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History of India
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वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और तज्जनित स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. बंगाल विभाजन के निर्णय की औपचारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को की गई थी, जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में ऐतिहासिक बैठक आयोजित कर 'स्वदेशी आंदोलन' की औपचारिक घोषणा की गई और 'बॉयकॉट' (बहिष्कार) प्रस्ताव पारित किया गया।
- 2. लार्ड कर्ज़न ने बंगाल को विभाजित करने के प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए पूर्वी बंगाल और असम को मिलाकर एक नया प्रांत बनाया, जिसका प्रथम लेफ्टिनेंट-गवर्नर एंड्रू फ़्रेज़र को नियुक्त किया गया था।
- 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान बंगाल के प्रसिद्ध राष्ट्रवादी गीत 'मारार सोनार बांग्ला' को रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था, जो आगे चलकर बांग्लादेश का राष्ट्रगान भी बना, और इसी आंदोलन की अवधि में कलकत्ता में 'बंगाल नेशनल कॉलेज' की स्थापना की गई जिसके प्रथम प्रधानाचार्य अरबिंदो घोष बनाए गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि बंगाल विभाजन का निर्णय 20 जुलाई 1905 को घोषित हुआ और 7 अगस्त 1905 को टाउन हॉल की बैठक में स्वदेशी आंदोलन व बहिष्कार का प्रस्ताव पास हुआ। कथन 2 गलत है क्योंकि नए प्रांत (पूर्वी बंगाल और असम) का प्रथम लेफ्टिनेंट-गवर्नर जोसेफ बैम्पफिल्ड फुलर (Joseph Bamfylde Fuller) को बनाया गया था, जबकि एंड्रू फ़्रेज़र उस समय शेष बंगाल (पश्चिम बंगाल) के लेफ्टिनेंट-गवर्नर थे। कथन 3 पूरी तरह सही है; रवींद्रनाथ टैगोर ने 'आमार सोनार बांग्ला' गीत की रचना इसी आंदोलन के दौरान की थी और बंगाल नेशनल कॉलेज के पहले प्रिंसिपल अरबिंदो घोष बने थे। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित 'आज़ाद हिंद फौज' (INA) के अंतर्संबंधों तथा रणनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जब देश के शीर्ष कांग्रेस नेता गिरफ्तार कर लिए गए थे, तब कांग्रेस के कुछ समाजवादी नेताओं (जैसे राम मनोहर लोहिया और अच्युत पटवर्धन) ने भूमिगत रहकर 'रेडियो कांग्रेस' का संचालन किया और जनता को सशस्त्र प्रतिरोध के लिए प्रेरित किया, जबकि सुभाष चंद्र बोस इस समय जर्मनी से बर्लिन रेडियो के माध्यम से भारतीयों को लगातार ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध उग्र संघर्ष जारी रखने का आह्वान कर रहे थे।
2. जापान द्वारा समर्थित 'इंडियन नेशनल आर्मी' (INA) के पुनर्गठन और इसके सर्वोच्च नेतृत्व को संभालने के लिए सुभाष चंद्र बोस जून 1943 में जर्मन पनडुब्बी की सहायता से खतरनाक समुद्री यात्रा पूरी कर टोक्यो पहुँचे थे, जहाँ रास बिहारी बोस ने औपचारिक रूप से 'आज़ाद हिंद सरकार' (अर्जी हुकूमत-ए-आद हिन्द) की बागडोर उन्हें सौंपी।
3. आज़ाद हिंद फौज की 'सुभाष ब्रिगेड', 'गांधी ब्रिगेड' और महिलाओं की एक विशिष्ट टुकड़ी 'झांसी की रानी रेजीमेंट' (जिसका नेतृत्व लक्ष्मी सहगल ने किया था) ने इम्फाल और कोहिमा अभियान के दौरान जापानी सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अंग्रेजों के विरुद्ध कड़ा सैन्य संघर्ष किया था।
4. वर्ष 1945 के अंत और 1946 के आरंभ में लाल किले (Red Fort Trials) में INA के अधिकारियों (शाहनवाज खान, प्रेम सहगल और गुरदयाल सिंह ढिल्लों) पर चले ऐतिहासिक मुकदमे के दौरान देश भर में तीव्र जन-आक्रोश भड़क उठा, जिसका समर्थन केवल कांग्रेस पार्टी ने किया था, जबकि मुस्लिम लीग और कम्युनिस्ट पार्टी ने इन सैनिकों की रिहाई का खुलकर विरोध किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मराठा साम्राज्य के सैन्य प्रशासन, अष्टप्रधान व्यवस्था और शिवाजी के उत्तरवर्ती काल में पेशवाओं के अंतर्गत प्रशासनिक परिवर्तनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शिवाजी की 'अष्टप्रधान' मंत्रिपरिषद में 'पंडितराव' और 'न्यायाधीश' को छोड़कर शेष सभी छह मंत्रियों को सैन्य अभियानों का नेतृत्व करने और युद्ध भूमि में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेने की अनिवार्यता थी।
2. शिवाजी के काल में मराठा सेना की रीढ़ 'पागा' घुड़सवार सेना थी, जिन्हें राज्य की ओर से घोड़े और अस्त्र-शस्त्र दिए जाते थे, जबकि 'सिलहदार' वे घुड़सवार सैनिक थे जो अपने स्वयं के घोड़े और हथियार लेकर युद्ध में सम्मिलित होते थे।
3. बालाजी बाजीराव (नानी साहब) के कार्यकाल में हुई 'संगोला की संधि' (1750) के पश्चात छत्रपति की स्थिति केवल नाममात्र की रह गई और मराठा साम्राज्य की वास्तविक शक्ति पूरी तरह से पेशवा के हाथ में केंद्रित हो गई, तथा पुणे पेशवाओं के प्रशासनिक केंद्र के रूप में स्थापित हुआ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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किस मुगल सम्राट ने संगीत पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद "फकीरुल्लाह" को संगीत के ग्रंथों का अनुवाद करने को कहा?
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बौद्ध धर्म और जैन धर्म की दार्शनिक मान्यताओं तथा संप्रदायों के विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महायान बौद्ध धर्म में भविष्य के बुद्ध के रूप में 'मैत्रेय' (Maitreya) की परिकल्पना की गई है, जो इस संसार में धर्म के पुनरुत्थान के लिए अवतरित होंगे, जबकि थेरवाद (हीनयान) संप्रदाय बुद्ध को एक महापुरुष और शिक्षक के रूप में मानता है जो अपनी साधना से परिनिर्वाण को प्राप्त हुए।
2. जैन धर्म के श्वेतांबर संप्रदाय के अनुसार स्त्रियाँ मोक्ष प्राप्त करने में पूर्णतः सक्षम हैं और उनके 19वें तीर्थंकर 'भगवान मल्लिनाथ' एक स्त्री थीं, जबकि दिगंबर संप्रदाय इस मान्यता का खंडन करते हुए यह मानता है कि स्त्री शरीर से मुक्ति और कैवल्य ज्ञान प्राप्ति संभव नहीं है तथा मोक्ष के लिए नग्नता अनिवार्य है।
3. बौद्ध धर्म के 'प्रतीत्यसमुत्पाद' का सिद्धांत कार्य-कारण संबंध पर आधारित है जो आत्मा और ईश्वर के शाश्वत अस्तित्व को स्वीकार किए बिना संसार के संचालन की व्याख्या करता है, जबकि जैन धर्म का 'स्यादवाद' (सप्तभंगी नय) ज्ञान की सापेक्षता का पूर्ण रूप से निषेध करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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