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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति की निर्वाचन पद्धति, प्रधानमंत्री की नियुक्ति और मंत्रिपरिषद की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों (निर्वाचित और मनोनीत दोनों) के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचक गण द्वारा होता है, जबकि राज्य विधानमंडल के सदस्य इस निर्वाचक गण का हिस्सा नहीं होते हैं।
  2. 2. अनुच्छेद 75(1) के तहत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करता है, तथा मंत्रिपरिषद में शामिल मंत्रियों की कुल संख्या (प्रधानमंत्री सहित) लोकसभा के कुल सदस्यों के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती है, जिसे 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा जोड़ा गया था।
  3. 3. अनुच्छेद 78 के अंतर्गत प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन के संबध में मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय राष्ट्रपति को संसूचित करे, और यदि राष्ट्रपति ऐसा चाहे, तो किसी विषय पर जिस पर किसी मंत्री ने विनिश्चय कर दिया है किंतु मंत्रिपरिषद ने विचार नहीं किया है, परिषद के समक्ष विचार के लिए प्रस्तुत करे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। विस्तृत अध्ययन के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पर जा सकते हैं। 1. **कथन 1 सत्य है:** संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचक मंडल के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है। इसमें संसद के निर्वाचित और मनोनीत दोनों सदस्य भाग लेते हैं, लेकिन राज्य विधानसभाओं या विधानपरिषदों के सदस्य इसमें शामिल नहीं होते। 2. **कथन 2 सत्य है:** अनुच्छेद 75 के अंतर्गत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करता है। 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित कुल मंत्रियों की संख्या लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक नहीं होगी। 3. **कथन 3 सत्य है:** अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री के संवैधानिक कर्तव्यों को परिभाषित करता है, जिसके तहत उन्हें संघ के प्रशासन और कानून के प्रस्तावों से संबंधित सभी जानकारियाँ राष्ट्रपति को देनी होती हैं।
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