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History of India
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सत्रहवीं शताब्दी के शुरुआती दशकों में पुर्तगालियों और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच भारत में वर्चस्व की प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1612 में लड़े गए 'स्वाली के युद्ध' (Battle of Swally) में ब्रिटिश नौसेना ने पुर्तगालियों की नौसैनिक ताकत को पराजित किया, जिसके परिणामस्वरूप मुगल सम्राट जहांगीर ने अंग्रेजों को सूरत में एक स्थायी कारखाना स्थापित करने की अनुमति प्रदान की।
- 2. पुर्तगाली वायसराय अल्फांसो डी अल्बुकर्क ने वर्ष 1510 में बीजापुर के सुल्तान यूसुफ आदिल शाह से गोवा छीनकर उसे पुर्तगाली साम्राज्य का मुख्य प्रशासनिक और वाणिज्यिक केंद्र बनाया था, तथा उसने भारत में पुर्तगाली शक्ति को मजबूत करने के लिए भारतीय महिलाओं से विवाह करने की नीति को प्रोत्साहित किया था।
- 3. ब्रिटिश ईस्ट India कंपनी के गठन के समय ही उसे भारत के साथ व्यापार करने का एकाधिकार प्रदान किया गया था, और शुरुआत से ही मुगल दरबार में थॉमस रो को आधिकारिक राजदूत के रूप में तुरंत स्वीकार कर लिया गया था, जिससे उन्हें पूरे साम्राज्य में बिना किसी कर के व्यापार करने की खुली छूट मिल गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि वर्ष 1612 में स्वाली के युद्ध में कैप्टन थॉमस बेस्ट के नेतृत्व में ब्रिटिश नौसेना ने पुर्तगालियों को पराजित किया, जिससे मुगलों पर अंग्रेजों का प्रभाव बढ़ा और सूरत में कारखाना खोलने की अनुमति मिली। कथन 2 भी सही है; अल्फांसो डी अल्बुकर्क ने 1510 में गोवा पर अधिकार किया और पुर्तगालियों की संख्या बढ़ाने के लिए स्थानीय महिलाओं से विवाह की नीति (Cartaz system और matrimonial policy) अपनाई। कथन 3 गलत है क्योंकि थॉमस रो को पूरे मुगल साम्राज्य में कर-मुक्त व्यापार की अनुमति नहीं मिली थी, बल्कि केवल कुछ विशेष रियायतें ही प्राप्त हुई थीं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
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मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक संरचना, आर्थिक व्यवस्था और अशोक के धम्म तथा शिलालेखों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' के अनुसार मौर्य कालीन केंद्रीय प्रशासन में 'आकर अध्यक्ष' खानों (mines) का अधीक्षक था, जबकि 'पण्यध्यक्ष' वाणिज्य और बाजार का नियंत्रण करने वाला प्रमुख अधिकारी था।
2. अशोक के 'पृथक कलिंग शिलालेख' (धौली और जौगढ़) में यह घोषणा की गई है कि 'सभी प्रजा मेरी संतान के समान है', और जिस प्रकार मैं अपनी संतान के इस लोक और परलोक के कल्याण की कामना करता हूँ, उसी प्रकार सभी मनुष्यों के कल्याण की कामना करता हूँ।
3. मौर्य प्रशासन में प्रांतीय शासन के तहत 'कुमार' या 'आर्यपुत्र' उन प्रांतपतियों (Governors) को कहा जाता था जो शाही परिवार से संबंधित होते थे, जबकि निम्न प्रांतों का प्रशासन सामान्य महामात्रों द्वारा चलाया जाता था।
4. जूनागढ़ (गिरनार) अभिलेख के अनुसार चंद्रगुप्त मौर्य के गवर्नर पुष्यगुप्त वैश्य ने सौराष्ट्र क्षेत्र में सुदर्शन झील का निर्माण करवाया था, जिसका बाद में अशोक के महामात्र तुषास्प द्वारा जीर्णोद्धार कराया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास में बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म के दार्शनिक सिद्धांतों और उनकी ऐतिहासिक परंपराओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जैन धर्म के 'स्यादवाद' (अनेकांतवाद) के सिद्धांत के अनुसार सत्य अनेक रूपों वाला होता है और ज्ञान की सापेक्षता को स्वीकार करते हुए किसी भी वस्तु के गुणों को पूर्ण रूप से एक ही दृष्टिकोण से नहीं देखा जा सकता, जबकि बुद्ध ने चरम तपस्या और भोग-विलासिता दोनों का त्याग कर 'मध्यम मार्ग' (मज्झिम पतिपदा) का उपदेश दिया।
