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History of India
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक विकास और विभिन्न सुल्तानों द्वारा स्थापित किए गए नवीन विभागों (दीवान) के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- 1. दीवान-ए-कोही — कृषि विभाग (मोहम्मद बिन तुगलक)
- 2. दीवान-ए-अर्ज — सैन्य विभाग (बलबन)
- 3. दीवान-ए-बदगान — दास विभाग (फ़िरोज़ शाह तुगलक)
- 4.
दीवान-ए-मुस्तखराज — दान विभाग (अलाउद्दीन खिलजी) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिल्ली सल्तनत के सुल्तानों ने केंद्रीय प्रशासन को सुदृढ़ करने के लिए कई नए विभागों (दीवान) की स्थापना की थी। युग्म 1, 2 और 3 सही सुमेलित हैं: 'दीवान-ए-कोही' की स्थापना मोहम्मद बिन तुगलक द्वारा कृषि के विकास के लिए की गई थी; 'दीवान-ए-अर्ज' सैन्य विभाग था जिसकी स्थापना गयासुद्दीन बलबन ने की थी; तथा 'दीवान-ए-बदगान' दासों की देखरेख के लिए फ़िरोज़ शाह तुगलक द्वारा स्थापित किया गया था। किंतु चौथा युग्म सही नहीं है क्योंकि अलाउद्दीन खिलजी द्वारा स्थापित 'दीवान-ए-मुस्तखराज' का संबंध बकाये करों की वसूली (राजस्व विभाग) से था, न कि दान विभाग (जिसके लिए फ़िरोज़ शाह तुगलक ने 'दीवान-ए-खैरात' स्थापित किया था)। इस काल के प्रशासनिक विकास के बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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वर्धन राजवंश (पुष्यभूति वंश) तथा दक्षिण भारत के पल्लव और चालुक्य राजवंशों के राजनीतिक एवं सांस्कृतिक संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर्षवर्धन (शिलादित्य) ने अपने साम्राज्य के विस्तार के क्रम में नर्मदा नदी के तट पर चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय के साथ युद्ध किया था, जिसमें हर्षवर्धन की पराजय हुई और इस ऐतिहासिक संघर्ष का विस्तृत विवरण हमें ह्वेनसांग के यात्रा वृत्तांत तथा पुलकेशिन द्वितीय के ऐहोल अभिलेख (जिसे रविचर्ति ने लिखा है) से प्राप्त होता है।
2. पल्लव शासक नरसिंहवर्मन प्रथम (महामल्ल) ने वातापी (बादामी) के चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय को परास्त कर 'वातापिकोण्ड' (वातापी का विजेता) की उपाधि धारण की थी, और इसी विजय के उपलक्ष्य में उसने महाबलीपुरम में प्रसिद्ध रथ मंदिरों (एकाश्म मंदिरों) का निर्माण कार्य आरंभ करवाया था।
3. हर्षवर्धन ने कन्नौज को अपनी राजधानी बनाने के पश्चात बौद्ध धर्म की महायान शाखा को संरक्षण प्रदान किया तथा प्रत्येक पाँच वर्ष पर प्रयाग की संगम स्थल पर एक भव्य महामोक्ष परिषद (दान सत्र) का आयोजन किया, जिसमें वह अपनी सारी संपत्ति दान कर देता था।
4. पल्लव राजवंश के राजा महेंद्रवर्मन प्रथम ने अपने प्रारंभिक जीवन में जैन धर्म का अनुयायी था, किंतु प्रसिद्ध संत अप्पर (तिरुनावुक्करासु) के प्रभाव में आकर उसने शैव धर्म स्वीकार कर लिया और त्रिचिरापल्ली तथा पल्लव क्षेत्रों में कई गुफा मंदिरों (मण्डप) का निर्माण करवाया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पानीपत के प्रथम युद्ध के समय इब्राहिम लोदी की हार का एक प्रमुख मनोवैज्ञानिक कारण क्या था?
