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History of India
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चंपारण सत्याग्रह (1917), खेड़ा सत्याग्रह (1918) और असहयोग आंदोलन के प्रारंभिक चरणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. चंपारण सत्याग्रह के दौरान महात्मा गांधी के साथ अनुग्रह नारायण सिंह, राजेंद्र प्रसाद, जे. बी. कृपलानी और महादेव देसाई जैसे प्रख्यात नेता जुड़े, तथा इस आंदोलन के दबाव के कारण सरकार को 'चंपारण कृषि अधिनियम' (Champaran Agrarian Act) पारित करना पड़ा।
- 2. वर्ष 1918 के खेड़ा सत्याग्रह में गांधीजी ने किसानों को फसल खराब होने के बावजूद लगान का भुगतान करने की सलाह दी थी, क्योंकि उनका मानना था कि ब्रिटिश सरकार के साथ सहयोग करना इस समय नैतिक रूप से अनिवार्य था।
- 3. असहयोग आंदोलन के दौरान स्थापित 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' (National Council of Education) के तहत कलकत्ता और बंगाल क्षेत्र में छात्रों ने सरकारी स्कूलों और कॉलेजों का बहिष्कार कर वैकल्पिक राष्ट्रीय संस्थानों में शिक्षा ग्रहण की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: चंपारण सत्याग्रह में महात्मा गांधी के साथ राजेंद्र प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिंह, जे. बी. कृपलानी, ब्रजकिशोर प्रसाद और महादेव देसाई जैसे महान नेता शामिल हुए थे। इस सफल आंदोलन के बाद 'चंपारण कृषि अधिनियम' पारित किया गया जिससे तीनकठिया पद्धति समाप्त हुई। कथन 2 गलत है: खेड़ा सत्याग्रह में फसल पूरी तरह बर्बाद (सामान्य उपज का एक चौथाई से भी कम) होने के कारण गांधीजी ने किसानों को लगान न चुकाने (लगान अदायगी रोकने) का सफल नेतृत्व प्रदान किया था। कथन 3 सही है: असहयोग आंदोलन के दौरान शिक्षा के बहिष्कार के तहत विद्यार्थियों ने सरकारी शिक्षण संस्थानों का त्याग किया और देश में कई राष्ट्रीय विद्यालयों एवं कॉलेजों की स्थापना की गई। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में विद्रोह के संचालन और रणनीतिक नेतृत्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कानपुर में नाना साहब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र) ने विद्रोह का नेतृत्व करते हुए स्वयं को पेशवा घोषित किया तथा अजीमुल्ला खां को अपना मुख्य सलाहकार और राजनीतिक रणनीतिकार नियुक्त किया था।
2. तात्या टोपे ने कानपुर की सेना के वास्तविक सैन्य कमांडर के रूप में अंग्रेजी सेना के खिलाफ उत्कृष्ट सैन्य कौशल का प्रदर्शन किया और बाद में जनरल विंडहैन की ब्रिटिश सेना को कानपुर से खदेड़ने में सफलता प्राप्त की थी।
3. नाना साहब और उनके सहयोगियों द्वारा ब्रिटिश आत्मसमर्पण के उपरांत कानपुर में 'बीबीघर हत्याकांड' (Bibighar Massacre) की घटना घटी, जिसके पश्चात ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने अत्यंत क्रूरतापूर्वक कानपुर पर पुनः अधिकार कर लिया था।
4. ब्रिटिश दमन चक्र के तीव्र होने पर नाना साहब नेपाल की तराई की ओर निकल गए, जबकि तात्या टोपे ने ग्वालियर और मध्य भारत की ओर प्रस्थान कर रानी लक्ष्मीबाई के साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध सफल गोरिल्ला युद्ध जारी रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मराठा काल में "सरंजामी" भूमि का संबंध किससे था?
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भारतीय स्वतंत्रता, माउंटबेटन योजना और देश के विभाजन के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 3 जून 1947 को घोषित माउंटबेटन योजना में भारत के विभाजन के साथ-साथ पंजाब और बंगाल की प्रांतीय विधानसभाओं को अपने-अपने प्रांतों के विभाजन के प्रश्न पर मतदान करने का अधिकार दिया गया था।
2. ब्रिटिश संसद में पारित भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 (Indian Independence Act 1947) के प्रावधानों के तहत 15 अगस्त 1947 को भारत और पाकिस्तान नामक दो स्वतंत्र डोमिनियन अस्तित्व में आए तथा ब्रिटिश क्राउन की सर्वोच्चता और नियंत्रण समाप्त हो गया।
3. उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (NWFP) और असम के सिलहट जिले में भारत या पाकिस्तान में से किसी एक में शामिल होने का निर्णय लेने के लिए जनमत संग्रह (Referendum) का आयोजन किया गया था, जिसमें दोनों ही क्षेत्रों की बहुसंख्यक जनता ने पाकिस्तान के पक्ष में मतदान किया था।
4. रेडक्लिफ आयोग (Boundary Commission) द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा निर्धारण का अंतिम पुरस्कार (Award) 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता दिवस के जश्न से पहले ही सार्वजनिक कर दिया गया था ताकि किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक तनाव को तुरंत टाला जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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मुगल स्थापत्य कला का "स्वर्ण युग" किसके शासनकाल को माना जाता है?
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से लेकर सूरत विभाजन (1907) तक के कालखंड के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कांग्रेस के प्रारंभिक उदारवादी (नरम दल) नेताओं का मुख्य विश्वास 'ब्रिटिश न्यायप्रियता' में था और उन्होंने औपनिवेशिक स्वराज (Colonial Self-Government) को संवैधानिक तरीकों से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा था, किंतु उन्होंने कभी भी ब्रिटिश शासन के आर्थिक शोषण के सिद्धांत (Drain of Wealth) की खुली आलोचना नहीं की।
2. वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन के पश्चात उग्रवादी (गरम दल) नेताओं—बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल और अरविंद घोष—ने इस आंदोलन को केवल बंगाल तक सीमित रखने के बजाय पूरे देश में 'स्वदेशी', 'बॉयकॉट' (बहिष्कार) और 'राष्ट्रीय शिक्षा' के रूप में फैलाने पर जोर दिया।
3. सूरत अधिवेशन (1907) में कांग्रेस के मंच से गरम दल के नेता रास बिहारी घोष को अध्यक्ष बनाने के प्रस्ताव को लेकर नरम दल और गरम दल के बीच तीव्र मतभेद उत्पन्न हो गए, जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस में ऐतिहासिक विभाजन हो गया और संगठन पर नरमपंथियों का नियंत्रण स्थापित हो गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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