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History of India
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सत्रहवीं शताब्दी में यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और पुर्तगाली तथा ब्रिटिश सत्ता की स्थापना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. फ्रांसिस्को डी अल्मेडा भारत में प्रथम पुर्तगाली वायसराय था, जिसने 'ब्लू वाटर पॉलिसी' (नीला जल नीति) का प्रतिपादन किया ताकि हिंद महासागर में पुर्तगाली नौसेना की सर्वोच्चता स्थापित की जा सके और व्यापारिक मार्गों पर नियंत्रण रखा जा सके।
- 2. अल्बुकर्क को भारत में पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक माना जाता है, जिसने 1510 ई. में बीजापुर के सुल्तान यूसुफ आदिल शाह से गोवा को छीना था तथा पुर्तगालियों को स्थानीय भारतीय महिलाओं के साथ विवाह करने के लिए प्रोत्साहित किया था।
- 3. वर्ष 1600 में स्थापित ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा पूर्वी देशों के साथ व्यापार करने का एकाधिकार प्रदान किया गया था, और कैप्टन विलियम हॉकिन्स वर्ष 1608 में 'हेक्टर' नामक जहाज लेकर मुगल दरबार में सम्राट जहांगीर के पास सूरत में व्यापारिक कोठी स्थापित करने की अनुमति प्राप्त करने हेतु पहुँचा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। फ्रांसिस्को डी अल्मेडा भारत का प्रथम पुर्तगाली गवर्नर/वायसराय था जिसने हिंद महासागर में एकाधिकार स्थापित करने के लिए 'ब्लू वाटर पॉलिसी' अपनाई। अल्बुकर्क ने 1510 में गोवा पर अधिकार कर पुर्तगाली साम्राज्य की नींव मजबूत की। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना 1600 में हुई और कैप्टन हॉकिन्स 1608 में जहांगीर के दरबार में आया था। अधिक जानकारी के लिए देखें विकिपीडिया संदर्भ।
Related Questions
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गुप्तकालीन प्रशासन, अर्थव्यवस्था और भूमि प्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त काल में भू-राजस्व की दर सामान्यतः उपज का 1/6 से 1/4 भाग होती थी, जिसे 'भाग' या 'भोग' कहा जाता था, और भूमि की पैमाइश के लिए 'निवर्तन' और 'कुडव' जैसी माप इकाइयों का उल्लेख मिलता है।
2. इस काल में राजा द्वारा ब्राह्मणों, मंदिरों और बौद्ध विहारों को कर-मुक्त भूमि दान देने की प्रथा ('अग्रहार' व्यवस्था) में भारी वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप गुप्त साम्राज्य में सामंती प्रवृत्तियों (Feudal Tendencies) का बीजारोपण हुआ।
3. गुप्त साम्राज्य की मुद्रा प्रणाली में सोने के सिक्कों को 'दीनार्क' और चांदी के सिक्कों को 'रूप्यक' कहा जाता था, तथा चंद्रगुप्त द्वितीय के पश्चिमी भारत के शक राजाओं को पराजित करने के उपरांत चांदी के सिक्कों का प्रचलन बड़े पैमाने पर शुरू हुआ था।
4. गुप्त प्रशासन में सर्वोच्च न्याय अधिकारी राजा होता था, और इस काल में पहली बार दीवानी (सिविल) और फौजदारी (आपराधिक) मुकदमों के बीच स्पष्ट कानूनी अंतर किया गया तथा चोरी और डकैती के मामलों के लिए 'धर्मस्थीय' और 'कंटकशोधन' न्यायालयों की स्थापना की गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था, भूमि अनुदान व्यवस्था (Land Grants) और प्रशासनिक संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त काल में ब्राह्मणों, बौद्ध विहारों और अधिकारियों को दिए जाने वाले कर-मुक्त भूमि अनुदान (अग्रहार) की प्रथा में भारी वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप सामंती प्रवृत्तियों का उदय हुआ और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अधिकारों का विकेंद्रीकरण होने लगा।
2. इस काल में सुदूर दक्षिण पूर्व एशिया के साथ होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार में ह्रास के कारण मुद्रा अर्थव्यवस्था को करारा झटका लगा, जिसके प्रमाणस्वरूप गुप्त शासकों द्वारा पश्चिमी क्षत्रपों को पराजित करने के बाद चलाए गए स्वर्ण सिक्कों (दीनार) में सोने की शुद्धता में निरंतर गिरावट और तांबे के सिक्कों का अत्यंत दुर्लभ होना मिलता है।
3. गुप्त प्रशासनिक व्यवस्था में 'विषय' (ज़िला) के प्रशासन की देखरेख 'विषयपति' नामक अधिकारी द्वारा की जाती थी, जो प्रांतीय गवर्नर (उपरिक) के अधीन कार्य करता था और इस स्थानीय प्रशासन में नगर श्रेष्ठी, सार्थवाह और प्रथम कुलिक जैसे व्यापारिक व शिल्पी वर्गों के प्रतिनिधि भी सक्रिय रूप से सम्मिलित होते थे।
4. गुप्त सम्राटों ने अपनी संप्रभुता को सुदृढ़ करने के लिए 'परमभागवत' और 'महाराजाधिराज' जैसी उपाधियाँ धारण कीं, तथा उनके काल में भूमि की पैमाइश और भू-राजस्व निर्धारण के लिए 'निवर्तन' और 'द्रोणवाप' जैसी भूमि माप इकाइयों का बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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औरंगजेब का जन्म कब हुआ था?
