क्योंकि इसे केवल लोकसभा में ही पुनः स्थापित किया जा सकता है, तथा राज्यसभा इस विधेयक को न तो अस्वीकार कर सकती है और न ही इसमें कोई संशोधन कर सकती है, बल्कि वह इसे अधिकतम 14 दिनों की अवधि के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ या बिना सिफारिश के वापस लौटाने के लिए बाध्य होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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