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History of India
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प्राचीन भारतीय इतिहास के अंतर्गत वर्धन राजवंश और दक्षिण भारत के राजवंशों (पल्लव, चालुक्य एवं चोल) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम ने वातापि के चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय को पराजित कर 'वातापिकोंड' की उपाधि धारण की थी, और इसी विजय के स्मरणस्वरूप उसने महाबलीपुरम में प्रसिद्ध एकश्म 'रथ मंदिरों' (सप्त पगोडा) का निर्माण कार्य आरंभ करवाया था।
- 2. बादामी के चालुक्य राजवंश के महान शासक पुलकेशिन द्वितीय के ऐहोल शिलालेख की रचना उसके दरबारी कवि रविचन्द्र ने प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में की थी, जिसमें कालिदास और भारवि के उल्लेख के साथ-साथ पुलकेशिन द्वारा नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित करने का वर्णन मिलता है।
- 3. चोल साम्राज्य की स्थानीय स्वशासन प्रणाली का विस्तृत विवरण हमें पल्लव काल के उत्तरमेरूर अभिलेख (Uttiramerur Inscriptions) से प्राप्त होता है, जो राजराजा प्रथम और राजेंद्र प्रथम के शासनकाल में ग्राम सभाओं (उर, महासभा और नागरम्) के सदस्यों की निर्वाचन पद्धति और योग्यता का स्पष्ट मापदंड प्रस्तुत करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: पल्लव वंश के प्रतापी शासक नरसिंहवर्मन प्रथम (महामल) ने अपने पिता महेंद्रवर्मन प्रथम की पराजय का बदला लेते हुए बादामी के चालुक्य सम्राट पुलकेशिन द्वितीय को युद्ध में पराजित किया और उसकी राजधानी वातापि पर अधिकार कर लिया। इस विजय के बाद उसने 'वातापिकोंड' (वातापि का विजेता) की उपाधि धारण की और महाबलीपुरम में एकश्म रथ मंदिरों का निर्माण करवाया। कथन 2 गलत है: ऐहोल शिलालेख की रचना संस्कृत भाषा और कन्नड़ लिपि में उसके दरबारी कवि **रविर्किर्ति** ने की थी, न कि रविचन्द्र ने। कथन 3 गलत है: स्थानीय स्वशासन (विशेषकर ग्राम स्वायत्तता) का प्रसिद्ध विवरण देने वाले उत्तरमेरूर अभिलेख पल्लव काल के नहीं, बल्कि चोल शासक **परान्तक प्रथम** के शासनकाल से संबंधित हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध उठे विद्रोह को दबाने के लिए नियुक्त किए गए सैन्य अधिकारियों और उनके संबंधित कार्यक्षेत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. जॉन निकलसन — दिल्ली में विद्रोह का दमन एवं पुनर्धिकार
2. कॉलिन कैंपबेल — कानपुर और लखनऊ में विद्रोह का दमन
3. ह्यूरोज — झाँसी, कलपी और ग्वालियर क्षेत्र में विद्रोह का दमन
4. जेम्स आउट्राम — बनारस और इलाहाबाद क्षेत्र में विद्रोह का तात्कालिक दमन
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऋग्वैदिक काल में 'दुहितृ' (Duhitri) शब्द का प्रयोग उस पुत्री के लिए किया जाता था जो गाय का दूधहती थी, और इस समाज में राजा को 'गोपा जनाशः' (जनता का रक्षक) कहा जाता था।
2. उत्तर वैदिक काल में सभा और समिति नामक संस्थाओं का प्रभाव अत्यधिक बढ़ गया था, और राजा की निरंकुशता पर अंकुश लगाने में इन दोनों सभाओं की भूमिका ऋग्वैदिक काल की तुलना में अधिक शक्तिशाली हो गई थी।
3. शतपथ ब्राह्मण में कृषि की चारों क्रियाओं — जुताई, बुवाई, कटाई और मड़ाई — का विस्तृत वर्णन मिलता है, तथा इसमें विदेह माधव की कथा का भी उल्लेख है जिसमें नर्मदा नदी तक आर्यों के विस्तार का वर्णन है।
4. वैदिक साहित्य के अंतर्गत 'अरण्यक' उन ग्रंथों को कहा जाता है जिन्हें जंगलों में पढ़ा जाता था और जो मुख्यतः दार्शनिक तथा रहस्यवादी विषयों के साथ-साथ यज्ञों के कर्मकांडों के दार्शनिक अर्थों की व्याख्या करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और बंगाल में ब्रिटिश सत्ता की स्थापना के प्रारंभिक चरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1651 में बंगाल के सूबेदार शाहशुजा द्वारा ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को 'निशान' प्रदान किया गया था, जिसके तहत कंपनी को एकमुश्त 3000 रुपये वार्षिक भुगतान के बदले बंगाल में कर-मुक्त व्यापार करने का अधिकार मिल गया था।
2. वर्ष 1717 में मुगल सम्राट फर्रुख्शियर द्वारा जारी किए गए ऐतिहासिक 'शाही फरमान' के द्वारा ब्रिटिश कंपनी को बंगाल, गुजरात और हैदराबाद में बिना किसी अतिरिक्त कर के व्यापार करने की अनुमति दी गई, तथा कंपनी को कलकत्ता के आसपास के 38 गाँवों को किराए पर लेने का अधिकार भी प्राप्त हुआ।
3. फर्रुख्शियर के इस फरमान के तहत कंपनी को अपने नाम के सिक्के ढालने की अनुमति तो मिल गई थी, किंतु कंपनी के अधिकारियों द्वारा अपने निजी व्यापार के लिए इस 'दस्तक' (पास) के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए बंगाल के नवाब मुर्शिद कुली खान ने कड़े प्रतिबंध लागू किए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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