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में, 'मलिक नक्शबंद' या 'दीवान-ए-कोही' तथा 'मुक्ता' (इक्तादार) व्यवस्था से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा स्थापित 'दीवान-ए-कोही' विभाग का मुख्य उद्देश्य कृषि का विस्तार करना था, जिसके तहत किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता (तकावी या sondhar ऋण) दी जाती थी और इसके लिए 'अमीर-ए-कोही' नामक अधिकारी की नियुक्ति की गई थी।
2. सल्तनत काल में 'इक्ता' एक राजस्व आवंटन प्रणाली थी, और इक्तादारों (मुक्ता या वली) को अपने क्षेत्र से भू-राजस्व एकत्र करने का अधिकार था, किंतु फिरोजशाह तुगलक के शासनकाल में इक्ता व्यवस्था को आनुवंशिक बना दिया गया और सैनिकों को नकद वेतन देने के स्थान पर 'वजह' (लगान मुक्त भूमि) देने की प्रथा शुरू हुई।
3. अ अलाउद्दीन खिलजी ने अपने साम्राज्य में राजस्व सुधारों के तहत बिस्वा की इकाई के आधार पर भूमि की पैमाइश (विश्वा पैमाइश) कराई और लगमान की दर को बढ़ाकर उपज का आधा (50 प्रतिशत) हिस्सा कर दिया, साथ ही ग्रामीण अधिकारियों (खुत्त, मुकद्दम और चौधरी) के प्राचीन विशेषाधिकारों व छूट को समाप्त कर दिया।
4. गियासुद्दीन तुगलक ने कृषि और राजस्व के क्षेत्र में उदार नीति अपनाते हुए यह नियम बनाया कि राजस्व में एक वर्ष में 10 से 11 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि न की जाए, तथा किसानों को राहत देने के लिए सिंचाई नहरों के निर्माण की शुरुआत की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह द्वारा चलाए गए संघर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अप्रैल 1858 में वीर कुंवर सिंह ने ब्रिटिश सेनापति कैप्टन ली ग्रांड को आज़मगढ़ के पास बुरी तरह पराजित किया था, हालांकि इसी अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बाद 26 अप्रैल 1858 को जगदीशपुर में उनका निधन हो गया था।
2. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात उनके छोटे भाई अमर सिंह ने जगदीशपुर के जंगलों में ब्रिटिश सेना के विरुद्ध गुरिल्ला युद्ध (छापेमार युद्ध) जारी रखा और शाहाबाद के क्षेत्र में एक समानांतर प्रशासनिक व्यवस्था एवं सरकार की स्थापना की थी।
3. अमर सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस प्रतिरोध को कुचलने के लिए ब्रिटिश अधिकारी मेजर विंसेंट आयर और जनरल डगलस ने भारी सैन्य बल का प्रयोग किया, तथा अमर सिंह को पकड़ने में मदद करने के लिए ब्रिटिश सरकार ने उन पर भारी इनाम भी घोषित किया था।
4. अमर सिंह को अंततः ब्रिटिश सेना द्वारा युद्ध के मैदान में ही मार गिराया गया था, जिसके बाद बिहार में 1857 के विद्रोह की अंतिम लौ हमेशा के लिए बुझ गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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