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History of India
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1857 के महान विद्रोह के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झाँसी के साथ-साथ अवध का भी विलय कर लिया गया था, जिससे रियासतों के शासकों में गहरा असंतोष फैला।
  2. 2. नाना साहेब को पेशवा बाजीराव द्वितीय का दत्तक पुत्र होने के कारण ब्रिटिश सरकार द्वारा उनके पिता की राजसी पेंशन से वंचित कर दिया गया था, जिससे वे विद्रोह में शामिल होने के लिए विवश हुए।
  3. 3. वर्ष 1856 में पारित 'सामान्य सेना सेवा अधिनियम' (General Service Enlistment Act) के तहत भारतीय सिपाहियों के लिए समुद्र पार (Overseas) जाकर सेवा करना अनिवार्य कर दिया गया था, जिसे पारंपरिक हिंदू समाज में धर्मभ्रष्टकारी माना गया।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के अंतर्गत सतारा, नागपुर, झाँसी आदि का विलय किया गया था, किंतु अवध का विलय वर्ष 1856 में कुशासन (Misgovernance) का आरोप लगाकर किया गया था, न कि व्यपगत सिद्धांत के तहत। कथन 2 सही है, नाना साहेब पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र थे और ब्रिटिशों द्वारा उनकी पेंशन बंद किए जाने के कारण उन्होंने कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व किया। कथन 3 सही है, लॉर्ड कैनिंग के कार्यकाल में पारित 'सामान्य सेना सेवा अधिनियम, 1856' के अनुसार नए सैनिकों को आवश्यकता पड़ने पर समुद्र पार भी सेवा देनी पड़ती थी, जिससे धार्मिक रूप से असंतोष फैला। इस ऐतिहासिक घटनाक्रम के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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