त्वरित लिंक्स
Indian Polity
1 views
भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और देश में चुनाव सुधारों से संबंधित समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग की स्थापना एक स्थायी निकाय के रूप में की गई है, जिसमें मूल रूप से एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों का प्रावधान संविधान निर्माताओं द्वारा किया गया था।
- 2. दिनेश गोस्वामी समिति (1990) ने यह प्रमुख संस्तुति की थी कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों में सरकारी धन और संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य द्वारा वित्तपोषण (State Funding of Elections) की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जानी चाहिए।
- 3. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में वर्ष 1996 के संशोधन के पश्चात यह प्रावधान किया गया कि चुनाव प्रचार की अवधि को मतदान समाप्त होने के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पूर्व समाप्त (Silence Period) कर दिया जाएगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि मूल संविधान में अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग केवल 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त' (Chief Election Commissioner) के साथ एक सदस्यीय निकाय के रूप मेंगठित किया गया था। इसे पहली बार 16 अक्टूबर 1989 को बहु-सदस्यीय बनाया गया था। कथन 2 सत्य है; दिनेश गोस्वामी समिति ने चुनावों के सरकारी वित्तपोषण और बूथ कैप्चरिंग को रोकने के लिए कठोर दंड के प्रावधानों की सिफारिश की थी। कथन 3 सत्य है; 1996 के संशोधनों के द्वारा चुनाव प्रचार समाप्त होने और मतदान के बीच 48 घंटे की 'शांत अवधि' (Silence Period) का प्रावधान किया गया था। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
Related Questions
→
भारत के महान्यायवादी (Attorney General) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अंतर्गत महान्यायवादी को संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उसे संसद की किसी भी समिति का सदस्य बनाए जाने पर भी मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
2. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) संसद की 'लोक लेखा समिति' (Public Accounts Committee) के मार्गदर्शक, मित्र और दार्शनिक के रूप में कार्य करता है, तथा संघ के लेखा-परीक्षण प्रतिवेदनों को राष्ट्रपति को सौंपता है, जिसे राष्ट्रपति द्वारा संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखवाया जाता है।
3. भारत का महान्यायवादी पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी होता है और उसके निजी विधिक अभ्यास (Private Legal Practice) पर संविधान द्वारा पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे वह सरकार के विरुद्ध किसी भी मामले में पैरवी नहीं कर सकता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय संविधान के भाग III (मूल अधिकार) के अंतर्गत प्रदत्त निवारक नजरबंदी (Preventive Detention) और अनुच्छेद 22 के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान का अनुच्छेद 22 किसी भी व्यक्ति को, जिसे गिरफ्तार किया गया है, यह अधिकार देता है कि वह गिरफ्तारी के कारणों से यथाशीघ्र अवगत कराए जाने के बिना अपनी पसंद के वकील से परामर्श करने और बचाव करने के अधिकार से वंचित न किया जाए, किंतु यह सुरक्षा उपाय शत्रु (Enemy) अन्य देशों के नागरिकों या निवारक नजरबंदी कानून के तहत गिरफ्तार व्यक्तियों पर लागू नहीं होता है।
2. निवारक नजरबंदी के अंतर्गत किसी भी व्यक्ति को तीन महीने से अधिक समय तक तब तक निरुद्ध नहीं रखा जा सकता है, जब तक कि किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के स्तर के व्यक्तियों से गठित सलाहकार बोर्ड (Advisory Board) ने इस अवधि को बढ़ाने के लिए पर्याप्त कारण प्रतिवेदित न कर दिया हो।
3. संसद को विधि द्वारा यह निर्धारित करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है कि किसी व्यक्ति को निवारक नजरबंदी कानून के अंतर्गत सलाहकार बोर्ड की राय प्राप्त किए बिना अधिकतम कितने समय तक निरुद्ध रखा जा सकता है, तथा ऐसा निरोध किस वर्ग के मामलों में लागू होगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
राज्यपाल पद के लिए न्यूनतम आयु सीमा क्या है?
→
भारतीय संविधान के भाग I के अंतर्गत 'संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र' (अनुच्छेद 1-4) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 2 के अंतर्गत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा ऐसे निबंधनों और शर्तों को जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकती है, और यह शक्ति विशेष रूप से उन राज्यों पर लागू होती है जो पहले से भारतीय संघ का हिस्सा नहीं हैं, जबकि अनुच्छेद 3 के तहत राज्यों के आंतरिक पुनर्गठन से संबंधित अधिकार आते हैं।
2. अनुच्छेद 3 के अनुसार किसी भी राज्य का क्षेत्र बढ़ाने, घटाने, उसके नाम या सीमा में परिवर्तन करने से संबंधित कोई भी विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बिना संसद के किसी भी सदन में पुनः स्थापित नहीं किया जा सकता है, तथा राष्ट्रपति के लिए यह अनिवार्य है कि वह ऐसा विधेयक संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास उसकी राय जानने के लिए भेजे और राज्य द्वारा दी गई सिफारिशें या राय राष्ट्रपति के लिए पूर्ण रूप से बाध्यकारी होती हैं।
3. संविधान के अनुच्छेद 4 के यह प्रावधान स्पष्ट करते हैं कि अनुच्छेद 2 या अनुच्छेद 3 के अधीन नए राज्यों के प्रवेश, स्थापना या राज्यों के पुनर्गठन से संबंधित बनाई गई कोई भी विधि अनुच्छेद 368 के प्रयोजनों के लिए संविधान संशोधन नहीं समझी जाएगी, जिसका तात्पर्य यह है कि ऐसी विधियों को साधारण बहुमत (Simple Majority) द्वारा पारित किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय संविधान के अंतर्गत राज्यों के उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति, स्थानांतरण, उनकी स्वतंत्रता तथा अधीनस्थ न्यायपालिका के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 217 के अनुसार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा भारत के मुख्य न्यायमूर्ति और संबंधित राज्य के राज्यपाल से परामर्श करने के पश्चात की जाती है, तथा मुख्य न्यायाधीश से भिन्न किसी अन्य न्यायाधीश की नियुक्ति के मामले में उस उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श करना भी अनिवार्य होता है।
2. संविधान के अनुच्छेद 222 के अंतर्गत राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायमूर्ति से परामर्श करने के पश्चात, किसी उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश का एक उच्च न्यायालय से दूसरे उच्च न्यायालय को स्थानांतरण कर सकता है, और इस प्रकार के स्थानांतरण के एवज में उस न्यायाधीश को कोई भी पूरक भत्ता (Compensatory Allowance) प्राप्त करने का अधिकार नहीं होता है।
3. अनुच्छेद 233क के प्रावधानों के तहत किसी राज्य में कुछ जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति या उससे संबंधित अन्य कार्य जो भूतकाल में विधिवत नहीं किए गए थे, उन्हें इस आधार पर अवैध घोषित नहीं किया जा सकता कि ऐसा परामर्श या प्रक्रिया में कोई संवैधानिक त्रुटि थी, बशर्ते वह संपुष्टि राज्य के विधानमंडल द्वारा कानून बनाकर कर दी गई हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.