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History of India
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वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों और बैरकपुर छावनी में घटित घटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. बंगाल सेना में पुरानी 'ब्राउन बेस' मस्कट बंदूक के स्थान पर दिसंबर 1856 में नई 'एनफील्ड' (Enfield) राइफल को शामिल किया गया था, जिसके कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी होने की बात ने भारतीय सैनिकों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया।
  2. 2. बैरकपुर छावनी (34वीं नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के प्रत्यक्ष विरोध में अपने वरिष्ठ अंग्रेजी अधिकारियों—लेफ्टिनेंट बॉग (Lt. Baugh) और ह्यूसन (Lt. Hewson)—पर गोली चलाकर उन्हें घायल कर दिया था।
  3. 3. इस घटना के तुरंत बाद मंगल पांडे को बंदी बना लिया गया और कोर्ट-मार्शल के पश्चात 8 अप्रैल 1857 को उन्हें बैरकपुर में ही फांसी दे दी गई, जिसके परिणामस्वरूप इस छावनी की पूरी 34वीं रेजिमेंट को बाद में भंग कर दिया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

वर्ष 1857 के महान विद्रोह का तात्कालिक कारण सेना में नई 'एनफील्ड' राइफल का प्रयोग था। इसके कारतूसों को लोड करने से पहले मुँह से काटना पड़ता था और ऐसी प्रबल अफवाह थी कि इनमें गाय और सुअर की चर्बी का लेप लगा है, जिससे हिंदू और मुस्लिम दोनों सैनिकों के धार्मिक विश्वास को गहरी ठेस पहुँची। बैरकपुर छावनी की 34वीं नेटिव इन्फैंट्री के सिपाही विकिपीडिया संदर्भ मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को इस अन्याय के विरुद्ध बगावत का बिगुल फूँकते हुए अंग्रेजी अधिकारियों पर आक्रमण कर दिया था। तीव्र कार्रवाई के तहत उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई और अनुशासनहीनता के आरोप में उनकी रेजिमेंट को भंग कर दिया गया। अत: तीनों कथन सही हैं।
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