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History of India
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मौर्य कालीन केंद्रीय प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में 'अध्यक्ष' (विभिन्न विभागों के अधीक्षक) और उनके उत्तरदायित्वों से संबंधित निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

  1. 1. सीताध्यक्ष - कृषि विभाग का अध्यक्ष
  2. 2. पण्याध्यक्ष - वाणिज्य एवं व्यापार विभाग का अध्यक्ष
  3. 3. सूत्राध्यक्ष - खान विभाग (महान खदानों) का अध्यक्ष
  4. 4.

लक्षणाध्यक्ष - टंकसाल (मुद्रा विभाग) का अध्यक्ष उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?

Detailed Explanation

मौर्य प्रशासन में केंद्रीय व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कौटिल्य के अर्थशास्त्र में 18 तीर्थों (प्रमुख मंत्रियों/अधिकारियों) और 26 से अधिक 'अध्यक्षों' (विभिन्न विभागों के प्रमुख) का उल्लेख मिलता है। सीताध्यक्ष कृषि विभाग का प्रमुख होता था जो राजकीय भूमि और कृषि कार्यों की देखभाल करता था। पण्याध्यक्ष वाणिज्य एवं व्यापार विभाग का अध्यक्ष था। लक्षणाध्यक्ष टंकसाल (सिक्का ढालने वाले विभाग) का प्रमुख होता था। वहीं, सूत्राध्यक्ष कताई-बुनाई (वस्त्र विभाग) का अध्यक्ष था, जबकि खान विभाग (खदानों) के अध्यक्ष को 'आकराध्यक्ष' कहा जाता था। इस प्रकार युग्म 3 गलत सुमेलित है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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प्राचीन भारतीय इतिहास में बौद्ध धर्म और जैन धर्म के संप्रदायों, दार्शनिक मान्यताओं तथा उनके ऐतिहासिक विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जैन धर्म के 'स्यादवाद' (अनेकांतवाद) के अनुसार ज्ञान सापेक्ष और बहुआयामी होता है तथा किसी भी वस्तु के गुण अनंतिम होते हैं, जबकि बौद्ध धर्म के 'प्रतीतसमुत्पाद' सिद्धांत के अनुसार संसार की प्रत्येक वस्तु कारणों और प्रभावों की श्रृंखला से बंधी हुई है और क्षणिक है। 2. बौद्ध धर्म के पतन और उसके विभिन्न संप्रदायों के विकास के क्रम में महायान शाखा में बुद्ध को भगवान मानकर उनकी पूजा की जाने लगी, जबकि थेरवाद (हीनयान) संप्रदाय ने बुद्ध के उपदेशों को उनके मूल रूप में बनाए रखा और व्यक्तिगत साधना पर बल दिया। 3. जैन संघ के विभाजन के परिणामस्वरूप श्वेतांबर और दिगंबर संप्रदायों का उदय हुआ, जिनमें दिगंबर साधु जैन दर्शन के कठोर नियमों का पालन करते हुए पूर्ण नग्नता धारण करते हैं, जबकि श्वेतांबर साधु श्वेत वस्त्र पहनते हैं और इस बात पर विश्वास करते हैं कि स्त्रियाँ भी मोक्ष प्राप्त कर सकती हैं। 4. बौद्ध धर्म की प्रथम संगीति वैशाली में काकावर्ण (कालाशोका) के संरक्षण में हुई थी, जिसकी अध्यक्षता महाकस्सप ने की थी, तथा इसी संगीति में बुद्ध के उपदेशों को 'सुत्तपिटक' और 'विनयपिटक' के रूप में संकलित किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? जहाँगीर के समय किस अंग्रेज व्यापारी ने सूरत में व्यापारिक कोठी स्थापित करने की अनुमति मांगी थी? सत्रहवीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित मराठा साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, राजस्व सुधारों और सैन्य संगठन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिवाजी के केंद्रीय प्रशासन में आठ मंत्रियों का एक समूह 'अष्टप्रधान' कहलाता था, जिसमें 'पेशवा' (प्रधानमंत्री) के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण पद 'अमात्य' या 'मजूमदार' का होता था जो साम्राज्य के आय-व्यय और वित्तीय लेखा-जोखा की देखरेख करता था। 