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History of India
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उन्नीसवीं शताब्दी के सुधार आंदोलनों के दौरान स्थापित विभिन्न संगठनों और उनके संस्थापकों तथा वैचारिक प्रवृत्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. केशव चंद्र सेन के प्रभाव से मद्रास में वर्ष 1864 में 'वेद समाज' (जिसे बाद में 'ब्रह्म समाज ऑफ सदर्न इंडिया' कहा गया) की स्थापना की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जाति व्यवस्था का उन्मूलन और विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा देना था।
- 2. गोपाल हरि देशमुख (जिन्हें 'लोकहितवादी' कहा जाता है) ने महाराष्ट्र में रूढ़िवादी ब्राह्मणवाद और सामाजिक असमानता पर कड़ा प्रहार करते हुए तर्क दिया कि यदि धर्म सामाजिक सुधारों की अनुमति नहीं देता है, तो ऐसे धर्म को बदल देना चाहिए।
- 3. ज्योतिराव फुले द्वारा स्थापित 'सत्यशोधक समाज' (1873) ने ब्राह्मणवादी वर्चस्व और धार्मिक ग्रंथों की प्रामाणिकता को चुनौती देते हुए शूद्रों और अति-शूद्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया तथा एक विशिष्ट गैर-ब्राह्मण आंदोलन की नींव रखी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए तीनों कथन पूर्णतः सत्य हैं। केशव चंद्र सेन की मद्रास यात्रा (1864) की प्रेरणा से वहाँ 'वेद समाज' की स्थापना हुई थी जो दक्षिण भारत में ब्रह्म समाज का समरूप था। गोपाल हरि देशमुख 'लोकहितवादी' ने साप्ताहिक पत्र 'प्रभाकर' में शतपत्र लिखकर सामाजिक और धार्मिक रूढ़िवादिता का तीव्र विरोध किया था। इसके अतिरिक्त, ज्योतिराव फुले ने 'सत्यशोधक समाज' के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों को ब्राह्मणों के धार्मिक और सामाजिक शोषण से मुक्त कराने का ऐतिहासिक अभियान चलाया। इस विषय के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह के नेतृत्व एवं सैन्य अभियानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वीर कुंवर सिंह ने दानापुर के विद्रोही सैनिकों के साथ मिलकर आरा और जगदीशपुर में ब्रिटिश सेना के खिलाफ मोर्चा खोला तथा ब्रिटिश सेनापति कैप्टन डनबर की संयुक्त सेना को बुरी तरह पराजित किया था।
2. ब्रिटिश सेना द्वारा जगदीशपुर पर अधिकार किए जाने के बाद वीर कुंवर सिंह ने विंध्याचल, रीवा, बांदा और लखनऊ के रास्ते आजमगढ़ की ओर प्रस्थान किया और बलिया के पास गंगा नदी पार करते समय ब्रिटिश सेना की गोली लगने से उनके हाथ में गंभीर चोट आई थी, जिसके कारण उन्होंने स्वयं अपनी तलवार से अपना हाथ काटकर गंगा नदी में अर्पित कर दिया था।
3. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु (अप्रैल 1858) के पश्चात उनके छोटे भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष को पूरी दृढ़ता से जारी रखा और कैमूर की पहाड़ियों (रोहतास क्षेत्र) को अपना मुख्य केंद्र बनाकर ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ एक प्रभावी गोरिल्ला युद्ध और समानांतर प्रशासनिक प्रतिरोध का संचालन किया था।
4. अमर सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस लंबे और आक्रामक संघर्ष को दबाने के लिए ब्रिटिश सेना को मेजर जनरल डगलस के नेतृत्व में भारी सैन्य अभियानों का सहारा लेना पड़ा था, तथा अंततः अमर सिंह को युद्ध के दौरान ही मार गिराया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय स्वतंत्रता और देश के विभाजन से जुड़ी 'माउंटबेटन योजना' (3 जून योजना, 1947) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस योजना में यह प्रावधान किया गया था कि बंगाल और पंजाब की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकें दो भागों में होंगी—एक मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के प्रतिनिधियों के लिए और दूसरी शेष जिलों के प्रतिनिधियों के लिए—ताकि यह तय किया जा सके कि प्रांत का विभाजन किया जाना चाहिए या नहीं।
2. उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में शामिल होने का निर्णय जनमत संग्रह (Referendum) के माध्यम से लिया जाना तय किया गया था।
3. योजना के तहत ब्रिटिश भारत को सत्ता हस्तांतरण के लिए 15 अगस्त 1947 की तारीख निर्धारित की गई थी तथा दोनों नए स्वतंत्र डोमिनियन (भारत और पाकिस्तान) की सीमाओं के निर्धारण के लिए सर रेडक्लिफ की अध्यक्षता में एक 'सीमा आयोग' (Boundary Commission) का गठन किया गया था।
4. माउंटबेटन योजना को कांग्रेस और मुस्लिम लीग दोनों ने बिना किसी संशोधन या आपत्ति के पूर्ण रूप से स्वीकार कर लिया था, और इसी योजना के आधार पर भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 ब्रिटिश संसद द्वारा पारित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की परिपक्व अवस्था और इसके विशिष्ट पुरातात्विक स्थलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चान्हूदड़ो एकमात्र ऐसा हड़प्पाकालीन स्थल था जहाँ किसी भी प्रकार का कोई दुर्ग (Citadel) नहीं पाया गया है, और यहाँ से मनके बनाने के कारखाने के साथ-साथ वक्रकार ईंटों के साक्ष्य भी मिले हैं।
2. लोथल से गोदीबाड़ा (Dockyard) के अवशेष मिले हैं, जो यह प्रमाणित करता है कि यह एक प्रमुख बंदरगाह और व्यापारिक केंद्र था, तथा यहाँ से चावल के साक्ष्य के साथ-साथ युगल शवाधान (Double burial) के भी प्रमाण प्राप्त हुए हैं।
3. बनावलि से मिट्टी का बना हुआ हल (Terracotta plough) का प्रतिरूप प्राप्त हुआ है, और इस स्थल के निचले शहर तथा दुर्ग दोनों क्षेत्रों को सिंधु घाटी की अन्य बस्तियों की भांति अलग-अलग रक्षाप्राचीर से न घेरकर एक ही सामान्य रक्षाप्राचीर के अंतर्गत रखा गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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मुगल काल में किसके शासनकाल को "चित्रकला का स्वर्ण युग" कहा जाता है?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरjis कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया और ब्रिटिश सेना के खिलाफ सशस्त्र प्रतिरोध का संचालन किया।
2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता था, ने फैजाबाद और रोहिलखंड क्षेत्र में अंग्रेजों के विरुद्ध जिहाद का आह्वान किया तथा ब्रिटिश सेनापतियों को अपनी उत्कृष्ट सैन्य रणनीति से कड़ी चुनौती दी।
3. ब्रिटिश सेना द्वारा लखनऊ पर पुनः अधिकार किए जाने के पश्चात बेगम हजरत महल ने अंग्रेजों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और उन्हें पेंशन पर कलकत्ता में रहने की अनुमति दे दी गई, जबकि अहमदुल्लाह शाह को एक स्थानीय राजा द्वारा विश्वासघात किए जाने के कारण अंग्रेजों ने मार डाला।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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