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History of India
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मध्यकालीन भारत के सूफी आंदोलनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. भारत में चिश्ती सिलसिले की स्थापना ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती ने की थी और इस सिलसिले के संतों ने शाही संरक्षण (पैट्रोनटेज) तथा राजनीतिक पदों को अनिवार्य रूप से स्वीकार करते हुए सुल्तानों के दरबार में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
- 2. सुहरावर्दी सिलसिला मुख्य रूप से मुल्तान और सिंध क्षेत्र में सक्रिय था, तथा इस सिलसिले के संतों ने चिश्ती संतों के विपरीत राजकीय सहायता और जागीरों को स्वीकार करने से कभी परहेज नहीं किया।
- 3. सूफी संतों की सभाओं को 'मजलिस' कहा जाता था, जबकि संगीत और रहस्यवादी नृत्य के माध्यम से ईश्वर की आराधना की पद्धति को 'समां' कहा जाता था, जिसे चिश्ती सिलसिले ने विशेष रूप से अपनाया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि चिश्ती सिलसिले के संतों ने शाही संरक्षण, धन और राजनीतिक पदों को स्वीकार करने से सख्त परहेज किया था। वे सादा जीवन जीते थे और जनता से सीधे जुड़े रहते थे। इसके विपरीत, सुहरावर्दी सिलसिले के संतों ने राजकीय सहायता और जागीरें स्वीकार की थीं। कथन 2 और 3 सत्य हैं; सुहरावर्दी सिलसिला मुख्यतः उत्तर-पश्चिमी भारत (मुल्तान और सिंध) में फला-फूल और उन्होंने राज्य के साथ संबंध बनाए रखे। सूफियों की सभाओं को 'मजलिस' और रहस्यवादी संगीत को 'समां' कहा जाता था। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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सविनय अवज्ञा आंदोलन के द्वितीय चरण और गांधी-इरविन समझौते के पश्चात वर्ष 1931 में आयोजित 'द्वितीय गोलमेज सम्मेलन' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एकमात्र आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में महात्मा गांधी ने भाग लिया था, तथा कांग्रेस ने सांप्रदायिक अधિનिर्णय (Communal Award) और अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व के प्रश्न पर ब्रिटिश सरकार के साथ पूर्ण सहमति व्यक्त की थी।
2. इस सम्मेलन में महात्मा गांधी ने भारत के लिए 'डोमिनियन स्टेटस' की मांग का पुरजोर समर्थन किया और ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड के समक्ष तुरंत पूर्ण स्वराज (Complete Independence) का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया था।
3. सम्मेलन के दौरान दलित वर्ग के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. भीमराव अंबेडकर ने सभी दलित जातियों के लिए एक पृथक निर्वाचन मंडल (Separate Electorate) की मांग की थी, जिसे महात्मा गांधी ने हिंदू समाज के विघटन का हवाला देते हुए अस्वीकार कर दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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शिवाजी महाराज ने मात्र 16 वर्ष की आयु में 1646 ई. में किस प्रथम किले पर विजय प्राप्त की थी?
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1857 के महान विद्रोह की प्रकृति और उसके स्वरूप के विश्लेषण के संदर्भ में निम्नलिखित इतिहासकारों तथा उनके प्रसिद्ध कथनों एवं मतों पर विचार कीजिए:
1. बेंजामिन डिजराइल ने ब्रिटिश संसद में दिए अपने भाषण में 1857 के विद्रोह को केवल एक 'सिपाही विद्रोह' (Sepoy Mutiny) मानने से इनकार करते हुए इसे एक 'राष्ट्रीय विद्रोह' (National Revolt) की संज्ञा दी थी।
2. इतिहासकार डॉ. आर.सी. मजूमदार ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'द सिपाही म्यूटिनी एंड द रिवोल्ट ऑफ़ 1857' में यह निष्कर्ष दिया था कि तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो पहला, न ही राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम था।
3. वी.डी. सावरकर ने अपनी ऐतिहासिक कृति 'द इंडियन वॉर ऑफ़ इंडिपेंडेंस 1857' में इस घटना को सुनियोजित और सुनियंत्रित प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के रूप में चित्रित किया था।
4. सर जॉन सीले और लॉयर्स ने 1857 के विद्रोह को एक पूर्णतः देशभक्तिपूर्ण राष्ट्रीय आंदोलन बताते हुए इसे ब्रिटिश शासन के विरुद्ध भारतीयों का सुनियोजित स्वतंत्रता संघर्ष माना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारणों और चर्बी वाले कारतूसों की घटना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नई एनफील्ड राइफल (Enfield Rifle), जिसमें चर्बी वाले कारतूसों का प्रयोग किया जाना था, के प्रचलन ने भारतीय सिपाहियों में यह प्रबल संदेह पैदा कर दिया कि ब्रिटिश सरकार उनके धर्म और जाति को नष्ट करने का एक सुनियोजित षड्यंत्र रच रही है।
2. इस राइफल के कारतूसों के आवरण को लोड करने से पहले मुँह से काटना पड़ता था, और सैनिकों के बीच यह अफवाह तेजी से फैल गई कि इस आवरण में गाय और सूअर की चर्बी का प्रयोग किया गया है।
3. बैरकपुर छावनी (34वीं नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को इन कारतूसों के प्रयोग का खुला विरोध करते हुए अपने यूरोपीय अधिकारियों (लेफ्टिनेंट बॉग और सार्जेंट ह्यूसन) पर आक्रमण कर दिया, जिसके परिणाम स्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फाँसी दे दी गई।
4. मंगल पांडे की घटना के तुरंत बाद ब्रिटिश प्रशासन ने पूरी बंगाल सेना से एनफील्ड राइफल के प्रयोग को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया और पुरानी ब्राउन बेस गन (Brown Bess Gun) को वापस सेवा में बहाल कर दिया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व में महाजनपदों के उदय और मगध साम्राज्य के विस्तार के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंग महाजनपद को मगध में मिलाने वाला प्रथम शासक बिम्बिसार था, जिसने अपने सामरिक और राजनीतिक कौशल का परिचय देते हुए अंग के राजा ब्रह्मदत्त को पराजित किया था।
2. अजातशत्रु के शासनकाल में वैशाली के वज्जी संघ के साथ हुए लंबे संघर्ष के दौरान उसके मंत्रियों (वरकार) की कूटनीति और दो नवीन हथियारों—रथमूसल (ऐसा रथ जिससे गदा जुड़ी होती थी) और महाशिलाकंटक (बड़े पत्थरों को फेंकने वाला यंत्र)—का विशेष रूप से प्रयोग किया गया था।
3. नंद वंश के संस्थापक महापद्मनंद को पुराणों में 'सर्वक्षत्रान्तक' (क्षत्रत्रियों का नाश करने वाला) और 'एकराट' की उपाधि से विभूषित किया गया है, जिसने कलिंग सहित कई महाजनपदों को मगध साम्राज्य में मिला लिया था।
4. मगध के उत्कर्ष का मुख्य कारण केवल उसकी उपजाऊ भूमि और लौह खानों की उपलब्धता थी; प्रारंभ से ही मगध की नौसैनिक शक्ति इतनी प्रबल थी कि उसने बंगाल की खाड़ी के तटीय व्यापार पर पूर्ण एकाधिकार स्थापित कर लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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