2. शिवाजी ने अपने भू-राजस्व प्रशासन में मलिक अंबर की राजस्व प्रणाली का अनुसरण करते हुए शुरुआत में कुल उपज का 33% कर निर्धारित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 40% कर दिया गया तथा किसानों को नकद या जिंस (अनाज के रूप में) दोनों रूपों में कर चुकाने की छूट दी गई थी। 3. 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' मराठा साम्राज्य के प्रमुख बाह्य कर थे, जिनमें 'चौथ' पड़ोसी मुगल क्षेत्रों की आय का 25% हिस्सा था जो इस बात के बदले वसूला जाता था कि मराठा उस क्षेत्र पर आक्रमण नहीं करेंगे, जबकि 'सरदेशमुखी' अतिरिक्त 10% कर था जो शिवाजी अपने आप को पूरे महाराष्ट्र का पारंपरिक 'सरदेशमुख' (प्रधान मुखिया) मानने के दावे के रूप में वसूलते थे। 4. शिवाजी की सेना में घुड़सवार सेना ('पागा' और 'सिलहदार') सबसे महत्वपूर्ण और अनुशासित अंग थी, तथा सेना में सैनिकों की भर्ती योग्यता के आधार पर की जाती थी, जिसमें सैनिकों को लूट का माल अपने पास रखने की पूर्ण छूट थी और राज्य को इसमें कोई हिस्सा नहीं मिलता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों—विशेषकर पटना, दानापुर, आरा, मुजफ्फरपुर और छपरा—में हुई गतिविधियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. पटना सिटी में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व पीर अली खान नामक एक पुस्तक विक्रेता ने किया था, जिनके घर पर क्रांतिकारी परचे और झंडे मिले थे, तथा कमिश्नर विलियम टेलर के आदेश पर उन्हें सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी गई थी। 2. दानापुर छावनी के 7वीं, 8वीं और 40वीं रेजिमेंट के सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया और सोन नदी पार कर जगदीशपुर के बाबू कुंवर सिंह से जा मिले, जिससे इस क्षेत्रीय संघर्ष को एक राष्ट्रीय आयाम मिला। 3. मुजफ्फरपुर और छपरा (सारण) क्षेत्रों में विद्रोह का प्रसार करने में स्थानीय जमींदारों के साथ-साथ दानापुर से आए विद्रोही सैनिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, तथा छपरा में विद्रोहियों ने सरकारी खजाने पर अधिकार कर जेल तोड़कर बंदियों को रिहा कर दिया था। 4. दानापुर के सैनिकों के विद्रोह के बाद ब्रिटिश कमिश्नर विलियम टेलर ने पटना के तीन प्रमुख वहाबी नेताओं—मौलाना अहमदुल्लाह, शाह मुहम्मद हुसैन और वाइज उल हक—को बातचीत के बहाने पटना में गिरफ्तार कर नजरबंद कर लिया था, जिससे शहर में तीव्र आक्रोश फैल गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में विद्रोही सिपाहियों और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर के बीच उपजे अंतर्विरोधों तथा प्रशासनिक तंत्र की वास्तविक कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मेरठ के विद्रोही सिपाहियों द्वारा दिल्ली पहुँचने पर सम्राट बहादुर शाह जफर ने स्वेच्छा से और पूर्ण उत्साह के साथ इस विद्रोह का नेतृत्व स्वीकार कर लिया था तथा वे संपूर्ण अभियान के मुख्य सैन्य योजनाकार थे। 2. जफर की अनिच्छा और वृद्धावस्था के कारण दिल्ली का वास्तविक सैन्य एवं प्रशासनिक नियंत्रण 'कोर्ट ऑफ सोल्जर्स' (सैनिकों की अदालत) के हाथों में आ गया था, जिसमें विभिन्न रेजिमेंटों से आए निर्वाचित सिपाही बहुमत के आधार पर महत्वपूर्ण निर्णय लेते थे। 3. बरेली से आए खानबहादुर खान ने दिल्ली पहुँचकर विद्रोही सेना की कमान संभाली और मुगल दरबार को पुनर्गठित किया, जबकि जनरल बख्त खान ने अवध में विद्रोह का नेतृत्व किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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