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History of India
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उन्नीसवीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के संदर्भ में, राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित 'ब्रह्म समाज' और स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित 'आर्य समाज' के वैचारिक दृष्टिकोण के बीच निम्नलिखित में से कौन-सा मुख्य अंतर सही है?

Detailed Explanation

ब्रह्म समाज की स्थापना राजा राममोहन राय ने की थी जो तार्किकता, पश्चिमी आधुनिकता और एकेश्वरवाद पर आधारित था तथा वह वेदों को अछूत या अपौरुषेय नहीं मानता था। इसके विपरीत, स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित आर्य समाज ने वेदों की अचूकता में अटूट विश्वास व्यक्त किया और 'वेदों की ओर लौटो' का नारा दिया। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के संयुक्त सैन्य अभियानों तथा उनके सामरिक संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मार्च 1858 में ब्रिटिश सेनापति सर ह्यूरोज द्वारा झाँसी के किले की घेराबंदी किए जाने पर, रानी लक्ष्मीबाई ने अप्रतिम वीरता का प्रदर्शन किया तथा तात्या टोपे द्वारा बेतवा नदी के तट पर भेजी गई सैन्य सहायता के बावजूद वे झाँसी को बचाने में असफल रहीं और कालपी की ओर प्रस्थान किया। 2. कालपी में पराजय के उपरांत रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने चंबल नदी पार कर ग्वालियर के सिंधिया शासक (जयाजीराव सिंधिया) की सेना को पराजित किया, जिसके परिणामस्वरूप ग्वालियर के रणनीतिक किले पर क्रांतिकारियों का अधिकार हो गया और उन्होंने नाना साहब को पेशवा घोषित किया। 3. ग्वालियर के पतन के अंतिम निर्णायक युद्ध (कोटा-की-सराय का युद्ध) में रानी लक्ष्मीबाई अंग्रेजों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं, जबकि तात्या टोपे बच निकलने में सफल रहे और बाद में मानसिंह (नरवर के जागीरदार) के विश्वासघात के कारण पकड़े गए तथा उन्हें शिवपुरी में फांसी दे दी गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्ष 1857 के विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोह के संचालन और ब्रिटिश सेना के विरुद्ध संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहब ने किया था, जिन्होंने खुद को पेशवा घोषित करते हुए ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का आह्वान किया था। 2. तात्या टोपे ने नाना साहब के सेनापति के रूप में सैन्य संचालन की कमान संभाली और बाद में ग्वालियर के सैनिकों को अपने पक्ष में करके ब्रिटिश सेनापति जनरल विंडहम को कानपुर के निकट पराजित किया था। 3. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के मुख्य सलाहकार और कूटनीतिक रणनीतिकार थे, ने विद्रोह के समर्थन में लंदन तक दूत के रूप में प्रयास किया था और विद्रोही ताकतों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 4. कानपुर में भीषण संघर्ष के उपरांत ब्रिटिश सेनापति सर कोलिन कैंपबेल ने विद्रोह को पूरी तरह कुचल दिया, जिसके बाद नाना साहब और तात्या टोपे ने अंग्रेजों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था तथा उन्हें बरी कर दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के पश्चात ब्रिटिश क्राउन द्वारा लाए गए 'भारत सरकार अधिनियम, 1858' और 'क्वीन विक्टोरिया की घोषणा' के परिणामों एवं प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम के माध्यम से भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त कर दिया गया तथा ब्रिटिश ताज (Crown) ने प्रत्यक्ष नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया, जिसके तहत ब्रिटिश मंत्रिमंडल में एक नए पद 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) का सृजन किया गया जो ब्रिटिश संसद के प्रति उत्तरदायी था। 2. क्वीन विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा (जो इलाहाबाद में 1 नवंबर 1858 को लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ी गई थी) में यह स्पष्ट किया गया कि ब्रिटिश सरकार अब भारतीय राज्यों के विस्तार की नीति को त्याग देगी और देसी रियासतों के साथ किए गए संधियों व समझौतों का सम्मान करते हुए उन्हें 'दत्तक पुत्र' (गोद लेने) की अनुमति प्रदान की जाएगी। 3. इस घोषणा में धार्मिक और सामाजिक मामलों में अहस्तक्षेप की नीति अपनाने का वचन दिया गया, तथा यह भी प्रावधान किया गया कि भारत में सेना का पुनर्गठन करते हुए यूरोपीय सैनिकों का अनुपात कम किया जाएगा और भारतीय सैनिकों की बहुलता वाले उच्च सैन्य दस्तों को और अधिक शक्तिशाली बनाया जाएगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? सत्रहवीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा स्थापित मराठा साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, विशेषकर 'अष्टप्रधान' और राजस्व प्रशासन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिवाजी के केंद्रीय प्रशासन में 'अष्टप्रधान' नामक मंत्रिपरिषद का गठन किया गया था, जिसमें प्रत्येक मंत्री सीधे सम्राट के प्रति उत्तरदायी था और यह कोई मंत्रिमंडल (Cabinet) न होकर आठ अलग-अलग प्रशासनिक विभागों के व्यक्तिगत सचिवों या सलाहकारों का समूह था। 2. अष्टप्रधान में 'पेशवा' (या पंत प्रधान) प्रधानमंत्री का पद था जो सामान्य प्रशासन और वित्त का प्रमुख होता था, जबकि सैन्य मामलों का सर्वोच्च कमांडर 'सेनापति' (या सर-ए-नौबत) होता था, जो विशुद्ध रूप से वंशानुगत आधार पर नियुक्त किया जाता था। 3. शिवाजी ने अपनी प्रशासनिक सुधार नीति के अंतर्गत मलिक अंबर की लगान प्रणाली पर आधारित भूमि सर्वेक्षण और मूल्यांकन को अपनाया, तथा अपने राज्य में 'जागीरदारी प्रथा' को हतोत्साहित करते हुए सैनिकों और अधिकारियों को नगद वेतन देने की परंपरा को बढ़ावा दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और इसके विरोध में उपजे स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल विभाजन के निर्णय की आधिकारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में ऐतिहासिक बैठक में स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत की गई। 2. 16 अक्टूबर 1905 को जब बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, उस दिन को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया और रविंद्रनाथ ठाकुर के आह्वान पर लोगों ने एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर 'राखी बंधन दिवस' मनाया। 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा पर विशेष बल दिया गया, जिसके तहत कलकत्ता में 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' (National Council of Education) की स्थापना की गई और इसके प्रथम अध्यक्ष रबींद्रनाथ ठाकुर को बनाया गया था। 4. इस आंदोलन के दौरान उग्रवादी नेताओं के प्रभाव से पारंपरिक भारतीय मेलों, लोक कलाओं और स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को भी अभूतपूर्व बढ़ावा मिला था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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