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History of India
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सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की सामाजिक, आर्थिक एवं नगरीय संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना 'ग्रिड प्रणाली' (Grid System) पर आधारित थी, जिसमें सड़कें एक-दूसरे को समकोण (90 डिग्री) पर काटती थीं और अधिकांश घरों के मुख्य द्वार मुख्य सड़कों की ओर न खुलकर पीछे की गलियों में खुलते थे।
  2. 2. लोथल और चान्हूदो दोनों ही स्थलों से मनके (Beads) बनाने के कारखानों के अवशेष मिले हैं, तथा चान्हूदो एकमात्र ऐसा हड़प्पाकालीन स्थल है जो किसी भी किलेबंदी (Fortification) से रहित था।
  3. 3. सिंधु घाटी सभ्यता के स्थलों से लोहे के कृषि उपकरण और अस्त्र-शस्त्र प्रचुर मात्रा में प्राप्त हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यहाँ के निवासी लोहे के गलाने और उससे बने हथियारों के प्रयोग से भली-भांति परिचित थे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना ग्रीड पद्धति पर आधारित थी, जहाँ समकोण पर काटती सड़कें और गलियों में खुलते मकानों के दरवाजे इसकी प्रमुख विशेषता थी। कथन 2 भी सही है; लोथल और चान्हूदो में मनके बनाने के कारखानों के प्रमाण मिले हैं और चान्हूदो (Chanhudaro) एकमात्र ऐसा नगर है जिसके चारों ओर कोई रक्षा प्राचीर या किलेबंदी नहीं थी। कथन 3 गलत है क्योंकि सिंधु घाटी सभ्यता के लोग लोहे (Iron) से पूरी तरह अपरिचित थे; यह सभ्यता एक ताम्रपाषाणिक (Bronze Age) सभ्यता थी जहाँ तांबे और काँसे का प्रयोग होता था, जबकि लोहे की खोज भारत में उत्तर वैदिक काल (लगभग 1000 ईसा पूर्व) में हुई थी। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था, भूमि अनुदान व्यवस्था (Land Grants) और प्रशासनिक शब्दावली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गुप्त काल में राजा द्वारा ब्राह्मणों, मंदिरों और अधिकारियों को दिए जाने वाले भूमि अनुदानों को 'अग्रहार' या 'ब्रह्मदेय' कहा जाता था, जिसके तहत अनुदान प्राप्तकर्ताओं को प्रशासनिक और न्यायिक अधिकार भी सौंप दिए गए, जिससे सामंती प्रवृत्तियों (Feudal tendencies) के बीज पड़े। 2. इस काल में भूमि की माप और उसके वर्गीकरण के लिए 'क्षेत्र' (खेती योग्य भूमि), 'वापस' (निवास योग्य भूमि), 'अप्राहत' (जंगल या बिना जोती गई भूमि) और 'गोपथ' (चारागाह भूमि) जैसी श्रेणियों का उल्लेख मिलता है, तथा भूमि के क्रय-विक्रय की अनुमति केवल स्थानीय पंचायतों या नगरश्रेठियों द्वारा दी जाती थी। 3. गुप्त राजवंश के शासकों द्वारा जारी किए गए सोने के सिक्कों को 'दीनार' कहा जाता था, जो कुषाणों की तुलना में अधिक शुद्ध थे, किंतु स्कंदगुप्त के शासनकाल के बाद से जारी किए गए स्वर्ण सिक्कों में सोने की मात्रा में भारी गिरावट और मिलावट (Debasement of currency) स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। 4. गुप्त प्रशासन में प्रांतीय शासकों को 'उपरिक' कहा जाता था, जो सीधे सम्राट के प्रति उत्तरदायी होते थे, तथा जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारी को 'विषयपति' कहा जाता था जो स्थानीय नगर निकायों और कुलीन वर्गों के सहयोग से प्रशासनिक कार्यों का संचालन करते थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के विद्रोह के राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजनीतिक क्षेत्र में डलहौजी की 'व्यपगत सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झाँसी के साथ-साथ अवध का विलय भी कुशासन (Misgovernance) के आधार पर 1856 में कर लिया गया था, जिससे अवध के सैनिकों और नवाब के आश्रितों में తీవ్ర असंतोष उत्पन्न हुआ। 