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History of India
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सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की नगर नियोजन प्रणाली, जल निकासी व्यवस्था और सामाजिक-आर्थिक संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हड़प्पा सभ्यता के अधिकांश नगरों में मकानों के दरवाजे और खिड़कियाँ मुख्य सड़क की ओर खुलते थे, जो कि नगरीय वायुसंचार और प्रत्यक्ष प्रकाश व्यवस्था के प्रति उनकी अनूठी संवेदनशीलता को दर्शाता है।
  2. 2. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'विशाल स्नागार' (Great Bath) का उपयोग संभवतः किसी विशिष्ट धार्मिक अनुष्ठान या सार्वजनिक स्नान के लिए किया जाता था, जिसके तल को जल-रोधी बनाने के लिए ईंटों के बीच बिटुमिन (तारकोल) की परत का उपयोग किया गया था।
  3. 3. इस सभ्यता की लिपि 'भावचित्रात्मक' (Pictographic) थी, जिसे दाईं से बाईं ओर (ब्यूस्ट्रोफेडन शैली के समान) लिखा जाता था, और अभी तक इस लिपि को पूरी तरह से पढ़ा नहीं जा सका है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 असत्य है क्योंकि सिंधु घाटी सभ्यता के लगभग सभी नगरों (लोथल को छोड़कर) में घरों के दरवाजे और खिड़कियाँ मुख्य सड़क की ओर न खुलकर पीछे की गलियों की ओर खुलते थे, ताकि धूल और शोरगुल से बचा जा सके। कथन 2 सत्य है; मोहनजोदड़ो का विशाल स्नागार यहाँ की वास्तुकला का एक उत्कृष्ट नमूना है जिसके जल-रोधी निर्माण के लिए ईंटों के संधालों में बिटुमिन का प्रयोग किया गया था। कथन 3 भी सत्य है, हड़प्पा सभ्यता की लिपि को 'ब्यूस्ट्रोफेडन' (जिधर से पहली पंक्ति दाईं से बाईं और दूसरी बाईं से दाईं) पद्धति में लिखा जाता था और यह भावचित्रात्मक थी। इस महान सभ्यता के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ पढ़ सकते हैं।
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