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History of India
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यूरोपीय कंपनियों के भारत आगमन और ब्रिटिश सत्ता की प्रारंभिक स्थापना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को वर्ष 1600 में ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा एक शाही चार्टर प्रदान किया गया था, जिसके तहत उसे पूर्वी देशों के साथ व्यापार करने का एकाधिकार अनिश्चित काल के लिए बिना किसी अवधि सीमा के दे दिया गया था।
- 2. वर्ष 1615 में किंग जेम्स प्रथम के राजदूत के रूप में सर थॉमस रो भारत आया था, जिसने मुगल सम्राट जहांगीर के दरबार से सूरत और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अंग्रेजों को फैक्ट्रियां स्थापित करने और व्यापारिक रियायतें प्राप्त करने के लिए शाही फरमान हासिल किया था।
- 3. बंगाल में ब्रिटिश सत्ता की सुदृढ़ नींव रखने वाले सुअवसर के रूप में, वर्ष 1717 में मुगल सम्राट फर्रुख्शियर द्वारा जारी एक ऐतिहासिक फरमान के तहत अंग्रेजों को बंगाल में 3000 रुपये वार्षिक कर के एवज में बिना सीमा शुल्क के व्यापार करने की स्वतंत्र अनुमति मिल गई थी, जिसे इतिहासकार ओरम ने 'कंपनी का मैग्नाकार्टा' कहा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि महारानी एलिजाबेथ प्रथम द्वारा 31 दिसंबर 1600 को दिए गए प्रारंभिक शाही चार्टर (राजपत्र) के तहत ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को केवल 15 वर्षों के लिए पूर्वी देशों के साथ व्यापार का एकाधिकार दिया गया था, जिसे बाद में ब्रिटिश संसद द्वारा समय-समय पर संशोधित और विस्तारित किया गया था। कथन 2 सत्य है; सर थॉमस रो 1615 में जहांगीर के दरबार में आया था और उसने अंग्रेजों के लिए व्यापारिक छूट और सूरत में फैक्ट्री स्थापित करने की अनुमति प्राप्त की थी। कथन 3 सत्य है; वर्ष 1717 में मुगल सम्राट फर्रुख्शियर द्वारा जारी फरमान को कंपनी का मैग्नाकार्टा कहा जाता है, जिसके अंतर्गत बंगाल में 3000 रुपये वार्षिक देने के बदले मुक्त व्यापार की अनुमति मिली थी। इस विषय पर अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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भारतीय स्वतंत्रता, माउंटबेटन योजना और देश के विभाजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. माउंटबेटन योजना (3 जून 1947) के प्रावधानों के तहत पंजाब और बंगाल की प्रांतीय विधानसभाओं को यह निर्णय लेने का अधिकार दिया गया था कि क्या उनके प्रांतों का विभाजन किया जाना चाहिए या नहीं, जिसके परिणामस्वरूप दोनों प्रांतों के हिंदू और मुस्लिम बहुसंख्यक जिलों के प्रतिनिधियों ने अलग बैठक कर विभाजन के पक्ष में मतदान किया।
2. इस योजना के अंतर्गत उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में से किसके साथ शामिल होना है, इसका निर्णय लेने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) कराए जाने का प्रावधान था, और सिलहट ने जनमत संग्रह के माध्यम से पाकिस्तान के पक्ष में मतदान किया।
3. रियाسतों (Princely States) के भविष्य के निर्धारण के संबंध में माउंटबेटन योजना में यह स्पष्ट किया गया था कि वे अपनी भौगोलिक स्थिति और जनता की इच्छा के आधार पर या तो भारत या पाकिस्तान में शामिल हो सकती हैं, अथवा वे चाहें तो ब्रिटिश क्राउन के साथ अपने संबंधों को बनाए रखते हुए एक पूर्ण स्वतंत्र एवं संप्रभु राष्ट्र के रूप में अस्तित्व में रह सकती हैं।
4. भारत और पाकिस्तान के बीच सीमाओं के निर्धारण के लिए ब्रिटिश संसद द्वारा अधिनियमित 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947' के पारित होने से ठीक पहले ही सिरिल रेडक्लिफ की अध्यक्षता में सीमा आयोगों (Boundary Commissions) का गठन कर दिया गया था, किंतु इन आयोगों की विवादास्पद और अंतिम सीमा-निर्णय रिपोर्टों को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता प्राप्ति के तुरंत बाद सार्वजनिक किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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तैमूर लंग ने भारत से वापस जाते समय अपना प्रतिनिधि और मुल्तान का गवर्नर किसे नियुक्त किया?
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फिरोज तुगलक ने अशोक के दो स्तंभों को मेरठ और टोपरा से मँगाकर कहाँ स्थापित करवाया था?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में विद्रोहियों के नेतृत्व और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली में विद्रोह की औपचारिक शुरुआत मेरठ के सिपाहियों के आगमन के साथ हुई और उन्होंने अनिच्छुक वृद्ध मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को भारत का 'शहनशाह-ए-हिन्दुस्तान' घोषित कर इस विद्रोह का प्रतीकीर्ण प्रतीक व संवैधानिक प्रमुख बनाया।
2. वास्तविक सैन्य नेतृत्व और प्रशासनिक नियंत्रण की बागडोर जनरल बख्त खान के नेतृत्व में बनी 'सैनिक अदालत' (Court of Soldiers) के हाथों में थी, जिसमें विभिन्न रेजिमेंटों से आए सिपाही और अधिकारी शामिल थे।
3. ब्रिटिश सेना द्वारा दिल्ली पर पुनः अधिकार करने के पश्चात जनरल हडसन ने हुमायूं के मकबरे से बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार किया और उनके पुत्रों को सरेआम गोली मार दी, तथा जफर को आजीवन निर्वासन के लिए रंगून भेज दिया गया, जहाँ 1862 में उनका निधन हो गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मध्यकालीन भारत के भक्ति और सूफी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. दक्षिण भारत के अलार (भक्ति संत) और नयनार (शैव संत) संतों ने पारंपरिक जाति व्यवस्था और वेदों की सर्वोच्चता को चुनौती देते हुए तमिल भाषा में अपनी भक्ति रचनाओं का प्रसार किया, जिन्हें 'नालयिर दिव्य प्रबंधम' के रूप में संकलित किया गया है।
2. सूफियों के 'चिश्ती सिलसिले' के प्रसिद्ध संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने भारत में इस सिलसिले की नींव रखी और उनका मुख्य केंद्र अजमेर रहा, जहाँ उनके उत्तराधिकारी शेख निज़ामुद्दीन औलिया ने अमीर खुसरो के साथ मिलकर संगीत (समां) को आध्यात्मिक साधना का माध्यम बनाया।
3. उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन को लोकप्रिय बनाने वाले रामानंद ने राम-भक्ति की धारा को आगे बढ़ाया और उनके शिष्यों में कबीर (जुलाहा), रैदास (चमार), सेना (नाई) तथा पीपा (राजपूत) जैसे विभिन्न जातियों व व्यवसायों से जुड़े लोग शामिल थे।
4. महान संत चैतन्य महाप्रभु ने बंगाल में 'गौड़ीय वैष्णववाद' (अचिंत्य भेदाभेद वाद) की स्थापना की, जो मूर्तिपूजा के विरोधी थे और उन्होंने संकीर्तन प्रथा के माध्यम से भक्ति का प्रचार करते हुए संस्कृत के स्थान पर केवल फारसी को धार्मिक अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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