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Indian Polity
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा (Constituent Assembly) की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना, 1946 के प्रस्तावों के तहत किया गया था, जिसके अंतर्गत सभा की कुल 389 सीटों में से ब्रिटिश भारत को आवंटित 296 सीटों में से 4 सीटें मुख्य आयुक्तों के चार प्रांतों (दिल्ली, अजमेर-मारवाड़, कुर्ग और ब्रिटिश बलूचिस्तान) को दी गई थीं, तथा देशी रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के शासकों द्वारा मनोनीत किया जाना था।
- 2. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग लिया था और फ्रांसिसी परंपरा के अनुसार सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का अस्थायी अध्यक्ष चुना गया था, जबकि एच.सी. मुखर्जी और वी.टी. कृष्णमाचारी को सभा का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
- 3. संविधान के निर्माण के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया था, जिनमें से प्रारूप समिति (Drafting Committee) के अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे, और इस समिति का मुख्य कार्य किसी अन्य समिति द्वारा तैयार किए गए संविधान के प्रारूप का परीक्षण करना नहीं, बल्कि सभा द्वारा पारित विभिन्न प्रावधानों और संशोधनों को समाहित करते हुए संविधान का नया अंतिम प्रारूप तैयार करना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना, 1946 के आधार पर हुआ था। कुल 389 सदस्यों में से 296 ब्रिटिश भारत और 93 देशी रियासतों के लिए थीं। ब्रिटिश भारत की 296 सीटों में 292 गवर्नर के प्रांतों से और 4 मुख्य आयुक्तों के प्रांतों (दिल्ली, अजमेर-मारवाड़, कुर्ग, ब्रिटिश बलूचिस्तान) से थीं। देशी रियासतों के प्रतिनिधि रियासतों के प्रमुखों द्वारा मनोनीत किए जाने थे। कथन 2 असत्य है क्योंकि 9 दिसंबर 1946 को हुई संविधान सभा की प्रथम बैठक का मुस्लिम लीग द्वारा पूर्ण रूप से बहिष्कार किया गया था, हालांकि डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को अस्थायी अध्यक्ष बनाया जाना फ्रांसिसी परंपरा पर आधारित था। कथन 3 सही है: डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में गठित प्रारूप समिति ने संविधान के नए प्रारूप को तैयार करने का कार्य किया था। भारतीय संविधान के ऐतिहासिक और संवैधानिक विकास के बारे में अधिक जानने के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के इस विस्तृत पोर्टल को देख सकते हैं।
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प्रस्तावना संशोधन?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत केंद्र-राज्य विधायी एवं प्रशासनिक संबंधों तथा 'अंतर-राज्यीय परिषद्' (Inter-State Council) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 263 के अंतर्गत राष्ट्रपति को लोक हित में एक अंतर-राज्यीय परिषद् की स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, और इस परिषद् का मुख्य कार्य राज्यों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों की जाँच करना, उन पर सलाह देना तथा राज्यों और संघ के सामान्य हितों से संबंधित विषयों पर चर्चा करना है।
2. अंतर-राज्यीय परिषद् के गठन की संस्तुति सर्वप्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग (ARC) द्वारा की गई थी, जिसके पश्चात वर्ष 1990 में सरकारी आयोग (Sarkaria Commission) की सिफारिश पर राष्ट्रपति के आदेश द्वारा इसका स्थायी रूप से गठन किया गया।
3. अंतर-राज्यीय परिषद् की बैठकों की अध्यक्षता भारत के प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है, और इसके सदस्यों में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, संघ राज्य क्षेत्रों (जहाँ विधानसभाएँ हैं) के मुख्यमंत्री तथा राष्ट्रपति शासन वाले राज्यों के राज्यपाल (या प्रशासक) शामिल होते हैं, इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्रिमंडल के छह कैबिनेट मंत्री भी इसके सदस्य होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे?
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भारतीय संविधान सभा के गठन और इसकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के माध्यम से एकल संक्रमणीय मत प्रणाली द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था, जिसमें ब्रिटिश प्रांतों की सीटों का आंटन उनकी जनसंख्या के अनुपात में किया गया था।
2. रियासतों के प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के प्रमुखों द्वारा किया जाना था, जिसके कारण संविधान सभा एक आंशिक रूप से निर्वाचित और आंशिक रूप से मनोनीत निकाय थी।
3. संविधान सभा की कुल सदस्य संख्या 389 निर्धारित की गई थी, जिसमें से 296 सीटें ब्रिटिश भारत को और 93 सीटें देशी रियाਸतों को आवंटित की गई थीं, तथा ब्रिटिश भारत की 296 सीटों में से 4 सीटें मुख्य आयुक्तों के प्रांतों (Chief Commissioners' Provinces) से भरी जानी थीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत में निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) और चुनाव सुधारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, तथा संविधान में यह स्पष्ट रूप से उपबंधित किया गया है कि निर्वाचन आयुक्तों की सेवा शर्तें और पदावधि संसद द्वारा बनाई गई विधि के अनुसार ही निर्धारित होंगी।
2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की संस्तुति के बिना किसी भी परिस्थिति में उनके पद से नहीं हटाया जा सकता है।
3. निर्वाचन आयोग को संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के साथ-साथ किसी राज्य में पंचायतों और नगरपालिकाओं के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति भी संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत ही प्राप्त है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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