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History of India
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सत्रहवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और उनकी व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत में सर्वप्रथम आने वाले पुर्तगालियों ने कोचीन और गोवा में अपने मुख्य कारखाने स्थापित किए, किंतु अल्बुकर्क द्वारा वर्ष 1510 में बीजापुर के सुल्तान यूसुफ आदिल शाह से गोवा पर अधिकार करने के पश्चात ही पुर्तगाली वाणिज्यिक साम्राज्य की वास्तविक नींव पड़ी।
- 2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा दिए गए प्रारंभिक चार्टर के अंतर्गत पूर्वी देशों के साथ व्यापार करने का एकाधिकार केवल 15 वर्षों के लिए अनिश्चितकालीन रूप से बिना किसी नवीनीकरण की शर्त के प्रदान किया गया था।
- 3. डच ईस्ट इंडिया कंपनी (VOC) ने भारत के पश्चिमी तट पर सूरत और ब्रोच में अपनी व्यापारिक कोठियाँ स्थापित करने के बाद मुख्य रूप से कोरोमंडल तट पर मसूलीपट्टनम और पुलीकट को अपने वस्त्र व्यापार का प्रमुख केंद्र बनाया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि भारत में यूरोपीय ताकतों में सर्वप्रथम पुर्तगाली आए और उन्होंने कोचीन तथा गोवा को अपना प्रमुख केंद्र बनाया। अल्बुकर्क को भारत में पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक माना जाता है जिसने 1510 में बीजापुर से गोवा छीना था। कथन 2 गलत है क्योंकि महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा 31 दिसंबर 1600 को दिए गए चार्टर के तहत ईस्ट इंडिया कंपनी को प्रारंभ में केवल 15 वर्षों का व्यापारिक एकाधिकार दिया गया था, जिसे बाद में 1609 में जेम्स प्रथम द्वारा अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया था। कथन 3 सही है क्योंकि डचों ने पश्चिमी तट के साथ-साथ कोरोमंडल तट (मसूलीपट्टनम और पुलीकट) पर भी भारतीय वस्त्र व्यापार को नियंत्रित करने के लिए अपने मुख्य केंद्र स्थापित किए थे। इस विषय की विस्तृत जानकारी के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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शिवाजी महाराज ने अपनी नौसेना का मुख्य केंद्र कहाँ स्थापित किया था?
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वैदिक साहित्य के विभिन्न अंगों, उनके संकलनकर्ताओं और विषय-वस्तु के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. आरण्यक - वे ग्रंथ जिनकी रचना वनों में की गई थी और जो मुख्य रूप से दार्शनिक रहस्यों, यज्ञों के आध्यात्मिक अर्थ तथा अनुष्ठानों के स्थान पर ज्ञान व चिंतन पर बल देते हैं।
2. उपनिषद - इन्हें 'वेदांत' भी कहा जाता है, जिनकी कुल संख्या 108 मानी गई है, और ये वैदिक दर्शन के अंतिम भाग हैं जो मुख्य रूप से 'ब्रह्म', 'आत्मा' और मोक्ष के मार्ग की विवेचना करते हैं।
3. वेदांग - वेदों के अर्थ को भली-भांति समझने और वैदिक अनुष्ठानों को शुद्ध रूप से संपन्न कराने के लिए कुल छह अंगों (शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद और ज्योतिष) की रचना की गई थी, जिन्हें सूत्र साहित्य के रूप में भी जाना जाता है।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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सिकंदर लोदी ने किस ब्राह्मण को मौत की सजा दी थी?
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चंपारण सत्याग्रह (1917) और खेड़ा सत्याग्रह (1918) के ऐतिहासिक संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर थोपी गई 'तीनकठिया' पद्धति के अंतर्गत किसानों को अपनी भूमि के कुल भूभाग के 3/20वें हिस्से पर नील की खेती करना अनिवार्य था।
2. चंपारण में गांधीजी की जाँच के परिणामस्वरूप गठित 'चंपारण जाँच समिति' (Champaran Agrarian Enquiry Committee) के एक सदस्य के रूप में ब्रिटिश सरकार ने किसानों के पक्ष को पूरी तरह खारिज कर दिया था, जिसके कारण अंततः यह सत्याग्रह असफल साबित हुआ।
3. वर्ष 1918 के खेड़ा सत्याग्रह में फसल पूरी तरह बर्बाद होने के बावजूद राजस्व संहिता (Revenue Code) के नियमों के अनुसार यदि उपज सामान्य से एक-चौथाई (25%) से कम हो, तो किसानों को पूर्ण लगान माफी का अधिकार था, जिसे ब्रिटिश अधिकारियों ने मानने से इंकार कर दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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महात्मा गांधी के भारत आगमन के उपरांत उनके शुरुआती सत्याग्रहों — चंपारण (1917), अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918) और खेड़ा सत्याग्रह (1918) — के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान यूरोपीय नील बागान मालिकों द्वारा किसानों पर थोपी गई 'तीनकठिया पद्धति' के अंतर्गत किसानों को अपनी भूमि के कुल भूभाग के 3/20वें हिस्से पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करना बाध्यकारी था।
2. अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918) में गांधीजी ने मिल मालिकों और मजदूरों के बीच मध्यस्थता करते हुए पहली बार भारत में 'भूख हड़ताल' (Hunger Strike) को अपने एक प्रभावी हथियार के रूप में प्रयोग किया था, जो प्लेग बोनस को लेकर था।
3. खेड़ा सत्याग्रह (1918) में फसल पूरी तरह बर्बाद होने के बावजूद ब्रिटिश प्रशासन द्वारा भू-राजस्व वसूलने के निर्णय के विरुद्ध गांधीजी ने किसानों को लगान न चुकाने का आह्वान किया था, और इसी आंदोलन के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल ने गांधीजी के मुख्य सहयोगी के रूप में कार्य किया था।
4. चंपारण सत्याग्रह की सफलता से अत्यधिक प्रभावित होकर रबीन्द्रनाथ टैगोर ने महात्मा गांधी को पहली बार 'महात्मा' की उपाधि से सम्मानित किया था, तथा इस आंदोलन की जांच के लिए गठित 'चंपारण अग्रियन कमेटी' (Champaran Agrarian Committee) में गांधीजी को इसका अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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