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History of India
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वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और इसके फलस्वरूप प्रारंभ हुए 'स्वदेशी एवं बहिष्कार आंदोलन' के विभिन्न आयामों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. बंगाल विभाजन के निर्णय को औपचारिक रूप से लागू करने की घोषणा से पूर्व, लॉर्ड कर्जन ने फरवरी 1905 में भारतीय विश्वविद्यालयों अधिनियम (Indian Universities Act) पारित किया था, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा पर सरकारी नियंत्रण को कड़ा करना और कलकत्ता विश्वविद्यालय को सरकारी उपक्रम के अधीन लाना था।
  2. 2. 16 अक्टूबर 1905 को जब बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, तो उस दिन को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया, जहाँ लोगों ने उपवास रखा, एक-दूसरे की कलाइयों पर एकता के प्रतीक के रूप में 'राखी' बांधी और प्रसिद्ध गीत 'आमार सोनार बांग्ला' गाया गया।
  3. 3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार के साथ-साथ रचनात्मक कार्यों (constructive swadeshi) पर भी बल दिया गया, जिसके अंतर्गत कलकत्ता में पी.सी. रे (प्रफुल्ल चंद्र रॉय) द्वारा 'बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल वक्र्स' जैसी स्वदेशी उद्योगों की स्थापना की गई।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि भारतीय विश्वविद्यालयों अधिनियम (Indian Universities Act) वर्ष 1904 में पारित किया गया था, न कि फरवरी 1905 में। लॉर्ड कर्जन के इस अधिनियम का उद्देश्य विश्वविद्यालयों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाना और सीनेट में निर्वाचित सदस्यों की संख्या घटाकर नामांकित सदस्यों की संख्या बढ़ाना था। कथन 2 सही है; 16 अक्टूबर 1905 को बंगाल विभाजन लागू होने पर पूरे प्रदेश में शोक दिवस मनाया गया, रवींद्रनाथ टैगोर के आह्वान पर 'राखी बंधन' उत्सव मनाया गया और 'आमार सोनार बांग्ला' गीत गाया गया। कथन 3 सही है; स्वदेशी आंदोलन के दौरान आत्मनिर्भरता और रचनात्मक कार्यों को बढ़ावा मिला, जिसके परिणामस्वरूप आचार्य प्रफुल्ल चंद्र रॉय ने 'बंगाल केमिकल' की स्थापना की और कई स्वदेशी कपड़ों की मिलें, बैंक तथा बीमा कंपनियाँ खुलीं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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