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भारतीय स्वतंत्रता और देश के विभाजन की प्रक्रिया के संदर्भ में, माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) और उससे संबंधित प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माउंटबेटन योजना के तहत पंजाब और बंगाल की प्रांतीय विधानसभाओं की बैठकें दो भागों (मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के प्रतिनिधि और गैर-मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के प्रतिनिधि) में होना निर्धारित किया गया था, ताकि वे यह निर्णय ले सकें कि प्रांत का विभाजन किया जाए या नहीं।
2. इस योजना के अंतर्गत उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में यह तय किया गया कि वहाँ के भविष्य का निर्धारण करने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) कराया जाएगा।
3. माउंटबेटन योजना के आधार पर ब्रिटिश संसद में प्रस्तुत 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947' में यह प्रावधान किया गया कि 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन अस्तित्व में आएंगे, तथा ब्रिटिश सम्राट का 'भारत के सम्राट' (Emperor of India) की उपाधि से अधिकार समाप्त हो जाएगा।
4. पंजाब और बंगाल की सीमाओं के निर्धारण के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा गठित 'सीमा आयोग' (Boundary Commission) के अध्यक्ष सर सिरिल रेडक्लिफ ने अपनी सीमा रेखा की रिपोर्ट 15 अगस्त 1947 से पूर्व ही सार्वजनिक कर दी थी, जिससे स्वतंत्रता के समय दोनों देशों में सीमा संबंधी कोई असमंजस या हिंसा नहीं हुई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गुप्तोत्तर काल एवं हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान राजनीतिक, प्रशासनिक और आर्थिक प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर्षवर्धन के अधीन प्रशासनिक व्यवस्था मौर्य और गुप्त कालों की तुलना में अधिक विकेंद्रीकृत हो चुकी थी, जहाँ अधिकारियों और सामंतों को नगद वेतन देने के स्थान पर भूमि अनुदान (भू-दान) देने की प्रवृत्ति में अत्यधिक वृद्धि हुई थी।
2. हर्ष के काल में कन्नौज (जिसे 'कान्यकुब्ज' कहा जाता था) राजनीतिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया था, और हर्ष ने बौद्ध धर्म की महायान शाखा को संरक्षण प्रदान करने के साथ-साथ कन्नौज में एक विशाल धार्मिक महासभा का आयोजन किया था, जिसकी अध्यक्षता चीनी यात्री ह्वेनसांग ने की थी।
3. इस काल में उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में रोमन साम्राज्य के साथ होने वाले प्रत्यक्ष समुद्री व्यापार के बने रहने के कारण सोने के सिक्कों की प्रचुरता थी, और हर्ष के समय सोने के सिक्के (दिनार) गुप्त सम्राटों से भी अधिक शुद्धता और संख्या में जारी किए गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942) तथा सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आज़ाद हिंद फौज (INA) के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अगस्त 1942 में बंबई में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा 'भारत छोड़ो' प्रस्ताव पारित किए जाने के तुरंत बाद, ब्रिटिश सरकार द्वारा 'ऑपरेशन जीरो आवर' के तहत कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप यह आंदोलन पूरी तरह नेतृत्वहीन हो गया और देश के किसी भी हिस्से में समानांतर सरकारों की स्थापना नहीं हो सकी।
2. सुभाष चंद्र बोस ने जनवरी 1941 में ब्रिटिश नजरबंदी से अपने ऐतिहासिक पलायन ('ग्रेट एस्केप') के उपरांत जर्मनी पहुंचकर 'फ्री इंडिया सेंटर' की स्थापना की और वहीं से पहली बार 'आजाद हिंद रेडियो' पर प्रसारण के दौरान महात्मा गांधी को संबोधित करते हुए उन्हें 'राष्ट्रपिता' (Father of the Nation) कहकर पुकारा।
3. वर्ष 1943 में सुभाष चंद्र बोस के सिंगापुर आगमन पर रास बिहारी बोस ने 'इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' और 'आजाद हिंद फौज' (INA) की संपूर्ण बागडोर औपचारिक रूप से उन्हें सौंप दी, जिसके बाद सिंगापुर में ही अक्टूबर 1943 में 'अस्थाई आज़ाद हिंद सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) की स्थापना की गई।
4. आज़ाद हिंद फौज (INA) की प्रसिद्ध 'सुभाष ब्रिगेड', 'गांधी ब्रिगेड' और महिलाओं की एक रेजिमेंट 'झांसी की रानी रेजिमेंट' का गठन किया गया था, तथा INA की सेनाओं ने जापानी सेनाओं के साथ मिलकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर अधिकार कर उनका नाम क्रमशः 'शहीद द्वीप' और 'स्वराज द्वीप' रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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