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History of India
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प्राचीन भारतीय इतिहास में वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. पल्लव शासक नरसिंहवर्मन् प्रथम ने वातापी के चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय को पराजित किया और 'वातापीकोंड' (वातापी का विजेता) की उपाधि धारण की थी।
- 2. बादामी के चालुक्य शासक पुलकेशिन द्वितीय की नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन पर विजय का उल्लेख प्रख्यात पुलकेशिन द्वितीय के ऐहोल अभिलेख (Aihole Inscription) में मिलता है, जिसकी रचना रवि कीर्ति ने की थी।
- 3. चोल राजवंश के पुनरुत्थान का श्रेय विजयालय को जाता है, जिसने तंजावुर को अपनी राजधानी बनाया और 'निशुंभसुदनी' (दुर्गा) देवी के मंदिर का निर्माण करवाया था।
- 4. पल्लव राजा राजसिंह (नरिंसहवर्मन् द्वितीय) ने कांची में प्रसिद्ध 'कैलासनाथ मंदिर' का निर्माण करवाया था, जो द्रविड़ वास्तुकला की प्रारंभिक शैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
दिए गए सभी कथन पूर्णतः सत्य हैं। वर्धन राजवंश के शासक हर्षवर्धन को नर्मदा नदी के तट पर चालुक्य सम्राट पुलकेशिन द्वितीय ने पराजित किया था, जिसका सजीव वर्णन विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रवि कीर्ति द्वारा रचित ऐहोल अभिलेख में मिलता है। इसके अतिरिक्त, पल्लव राजा नरसिंहवर्मन् प्रथम ने वातापी पर अधिकार कर 'वातापीकोंड' की उपाधि ली, विजयालय ने चोल साम्राज्य की नींव रखकर तंजावुर में निशुंभसुदनी मंदिर बनवाया, और राजसिंह (नरिंसहवर्मन् द्वितीय) ने कांची के प्रसिद्ध कैलासनाथ मंदिर का निर्माण करवाया था।
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अंतिम पेशवा बाजीराव द्वितीय को पेंशन देकर कहाँ भेज दिया गया था?
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वैदिक सभ्यता और साहित्य के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऋग्वैदिक काल में पुरोहितों को दक्षिणा के रूप में मुख्य रूप से गायें और घोड़े दिए जाते थे, जबकि कृषि भूमि के निजी स्वामित्व या उसके क्रय-विक्रय का कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिलता है।
2. उत्तर वैदिक काल में लोहे के व्यापक प्रयोग (कृष्ण अयस) के कारण कृषि अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई, जिससे 'जन' के स्थान पर बड़े क्षेत्रीय राज्यों या जनपदों का उदय हुआ और गोत्र व्यवस्था सामाजिक संस्था के रूप में स्थापित हुई।
3. शतपथ ब्राह्मण में कृषि से जुड़ी सभी प्रमुख क्रियाओं—जुताई, बुआई, कटाई और मड़ाई का विस्तृत विवरण मिलता है, तथा इसी ग्रंथ में विदेह माधव की कथा के माध्यम से आर्यों के सदा नीरा (गंडक नदी) की ओर पूर्वward प्रसार का उल्लेख है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन और प्रमुख संगठनों के विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1913 में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भाखना द्वारा अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में 'पैसिफिक कोस्ट एसोसिएशन ऑफ अमेरिका' की स्थापना की गई थी, जिसे आगे चलकर इसके साप्ताहिक पत्र 'गदर' के नाम पर 'गदर पार्टी' के रूप में प्रसिद्धि मिली।
2. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) का पुनर्गठन किया गया और इसका नाम बदलकर 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) कर दिया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य समाजवाद की स्थापना करना था।
3. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने ट्रेड डिस्प्यूट बिल और पब्लिक सेफ्टी बिल के विरोध में तथा बहरों को अपनी आवाज सुनाने के उद्देश्य से 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधान सभा में बम फेंका था, और इस घटना के पश्चात उन्होंने मौके से फरार होने के बजाय जानबूझकर गिरफ्तारी दी थी।
4. चटगाँव शस्त्रागार लूट (Chittagong Armoury Raid) का नेतृत्व करने वाले क्रांतिकारी सूर्य सेन (जिन्हें 'マスターदा' भी कहा जाता था) ने 'इंडियन रिपब्लिकन आर्मी' (IRA) की चटगाँव शाखा का गठन किया था, जिसका उद्देश्य ब्रिटिश सेना के शस्त्रागारों पर कब्जा कर सशस्त्र क्रांति का संचालन करना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत सरकार अधिनियम, 1858' और क्वीन विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के द्वारा भारत में 'कंपनी शासन' (Rule of the Company) को समाप्त कर दिया गया और ब्रिटिश क्राउन (Crown) ने भारत का प्रत्यक्ष प्रशासन अपने हाथों में ले लिया, तथा ब्रिटिश मंत्रिमंडल में एक नए पद 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) का सृजन किया गया, जिसे सहायता के लिए 15 सदस्यीय 'भारत परिषद' (India Council) दी गई।
2. क्वीन विक्टोरिया की घोषणा (जिसे 'मैग्नाकार्टा' भी कहा जाता है) में यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीय रियासतें हड़पने की नीति (Doctrine of Lapse) को भविष्य में भी जारी रखेगी ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे और राजाओं को उत्तराधिकारी गोद लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
3. इस घोषणा में भारतीयों को उनके नस्ल, धर्म या जन्मस्थान के आधार पर बिना किसी भेदभाव के योग्यता के अनुसार सरकारी सेवाओं में नियुक्त किए जाने का विश्वास दिलाया गया, तथा प्राचीन भारतीय परंपराओं और धार्मिक सामाजिक आचार-विचारों में अहस्तक्षेप की नीति अपनाने की घोषणा की गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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