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History of India
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सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. हड़प्पा सभ्यता की लिपि मुख्य रूप से चित्रात्मक (Pictographic) थी, जो दाईं से बाईं ओर (Boustrophedon शैली) लिखी जाती थी, और इस लिपि को अब तक पूरी तरह से पढ़ा (Decipher) जा चुका है।
  2. 2. लोथल में खोजा गया 'गोदीवाडा' (Dockyard) एक कृत्रिम ईंटों से बना विशाल ढांचा था, जो समुद्री व्यापार और जलपोतों के आवागमन के लिए उपयोग किया जाता था।
  3. 3. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'नर्तकी की कांस्य मूर्ति' (Dancing Girl) 'लुप्त मोम तकनीक' (Lost-wax casting process) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 गलत है क्योंकि सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि चित्रात्मक और भावचित्रात्मक है, जिसे प्रायः दाईं से बाईं ओर (ब्रोस्ट्रोफेडन शैली) लिखा जाता था, किंतु इस लिपि को आज तक पूरी तरह से पढ़ा नहीं जा सका है। कथन 2 सही है; गुजरात में स्थित लोथल एक प्रमुख बंदरगाह शहर था जहाँ पकी हुई ईंटों से निर्मित एक विशाल गोदीवाड़ा (डॉकयार्ड) के अवशेष मिले हैं जो मेसोपोटामिया और फारस के साथ समुद्री व्यापार का प्रमाण देते हैं। कथन 3 सही है; मोहनजोदड़ो से प्राप्त काँसे की नर्तकी की मूर्ति 'मधुच्छिद्म प्रक्रिया' या 'लुप्त मोम तकनीक' (Lost-wax casting) से बनाई गई थी। सिंधु घाटी सभ्यता के बारे में अधिक जानने के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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