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History of India
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वर्धन राजवंश और दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) की प्रशासनिक संरचना, वास्तुकला और ऐतिहासिक स्रोतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ह्वेनसांग के विवरण के अनुसार, हर्षवर्धन के शासनकाल में कन्नौज की सभा और प्रयाग के महामक्ष परिषद (कुंभ मेले का प्राचीन रूप) का आयोजन किया जाता था, जहाँ सम्राट अपनी संचित संपत्ति और आभूषण बौद्ध संघ, ब्राह्मणों और गरीबों में दान कर देते थे।
- 2. पल्लव शासक महेंद्रवमन् प्रथम द्वारा रचित संस्कृत नाटक 'मत्ताविलास प्रहसन' में बौद्ध और जैन भिक्षुओं पर व्यंग्य किया गया है, तथा उनके शासनकाल में महाबलीपुरम के रथ मंदिरों का निर्माण कार्य शुरू हुआ था।
- 3. बादामी के चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, जिसका विस्तृत उल्लेख कालिदास के प्रसिद्ध महाकाव्य 'रघुवंशम्' और एहोल प्रशस्ति (जिसकी रचना रवि कीर्ति ने की थी) में मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि चीनी यात्री ह्वेनसांग ने हर्षवर्धन के काल में कन्नौज की धर्मसभा और प्रयाग में प्रत्येक पाँच वर्ष पर आयोजित होने वाले महामोक्ष परिषद का विस्तृत वर्णन किया है। कथन 2 भी सही है; पल्लव नरेश महेंद्रवमन् प्रथम (जो पहले जैन थे और बाद में संत अप्पर के प्रभाव से शैव बन गए) ने 'मत्ताविलास प्रहसन' की रचना की और महाबलीपुरम (मामलप्पुरम) में चट्टानों को काटकर मंदिर निर्माण की पल्लव शैली की शुरुआत की थी। कथन 3 गलत है क्योंकि पुलकेशिन द्वितीय और हर्षवर्धन के बीच नर्मदा नदी के तट पर हुए युद्ध का उल्लेख एहोल प्रशस्ति में मिलता है, जिसकी रचना रवि कीर्ति ने की थी, किंतु कालिदास पुलकेशिन द्वितीय के समकालीन नहीं थे और 'रघुवंशम्' में इस घटना का कोई उल्लेख नहीं है (कालिदास गुप्त काल के दौरान हुए थे)। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माउंटबेटन योजना के तहत पंजाब और बंगाल की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकों में यह व्यवस्था की गई थी कि दोनों प्रांतों के हिन्दू और मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के सदस्य अलग-अलग बैठक करके यह निर्णय लेंगे कि प्रांत का विभाजन किया जाए या नहीं।
2. उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में से किसके साथ शामिल होना है, इसका निर्णय लेने के लिए जनमत संग्रह (Plebiscite) का प्रावधान किया गया था।
3. योजना के अंतर्गत भारत और पाकिस्तान के बीच शक्तियों के हस्तांतरण तथा सीमाओं के निर्धारण के लिए सर रेडक्लिफ की अध्यक्षता में दो अलग-अलग सीमा आयोगों का गठन किया गया था, जिन्होंने 15 अगस्त 1947 से पहले ही अपनी सीमा निर्धारण रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी थी।
4. ब्रिटिश संसद में पारित भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 के अनुसार 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश भारत को दो स्वतंत्र डोमिनियन—भारत और पाकिस्तान—में विभाजित कर दिया गया तथा ब्रिटिश राजमुकुट का भारतीय रियाسतों पर सर्वोच्च अधिकार (Paramountcy) तुरंत समाप्त कर दिया गया, जिससे रियासतों को यह छूट मिल गई कि वे भारत या पाकिस्तान में शामिल हों अथवा स्वतंत्र रहें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारण और चर्बी वाले कारतूस की घटना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जनवरी 1857 में बंगाल प्रेसीडेंसी के सेना मुख्यालय में पुरानी 'ब्राउन बैस' मस्कट बंदूक के स्थान पर नई 'एनफील्ड राइफल' को शामिल किया गया था, जिसके कारतूसों में सुअर और गाय की चर्बी से बने ग्रीस के प्रयोग होने की अफवाह ने भारतीय सैनिकों में भारी धार्मिक आक्रोश उत्पन्न किया था।
2. बैरकपुर छावनी (34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के आदेश के विरुद्ध खुलकर विद्रोह कर दिया और अपने ब्रिटिश अधिकारियों—सर्जेंट ह्यूग बाथर्स्ट और लेफ्टिनेंट बॉग—पर आक्रमण कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था।
3. मंगल पांडे को गिरफ्तार किए जाने के बाद ब्रिटिश सैन्य अदालत (कोर्ट-मार्शल) द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 अप्रैल 1857 को बैरकपुर में उन्हें सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी गई, जो आगे चलकर संपूर्ण उत्तर भारत में विद्रोह की चिंगारी का मुख्य तात्कालिक उत्प्रेरक बना।
4. इस घटना के तुरंत बाद मेरठ छावनी में 10 मई 1857 को 3rd लाइट कैवलरी के सिपाहियों ने नए कारतूसों को छूने से इंकार कर दिया, जिन्हें कोर्ट-मार्शल द्वारा कठोर सजा देकर जेल भेज दिया गया था, और इसके विरोध में अगले दिन सैनिकों ने विद्रोह कर दिल्ली की ओर कूच कर दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मुगल काल में "राजकीय पुस्तकालय" (Imperial Library) का अध्यक्ष क्या कहलाता था?
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बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म की बौद्धिक और दार्शनिक परंपराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध धर्म के मध्यम मार्ग (मझिमปฏิपाद) और प्रतीत्यसमुत्पाद के सिद्धांत के अनुसार, संसार की प्रत्येक वस्तु या घटना किसी न किसी कारण से उत्पन्न होती है और यह शाश्वत आत्मा या ईश्वर के अस्तित्व को अनिवार्य रूप से स्वीकार करता है।
2. जैन धर्म के श्वेतांबर और दिगंबर दोनों संप्रदायों में यह पूर्ण सहमति है कि जैन धर्म के 19वें तीर्थंकर 'भगवान मल्लिनाथ' एक स्त्री थीं, और स्त्री शरीर से भी कैवल्य (मोक्ष) की प्राप्ति संभव है।
3. बौद्ध धर्म की महायान शाखा में भविष्य के बुद्ध के रूप में 'मैत्रेय' (Maitreya) की परिकल्पना की गई है, जो इस संसार में धर्म के पुनरुत्थान के लिए अवतरित होंगे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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3 जून 1947 को घोषित माउंटबेटन योजना और भारत के विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस योजना के अंतर्गत पंजाब और बंगाल की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकों में यह निर्णय लिया जाना था कि क्या इन प्रांतों का विभाजन किया जाए, तथा इसके लिए मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों और गैर-मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के सदस्यों को अलग-अलग बैठकें करने का प्रावधान था।
2. माउंटबेटन योजना के प्रावधानों के तहत उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में से किसी एक के पक्ष में निर्णय लेने हेतु जनमत संग्रह (Referendum) कराए जाने की व्यवस्था की गई थी।
3. योजना में यह स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया था कि ब्रिटिश संसद द्वारा पारित होने वाले 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' के प्रभाव में आने के पश्चात भारत और पाकिस्तान दोनों डोमिनियनों के लिए एक साझा गवर्नर-जनरल नियुक्त किया जाएगा जो दोनों देशों के बीच संपत्ति और प्रशासनिक दायित्वों के बँटवारे की देखरेख करेगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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