2. जैन संघ और बौद्ध संघ दोनों में ही प्रारंभिक काल से महिलाओं को पूर्ण प्रवेश की अनुमति थी, और महावीर स्वामी की माता त्रिशला जैन संघ में प्रविष्ट होने वाली प्रथम भिक्षुणी थीं जबकि महात्मा गांधी की तर्ज पर गौतम बुद्ध की माता महाप्रजापति गौतमी बौद्ध संघ में शामिल होने वाली प्रथम महिला थीं।
3. जैन धर्म में आत्मा के अस्तित्व को स्वीकार किया गया है तथा मोक्ष प्राप्ति के लिए कायाकल्प और संथारा (संलेखना) जैसी कठोर तपस्या पर बल दिया गया है, जबकि बौद्ध धर्म 'अनात्मवाद' और 'अनित्यवादी' सिद्धांतों का प्रतिपादन करता है, जिसके अंतर्गत वह स्थिर आत्मा (आत्मा या जीव) के शाश्वत अस्तित्व को नकारता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में बाबू कुंवर सिंह और उनके छोटे भाई अमर सिंह के नेतृत्व तथा संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरा और शाहबाद क्षेत्र में अंग्रेजों के विरुद्ध भीषण संघर्ष का नेतृत्व करने वाले बाबू कुंवर सिंह ने दानापुर के विद्रोही सिपाहियों के साथ मिलकर ब्रिटिश सेना को कई मोर्चों पर परास्त किया तथा अपनी वृद्धावस्था के बावजूद गंगा नदी पार करते समय अंग्रेजों की गोली से घायल होने पर अपना एक हाथ स्वयं काटकर गंगा को समर्पित कर दिया था।
2. बाबू कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात उनके भाई अमर सिंह ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष को समाप्त करने के बजाय कैमूर की पहाड़ियों और जंगलों से छपाए-मार (Guerrilla) युद्ध की रणनीति का सफल संचालन किया और लंबे समय तक ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दी।
3. अमर सिंह के नेतृत्व वाले इस विद्रोही प्रतिरोध को कुचलने के लिए ब्रिटिश सरकार ने बिहार में अत्यधिक दमनकारी नीतियां अपनाईं, जिसके तहत अंततः अमर सिंह को नेपाल नरेश द्वारा शरण दिए जाने के कारण ब्रिटिश सेना उन्हें कभी गिरफ्तार नहीं कर पाई और उनकी मृत्यु नेपाल की तराई में ही प्राकृतिक कारणों से हुई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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अकबर द्वारा निर्मित फतेहपुर सीकरी का "पंचमहल" किस धर्म की वास्तुकला की नकल माना जाता है?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उदय से पूर्व ब्रिटिश शासन की आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रिटिश भू-राजस्व नीतियों और उद्योगों के विऔद्योगिकीकरण (Deindustrialization) के परिणामस्वरूप भारतीय हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों का पूर्ण पतन हो गया, जिससे पारंपरिक कारीगर और शिल्पकार सीधे तौर पर बेरोजगार होकर कृषि पर निर्भर होने के लिए विवश हो गए।
2. वर्ष 1850 में पारित 'धार्मिक अयोग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act) ने यह प्रावधान किया कि हिंदू से ईसाई धर्म में परिवर्तित होने वाले व्यक्ति को उसके पैतृक संपत्ति के अधिकारों से वंचित नहीं किया जाएगा, जिसे रूढ़िवादी भारतीय समाज ने अपनी धार्मिक परंपराओं पर सीधा हस्तक्षेप माना।
3. लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झांसी का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय किया गया था, जिससे केवल राजाओं और नवाबों में असंतोष उत्पन्न हुआ, जबकि ग्रामीण कृषक वर्ग इस नीति से पूरी तरह अप्रभावित रहा।
4. सेना के भीतर लागू 'सामान्य सेवा उपनियम अधिनियम' (General Service Enlistment Act) के तहत भारतीय सैनिकों के लिए समुद्र पार विदेशी भूमि पर सेवा देना अनिवार्य कर दिया गया था, जिसे पारंपरिक समाज में समुद्र यात्रा को वर्जित मानने वाले सैनिकों ने अपनी धार्मिक भावनाओं पर कुठाराघात माना।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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