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Indian Polity
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भारतीय संविधान की अनुसूचियों, राजभाषा प्रावधानों तथा राजनीतिक दलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ शामिल थीं, जिन्हें समय-समय पर विभिन्न संविधान संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें संशोधन) के माध्यम से बढ़ाकर वर्तमान में 22 कर दिया गया है, और किसी भी भाषा को इस अनुसूची में शामिल करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सहमति अनिवार्य होती है।
  2. 2. संविधान के भाग XVII के अनुच्छेद 348 के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय की सभी कार्यवाही में प्रयोग की जाने वाली भाषा अंग्रेजी होगी, जब तक कि संसद विधि द्वारा अन्यथा उपबंध न करे, तथा किसी राज्य का राज्यपाल, राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से, उच्च न्यायालय की कार्यवाही में हिंदी या उस राज्य के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाली अन्य भाषा के प्रयोग को प्राधिकृत कर सकता है।
  3. 3. दल-बदल के आधार पर निर्योग्यता से संबंधित संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2 के अंतर्गत, यदि किसी राजनीतिक दल का कोई निर्वाचित सदस्य स्वेच्छा से उस दल की सदस्यता छोड़ देता है या सदन में अपने दल के व्हिप (Whip) के विरुद्ध मतदान करता है, तो उसकी निर्योग्यता का प्रश्न सदन के सभापति या अध्यक्ष द्वारा तय किया जाता है, और उसका यह निर्णय न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे से पूर्णतः बाहर होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं और वर्तमान में 22 भाषाएँ हैं, किंतु किसी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए राष्ट्रपति की पूर्व सहमति कोई संवैधानिक अनिवार्यता नहीं है, बल्कि संसद द्वारा संवैधानिक संशोधन के माध्यम से भाषाएँ जोड़ी जाती हैं। कथन 2 बिल्कुल सही है; अनुच्छेद 348 के अनुसार उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों की कार्यवाही की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है और राज्यपाल राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से उच्च न्यायालयों में हिंदी या क्षेत्रीय भाषा का प्रयोग प्राधिकृत कर सकता है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'किहोटो होलोहन वाद (1992)' में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट कर दिया था कि अध्यक्ष या सभापति द्वारा दल-बदल के आधार पर लिया गया निर्णय न्यायिक समीक्षा के अधीन है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पढ़ें।
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