2. सामाजिक और धार्मिक सुधारों के अंतर्गत लॉर्ड विलियम बेंटिंक द्वारा 1829 में सती प्रथा का निषेध और 1856 में 'हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम' का पारित होना रूढ़िवादी भारतीय समाज द्वारा उनकी धार्मिक मान्यताओं में सीधा हस्तक्षेप माना गया। 3. 'धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act, 1850) के माध्यम से यह प्रावधान किया गया कि धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को उसके पैतृक संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा, जिसे रूढ़िवादी हिन्दुओं ने ईसाई धर्म में धर्मांतरण को बढ़ावा देने वाला षड्यंत्र समझा। 4. आर्थिक कारणों में अंग्रेजों की मुक्त व्यापार नीति और भू-राजस्व व्यवस्थाओं (जैसे स्थायी बंदोबस्त और रयतवारी) के कारण पारंपरिक हस्तशिल्प उद्योगों का पतन हुआ तथा किसानों पर भारी कर का बोझ पड़ा, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पूरी तरह नष्ट कर दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? किस सुल्तान ने मुसलमान स्त्रियों को पीरों और संतों की मजार पर जाने से रोक दिया था? भारतीय स्वतंत्रता, माउंटबेटन योजना और देश के विभाजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 3 जून 1947 को घोषित माउंटबेटन योजना में भारत के विभाजन और पंजाब तथा बंगाल की विधानसभाओं द्वारा अपने-अपने प्रांतों के विभाजन के निर्णय के संबंध में मतदान का प्रावधान किया गया था। 2. ब्रिटिश संसद में भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 (Indian Independence Act 1947) प्रस्तुत किया गया, जिसे 18 जुलाई 1947 को ब्रिटिश सम्राट की स्वीकृति प्राप्त हुई और इसके तहत 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन (Dominion) अस्तित्व में आए। 3. भारत और पाकिस्तान के मध्य अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के निर्धारण और सीमांकन के लिए सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में गठित 'सीमा आयोग' (Boundary Commission) ने अपना अंतिम पंचाट (Award) 15 अगस्त 1947 से पूर्व ही सार्वजनिक कर दिया था, जिससे दोनों राष्ट्रों में किसी प्रकार का भ्रम नहीं रहा। 4. पंजाब और बंगाल के विभाजन से संबंधित रेडक्लिफ पुरस्कार (Radcliffe Award) को आधिकारिक तौर पर 17 अगस्त 1947 को यानी स्वतंत्रता दिवस के ठीक दो दिन पश्चात प्रकाशित किया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारतीय स्वतंत्रता और देश के विभाजन की पृष्ठभूमि में प्रस्तुत 'माउंटबेटन योजना' (3 जून 1947) और उसके क्रियान्वयन से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. माउंटबेटन योजना के तहत यह प्रावधान किया गया था कि बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकें दो भागों में होंगी — एक मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के प्रतिनिधियों की और दूसरी शेष जिलों के प्रतिनिधियों की — और यदि दोनों में से कोई भी पक्ष प्रांत के विभाजन के पक्ष में बहुमत से मतदान करता है, तो प्रांत का विभाजन अनिवार्य रूप से कर दिया जाएगा। 2. इस योजना के अंतर्गत सिंध प्रांत के भविष्य का निर्धारण करने के लिए वहाँ जनमत संग्रह (Referendum) कराया गया, जबकि उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) में जनमत संग्रह न कराकर वहाँ के स्थानीय विधानमंडल को सीधे पाकिस्तान में शामिल होने का निर्देश दिया गया। 3. भारत और पाकिस्तान के बीच सीमाओं का सीमांकन और निर्धारण करने के लिए सर सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में दो सीमा आयोगों (Boundary Commissions) का गठन किया गया था, जिन्होंने अपनी सीमा रेखा संबंधी रिपोर्ट 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता दिवस के दिन ही सार्वजनिक की थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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