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History of India
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गुप्त साम्राज्य और मौर्योत्तर काल की प्रशासनिक व्यवस्था, सैन्य संगठन तथा सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. मौर्योत्तर काल में सातवाहन राजवंश द्वारा शीशे (Lead) के सिक्के बड़े पैमाने पर जारी किए गए थे, तथा इसी काल में रोमन साम्राज्य के साथ हुए व्यापार के परिणामस्वरूप भारत में बड़ी मात्रा में सोने के सिक्कों का आगमन हुआ था, जिन्हें रोमन ग्रंथों में 'डिनार' कहा गया है।
- 2. गुप्त काल में सर्वोच्च न्यायिक अधिकारी के रूप में सम्राट कार्य करता था, किंतु स्थानीय स्तर पर श्रेणियों (Guilds), निगमों, और कुल (Family councils) को अपने आंतरिक विवादों को सुलझाने के सीमित न्यायिक अधिकार प्राप्त थे, और इस काल में पहली बार दीवानी (Civil) और फौजदारी (Criminal) कानूनों का स्पष्ट संहिताबद्ध वर्गीकरण किया गया था।
- 3. गुप्तकालीन सैन्य संगठन में सामंती व्यवस्था का गहरा प्रभाव था, जिसके तहत विभिन्न सामंत (महाप्रतीहार, महादंडनायक आदि) युद्ध के समय सम्राट को सैन्य टुकड़ियाँ उपलब्ध कराते थे, तथा सेना में घुड़सवार सेना की तुलना में हाथियों और रथों की भूमिका गौण हो चुकी थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गुप्त साम्राज्य और मौर्योत्तर काल भारतीय इतिहास का एक अत्यंत महत्वपूर्ण संक्रमण काल था। कथन 1 सही है क्योंकि मौर्योत्तर काल में सातवाहन शासकों ने तांबा, कांस्य और सीसे (Lead) के सिक्के बड़े पैमाने पर चलाए, और इंडो-रोमन व्यापार के कारण रोमन स्वर्ण मुद्राएं (एरी और डिनार) बड़ी मात्रा में भारत आईं। कथन 2 सही है क्योंकि गुप्त काल में न्याय व्यवस्था अधिक स्पष्ट हुई, जहाँ राजा सर्वोच्च न्यायाधीश था और श्रेणियों (Guilds) को न्यायिक अधिकार प्राप्त थे, साथ ही दीवानी एवं फौजदारी कानूनों का स्पष्ट अंतर देखा गया। कथन 3 गलत है क्योंकि गुप्त काल में सामंती व्यवस्था के कारण घुड़सवार सेना (Cavalry) का महत्व तेजी से बढ़ा, जबकि मौर्य काल की तुलना में रथों का प्रयोग लगभग समाप्त हो चुका था। इस काल की विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
Related Questions
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दमन के संदर्भ में ब्रिटिश अधिकारियों और उनके संबंधित कार्यक्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. जॉन निकलसन — दिल्ली में विद्रोह को दबाने के दौरान ब्रिटिश सेना का नेतृत्व किया और यहीं कश्मीरी गेट पर संघर्ष में मारे गए।
2. मेजर जनरल हैवलॉक — लखनऊ में फंसे हुए ब्रिटिश रेजिडेंट और सैनिकों की रक्षा के लिए आउट्राम के साथ पहु पहुँचे और लखनऊ की घेराबंदी समाप्त करने में मुख्य भूमिका निभाई।
3. सर ह्यूरोज — झाँसी और ग्वालियर के क्षेत्र में विद्रोही सेना का नेतृत्व कर रही रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे के विरुद्ध सैन्य अभियान का संचालन किया।
4. कर्नल जेम्स नील — कलकत्ता से इलाहाबाद और कानपुर की ओर बढ़ते हुए विद्रोही सैनिकों तथा आम जनता के खिलाफ अत्यधिक क्रूरता और दमनकारी नीतियों का सहारा लिया।
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान और उसके पश्चात आयोजित गोलमेज सम्मेलनों तथा गांधी-इरविन समझौते के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गांधी-इरविन समझौते (1931) के तहत सरकार ने हिंसात्मक अपराधों के आरोपियों को छोड़कर शेष सभी राजनीतिक बंदियों को रिहा करने और समुद्र के किनारे बिना कर दिए नमक बनाने का अधिकार स्वीकार कर लिया था।
2. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन (1931) में कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में महात्मा गांधी ने भाग लिया था, जहाँ सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व के विवाद और ब्रिटिश सरकार की अनुदार नीतियों के कारण यह सम्मेलन पूरी तरह असफल रहा।
3. डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था और उन्होंने दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की मांग की थी, जिसे महात्मा गांधी ने सहर्ष स्वीकार कर लिया था।
4. वर्ष 1932 में लंदन में आयोजित तृतीय गोलमेज सम्मेलन का कांग्रेस द्वारा पूर्ण बहिष्कार किया गया था, और इसी सम्मेलन के निर्णयों के आधार पर बाद में 'भारत सरकार अधिनियम, 1935' पारित किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गुप्तकालीन प्रशासन, अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त काल में भूमि अनुदान (Land Grants) की प्रथा का व्यापक विस्तार हुआ, जिसके तहत ब्राह्मणों और बौद्ध विहारों को दिए जाने वाले 'अग्रहार' और 'ब्रह्मदेय' अनुदानों में न केवल करों की छूट मिलती थी, बल्कि कई मामलों में प्रशासनिक और न्यायिक अधिकार भी स्थानीय अनुदानग्राहियों को हस्तांतरित कर दिए जाते थे।
2. इस काल में स्वर्ण मुद्राओं ('दीनार') का प्रचलन बड़े पैमाने पर हुआ, जो कुषाण स्वर्ण मुद्राओं की तुलना में अधिक शुद्धता और कलात्मक सुंदरता से भरपूर थीं, और ये मुद्राएँ मुख्य रूप से लंबी दूरी के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और बड़े व्यावसायिक लेन-देन के लिए उपयोग की जाती थीं।
3. गुप्त राजवंश के शासक मूल रूप से भागवत धर्म (वैष्णव धर्म) के अनुयायी थे और उन्होंने 'परमभागवत' की उपाधि धारण की, किंतु उनके साम्राज्य में धार्मिक सहिष्णुता की नीति प्रचलित थी, जिसके अंतर्गत नालंदा महाविहार के बौद्ध संघ को भी भारी दान और संरक्षण प्रदान किया गया था।
4. गुप्तकालीन प्रशासन में 'कुमारमात्य' सबसे महत्वपूर्ण उच्च प्रशासनिक अधिकारी वर्ग था, जिनसे ही प्रांतों के 'उपर्युक्त' और जिलों के 'विषयपति' जैसे प्रमुख अधिकारी नियुक्त किए जाते थे, और कुछ मामलों में यह पद वंशानुगत भी हो गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों (जैसे पटना, दानापुर, आरा, मुजफ्फरपुर और छपरा) में हुई घटनाओं और उनके नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पटना सिटी में 3 जुलाई 1857 को हुए विद्रोह का नेतृत्व एक प्रतिष्ठित पुस्तक विक्रेता पीर अली खान ने किया था, जिन्हें ब्रिटिश कमिश्नर विलियम टेलर के आदेश पर गिरफ्तार कर सार्वजनिक रूप से फाँसी पर लटका दिया गया था।
2. दानापुर छावनी के 7वें, 8वें और 40वें रेजिमेंट के भारतीय सिपाहियों ने 25 जुलाई 1857 को विद्रोह कर दिया था और सोन नदी पार कर सीधे जगदीशपुर के जमींदार बाबू कुंवर सिंह की सेना में शामिल हो गए थे।
3. मुजफ्फरपुर और छपरा (सारण) क्षेत्रों में विद्रोह के दौरान यूरोपीय अधिकारियों की हत्याएं और जेल तोड़ने की घटनाएं हुईं, जहाँ स्थानीय जमींदारों और विद्रोही सिपाहियों ने ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दी थी।
4. आरा (शाहबाद) में बाबू कुंवर सिंह के साथ उनके भाई अमर सिंह ने ब्रिटिश सेना के विरुद्ध कड़ा संघर्ष किया, और दानापुर से आने वाले विद्रोही सैनिकों ने कुंवर सिंह को अपना मुख्य नेता स्वीकार कर लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मराठा प्रशासन में पत्राचार विभाग के प्रमुख को क्या कहा जाता था?
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